10 Benefits Of Meditation For Students

Written by Sneh Desai on May 4, 2017

Meditation For Students



Students struggling to keep up with studies and school or college, life can be easier with regular practice (at least once or twice a day) of meditation where you can see improvements in health and well-being and a sharp betterment in their academic performance.

1. Less Fear: Most parents associate the absence of good academic performance of their child with inability or lack of talent. This could not have been far from the truth. What restrains children is the fear of the exact same thing!! They do not want others (least of all their parents) to judge them or brand them. This fear creates a cloud of negativity and hence increases bad performance, which in reality has nothing to do with any form of incapability at all. Meditation can help relax such fears and phobias. Since children are at an impressionable age, if they do not practice meditation, this can associate such negativity into perpetual failure in the long run. This alone should be a very important reason to propagate meditation amidst students.

2. Increasing IQ: Meditation leads to major changes in brain waves enabling creative positive thinking, practical intelligence and IQ. It helps in increased amounts of productivity and brain functions thereby improving the ability to reason and make sound decisions in novel situations.

3. Increased Memory: Many students face issues when they are able to grasp concepts but not being able to retain certain important things for an examination. Meditation helps overcome this issue to a very large extent by improving memory and overall brain functioning. There are numerous easy techniques you can learn to improve your memory in ‘Memory Power’ DVD by Sneh Desai.

4. Improved Concentration: With reduced levels of stress and high level of peace of mind, meditation provides calm to anxiety levels and ADHD symptoms that students are most commonly prone to. It helps in better concentration and gives a very positive outlook to tasks at hand resulting in increased brain processing and language-based skills.

5. Better Achievements: Students who practice meditation have seen to be performing a lot better academically than the rest. This is because meditation helps in garnering a lot of control over unproductive thoughts, increases focus and provides an impeccable mental clarity.

6. Improved Self-Confidence: Self-esteem and confidence take a boost with practiced meditation. It ensures a sharper brain and results in harmonious intellectual performance thereby helping students to only constantly improve and get out of their comfort zones when required to present themselves with confidence and developing an enhanced personality.

7. Reduction in Depression and Anxiety: Meditation helps in many phobias and fears. A lot of students who are probably great at being able to perceive academically are still unable to show results due to their anxiety levels during an examination. Also, such anxiety can lead to a poor performance thereby depriving them of their desired results. Such a continuous feat can also lead to a very early depression amongst students. Hence meditation garners a positive outlook and also helps them to not give in to any extreme behavioral pattern like alcoholism or addiction to drugs or even suicidal tendencies etc.

8. Increased Emotional Well-Being: Meditation helps in focusing on the present without letting the fear of the unknown future taking over. It enables emotional well-being amongst students thereby improving their levels of happiness irrespective of having the world to dictate their judgment upon them. It can provide clarity for decision making about their careers by carefully weighing their strengths, weaknesses and other pros and cons.

9. Helps To Persevere: When something as positive as meditation happens at an early stage in your life, one automatically learns to persevere and look at the brighter side of life to move on and achieve his/her goals despite despair. Hard work can also lead to failures sometimes, but not wanting to give up can only be achieved by positive affirmations and perseverance as promoted through active meditation.

10. Improved Sleep: In a sleep-deprived world, meditation can help students to sleep well and in moments of stress, to sleep less yet have the same refreshed attitude to be able to perform longer lengths of mental activities without feeling self-deprecating and exhausted.
(Download: Sneh Desai’s meditation app)

विद्यार्थियों के लिए चिंतन के १० फायदे:

जो विद्यार्थी अपनी स्कूली या कॉलेज की पढाई के साथ-साथ चलने के लिए परिश्रम करते हैं, वे चिंतन के नियमित अभ्यास से (हर रोज़ कम से कम एक या दो बार) अपने स्वास्थ्य और कल्याण में तथा अपने शैक्षिक कामकाज में काफी उन्नति देख सकते हैं|

१. कम भय: ज्यादातर माँ-बाप अपने बच्चों के अच्छे शैक्षिक कामकाज के अभाव का कारण उनकी अक्षमता या कौशल की कमी को मानते हैं| यह सच्चाई से कोसों दूर है| सच तो यह है कि, बच्चों को जो रोकता है वह है ठीक उसी बात का डर! वे नहीं चाहते की लोग (खास करके उनके माँ-बाप) उन्हें आँके या उन पर किसी प्रकार की छाप मारें| यह भय एक नकारात्मकता का बादल बना देता है जिसके कारण खराब कामकाज बढ़ जाता है, जिसका ताल्लुक किसी भी तरह की अक्षमता से नहीं है| चिंतन ऐसे डर या भय का शमन करने में मददरूप होता है| यदि बच्चे इसका अभ्यास ना करें तो, अंततः ऐसी नकारात्मकता को वे शाश्वत असफलता के साथ जोड़ देते हैं, क्योंकि वे आसानी से प्रभावित होने वाली उम्र में हैं| विद्यार्थियों को चिंतन की ओर प्रोत्साहित करने के लिए यह एक कारण ही अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और काफी है|

२. बौध्दिक स्तर बढ़ाना: चिंतन से सूझ में बड़े-बड़े बदलाव आते हैं जो सर्जनात्मक व हकारात्मक सोच, व्यावहारिक बुध्दी तथा बौध्दिक स्तर को समर्थ बनाते हैं| यह उत्पादकता तथा मस्तिष्क की कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद करता है जिसके फल:स्वरूप विवेक बुध्दी बेहतर ही जाती है जिसके चलते हर नई परिस्थिति में सही निर्णय लेने में मदद होती है|

३. स्मरणशक्ति में बढ़ोतरी: जब वे किसी संकल्पना को समझ लेते हैं लेकिन उसे परीक्षा के लिए न आसानी से याद कर सकते हैं और ना ही महत्त्व के मुद्दे याद रख सकते हैं, तब कई विद्यार्थी तकलीफों का सामना करते हैं| चिंतन, स्मरणशक्ति को बेहतर करके तथा मस्तिष्क के समस्त कार्यशीलता को बढ़ाकर इस तकलीफ पर काबू पाने में काफी सारी सहायता करता है| स्नेह देसाई की मेमरी डीवीडीमें ऐसी बहोत सी सरल टेक्निक्स है, जिससे आप अपनी स्मरणशक्ती बढ़ा सकते है|

४. एकाग्रता में बढ़ोतरी: जब तनाव का स्तर कम हो जाता है और मन की शांति बढ़ जाती है, चिंतन फ़िक्र के स्तर को और ए.डी.एच्छ.डी. संलक्षण (ADHD सिंड्रोम), जिससे काफी विद्यार्थी परेशान होते हैं, को शांत करता है| यह बेहतर एकाग्रता में मदद करता है और हाथ लिए कार्यों को एक हकारात्मक नजरिया देता है जिसके फल:स्वरूप मस्तिष्क के प्रक्रमण में तथा भाषाकीय कुशलताओं में बढ़ोतरी होती है|

५. बेहतर उपलब्धियाँ: जो विद्यार्थी चिंतन का अभ्यास करते हैं वे शैक्षिक प्रणाली में दूसरों से कहीं बेहतर परिणाम पाते हुए नज़र आते हैं| इसका कारण यह है की चिंतन से निरर्थक विचारों पर काफी हद तक काबू, केन्द्रीकरण में बढ़ोतरी, तथा त्रुटिहीन दिमागी स्पष्टता पाई जा सकती है|

६. बेहतर आत्मविश्वास: अभ्यस्त चिन्तन के कारण आत्मसम्मान और विश्वास को प्रोत्साहन मिलता है| इससे ज्यादा तेज़ दिमाग पाना निश्चित है; जिसका परिणाम है सुव्यवस्थित बौध्दिक कामकाज, जिसके चलते विद्यार्थियों को लगातार बेहतर बनने, तथा जब भी ज़रूरी हो तब अपनी आरामदायक स्तिथि से बाहर निकलकर खुद को आत्मविश्वास और एक बेहतर व्यक्तित्व के साथ पेश करना सुनिश्चित हो जाता है|

७. निराशा व चिन्ता में ह्रास: चिन्तन कई डर व भय में अच्छा काम देता है| कई विद्यार्थी जो हर परीक्षा में संभवतः अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, वे भी परीक्षा दरम्यान के डर और चिन्ता के कारण खुद की सही काबिलियत दिखा नहीं पाते| साथ ही ऐसी चिंता खराब कामकाज में रूपांतरित होकर उन्हें अच्छे परिणामों से वंचित रखती है| ऐसा लगातार होने से विद्यार्थियों में शीघ्र ही निराशा छा जाना सामान्य है| अतः चिंतन से एक हकारात्मक रवैया प्राप्त होता है और उन्हें किसी भी सख्त व्यवहारिक ढाँचे में जैसे की मदिरापान, या नशीले पदार्थों का सेवन, या फिर आत्मघाती इच्छाएँ, आदि के सामने झुक जाने से या ढलने से रोकता है|

८. भावात्मक तंदुरस्ती में बढ़ोतरी: चिंतन हमें वर्तमान पर ध्यान देने में मदद करता है और अनिश्चित भविष्य के भय को हम पर हावी नहीं होने देता| यह विद्यार्थियों को भावात्मक तंदुरस्ती प्राप्त कराता है जिसके कारण, दुनिया उनके बारे में क्या सोचती है उस भर ध्यान दिए बिना, उनकी ख़ुशी का स्तर बेहतर हो जाता है| इससे उन्हें अपने व्यवसाय के बारे में निर्णय लेने में स्पष्टता होती है क्योंकि वे अपनी ताकतों, अपनी कमजोरियों, तथा अन्य तर्क-वितर्क का स्पष्ट रूप से विचार कर सकते हैं|

९. डटे रहने में सहायक: जब चिंतन जैसी हकारात्मक बात हमारे जीवनकाल के पहले चरण में हो जाती है, तो हम अनायास ही डटे रहना और ज़िन्दगी के उज्जवल पहेलु को देखना सीख जाते हैं जिसके कारण, निराशा के बावजूद, हम अपनी मंजिल पाने में समर्थ होते हैं| कड़ी मेहनत करके भी कभी-कभी निष्फलता का सामना करना पड़ता है, लेकिन हार ना मानने की जिद केवल हकारात्मक कथनों और दृढ़ता से ही हासिल हो सकती है, जो सक्रीय चिंतन से ही संभव है|

१०. बेहतर निद्रा: इस निद्रा से वंचित दुनिया में, चिंतन विद्यार्थियों को अच्छी नींद लेने में, तथा तनाव के क्षणों में कम नींद के बावजूद पहले जैसा तरोताज़ा रवैया प्राप्त करने में और अपना बौध्दिक काम, बिना थके या बिना आत्म-विरोधी विचारों के, लम्बे समय तक कर पाने में सहायक होता है|
(डाउनलोड करे: स्नेह देसाई मैडिटेशन ऐप्प)

Share