10 SIMPLE TOOLS TO BOOST YOUR MOOD

Written by Sneh Desai on April 7, 2018

boost your mood




Sometimes we let our external world influence us so much that we end up getting controlled by it rather than being in the driver’s seat ourselves. Mood-swings are tolerable if they spurt once in a blue moon, but when it becomes a regular phenomenon, we need to find ways to be more focused towards what we want instead of being ruled by our circumstances. Sometimes extremely little things can boost our moods and tune our mind-frequencies to feel better and more motivated. Read on to see how:-

1. Music

– Proven to be a great mood-lifter, music can really influence your mindset and improve your mood. So listen to your favorite music. Whenever you feel low, listen to an upbeat tune which will help you feel energized. It is the easiest go-to method for instant gratification. That’s why music plays one of the most significant roles in my Signature 2-days event ‘Change Your Life’.

2. Laugh Out Loud

– Again, an instant mood-changer. Learn to take a jibe at your own self once in a while without being too self-deprecating. This way you tend to become more accepting of your present realities and feel light-hearted enough to know that you can turn it all around for the better.

3. Eat Better

– When your mood takes a toll make sure you don’t stress-eat. Eating healthy is a tried and tested method to make you feel better about yourself and helps in boosting your mood. Fruits like kiwi, bananas, plums etc. are high in serotonin and hence can naturally give you the required push to feel better and more importantly give you an impetus to make healthier choices even when you don’t feel like it.

4. Smile

– Even if you don’t want to, even if it does not come naturally to you, SMILE. Look at yourself in the mirror and smile in all your glory. Smiling can organically make you feel great. It tends to naturally make you happy. It will automatically affirm your mind as to how your circumstances are attuned to your happiness and hence influence your mood.

5. List

– When your mood is in the gray-area, make sure you go up to a mirror, look at yourself and list down the things you love about yourself. This is a great start to changing your mood. Start with listing physical features you love about yourself. Keep this exercise on a roll all day long by silently listing in your head your emotional features that you yourself find quite admirable. Slowly, make this exercise external and mentally list down the things that you love about your surrounding area and the people you are with. If you can, try to actually tell someone else what you love and admire about them. And see how the tension dissipates!

6. Talk

– Seek a heart-to-heart session with your best friend or someone you can trust with every minute detail from your life. Talking about your problems with someone else makes you feel less burdened. But the condition is that while your friend can listen to you till the end of time, if you really want to change your mood, you need to be able to listen to your confidant’s advice as well. It gives you a certain sense of objectivity and pulls you back to being practical instead of being impulsive.

7. Happy Place

¬– Everyone should have a metaphorical happy place which they can access ever so frequently in order to feel better about themselves and their lives. It could be something as silly as just walking out of your office and taking a walk outside for five minutes, to watching something on Netflix and immediately feeling better. Find your happy place and adhere to it in order to manage your mood.

8. Activity

– One of the simplest tools to boost your mood is to be active. And by activity I don’t just mean regular workouts. Whenever you face an obstacle which has the power to bring you down, instead of giving such negativity more potency, just get up and, for a significant period of time, engage in some physically taxing activity. Like go out for a swim, dance it out, play a sport you love or if nothing go out for a jog or a walk, but be physically active and you shall see your anxieties melt away. If you can’t engage yourself in something time-taking then just do small things like organizing your office-desk and papers or completing any pending work. Or if you are at home, then cleaning your house or cooking or baking or anything which will help you get off of your couch and get moving. If you like reading, you can check out some of my books here:Life Skills Products which can not only help you get rid of your negative zone but also instil some healthy habits.

9. Express Your Feelings

– When things seem out of hand learn to express your feelings by writing it down in a journal (without holding back) or confronting the source of your discomfort but with graciousness and respect in place of aggression and anger. If you make your confrontation aggressive it will only add fuel to the fodder and make things worse instead of giving you a closure.

10. Little Things

– Mood can be so easily influenced that sometimes doing little things goes a long way. So do those little things which can make you feel better about yourself. If you are a stress-er then learn to relax and meditate for a few minutes or carry along yourself your favorite essential oil and smell it whenever you feel like the anxiety is unbearable. Help someone else in their work or assist the elderly or just be ready to give your support to someone else who is in dire need of it. Do these helpful deeds without having for someone else to ask you for your assistance. Be proactive!



आपकी मनोदशा को प्रोत्साहित करने के १० सरल साधन


कई बार अपनी बाहरी दुनिया का हम पर इतना प्रभाव पड़ने देते हैं की आखिर में हम उसके द्वारा नियंत्रित होते हैं और अपना खुद का नियंत्रण नहीं रख पाते| यदि मनोदशा में बदलाव साल में एकाद बार हो तो वह सहनीय है, लेकिन जब वह एक नियत घटना बन जाये तब हमें चाहिए कि हम अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहने के अधिक तरीके ढूंढें बजाय इसके कि हम हालात के मारे बने| कई बार बहुत छोटी चीजें हमारी मनोदशा को प्रोत्साहित करती हैं और हमारी दिमागी आवृत्ति को बेहतर व अधिक प्रेरित महसूस कराती हैं| कैसे, यह जानने के लिए आगे पढ़िए –

१. संगीत

– मनोदशा को सुधरने वाला एक सिध्द उपाय, संगीत, आपके पूर्वग्रह को सही माइनों में प्रभावित कर सकता है और आपकी मनोदशा में हकारात्मक बदलाव ला सकता है| अतः अपना प्रिय संगीत सुनें| जब भी आप व्यथित हो तब जोशपूर्ण धुन सुनें जिससे आप उत्साहित महसूस करेंगे| त्वरित संतुष्टि पाने का यह सबसे सरल तरीका है| इसी लिए मेरे चिन्हक कार्यक्रम ‘चेंज योर लाइफ’ में संगीत की सबसे अर्थपूर्ण भूमिका होती है|

२. जोर से हँसिए

– एक बार फिर, एक क्षण में ही मनोदशा में बदलाव लाने वाली बात| बहुत ज्यादा आत्म-विरोधी हुए बिना, कभीकभार खुद पर मजाक करना सीखिए| इस तरह आप आपकी वर्तमान वास्तविकता को अधिक स्वीकार करोगे और आप सारी बाज़ी को बेहतरी की ओर पलट सकते हो यह विश्वास करने जितना हल्का महसूस करोगे|

३. बेहतर खाएँ

– जब आपकी मनोदशा बिगड़ी हुई हो तब ध्यान दीजिए की आप दबाव में आकर कुछ भी न खाएँ| अच्छा और पौष्टिक खाने की आदत एक विश्वसनीय और जांची हुई आदत है, जो आपको अपने बारे में अच्छा महेसुस कराएगी और आपकी मनोदशा को प्रोत्साहित करेगी| कीवी, केले, आलूबुखारे, आदि फलों में सेरोटोनिन की मात्र अधिक होती है अतः यह सारे नैसर्गिक रूप से आपको अच्छा महसूस करने के लिए जरुरी बल देंगे, और ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि, जब आप ऐसा करना नहीं चाहते तब भी आपको अधिक गुणकारी चयन करने की प्रेरणा मिलेगी|

४. मुस्कुराइए

– आप नहीं चाहते फिर भी, स्वाभाविक रूप से हंसी नहीं आती हो फिर भी मुस्कुराइए| शीशे में अपने आप को देखिए और पूरे जोश के साथ हँसिए| मुस्कुराने से आप कायिक रूप से अच्छा महेसुस करेंगे| वह स्वाभाविक रूप से आपको ख़ुश करता है| वह अपने आप दृढ़तापूर्वक आपके दिमाग को परिस्तिथि से अनुकूल करके उसे आपकी ख़ुशी के साथ एकरूप करता है जो आपकी मनोदशा को प्रभावित करता है |

५. सूचि बनायें

– जब आपकी मनोदशा ख़राब हो तब आप शीशे के सामने जा कर खड़े रहें, अपने आप को देखें और अपने बारे में जो कुछ भी अच्छा लगे उसकी सूचि बनाइए| यह आपकी मनोदशा बदलने की अच्छी शुरुआत है| आप अपने शारीरिक लक्षण, जो आपको ज्यादा पसंद हों, की सूचि से शुरू करें| पुरे दिन यह अभ्यास चालू रखें और शांति से अपने दिमाग में चल रहे भावनात्मक लक्षण जो आपको प्रशंसनीय लगते हैं, उनकी मानसिक सूची बनाएँ| धीरे-धीरे, यह अभ्यास बाहरी रूप से करें और मानसिक रूप से खुद के बारे में तथा आपके इर्दगिर्द की चीजें या लोगों के बारे में जो भी अच्छा लगे उसकी सूची करें| यदि हो सके तो, कोशिश कीजिये की आप किसीकी तारीफ करें और उन्हें बताएँ
की आपको उनमें क्या अच्छा लगता है| और देखें तनाव कैसे झट से गायब होता है!

६. बातें करें

– अपने सब से अच्छे दोस्त के साथ बैठकर ह्रदय पूर्वक बातें करें या जिस पर आप को विश्वास हो उसके साथ विस्तार अपने जीवन के प्रत्येक क्षण की बात करें| अपनी मुश्किलों के बारे मे दूसरों से बात करने से आपका भार कम होता है| पर शर्त यह है की जब आपका दोस्त आपकी बातें अंत तक सुनता है, और अगर आप चाहते हों की आपकी मनोदशा बदले, तो आपको चाहिए की अपने विश्वासु व्यक्ति की सलाह आप भी मानें| यह आपको निष्पक्षता की भावना देगा और आपको आवेगशील बनाने के बदले वास्तविक बनने की ओर वापस ले जाएगा|

७. प्रसन्न जगह

– हर एक के पास एक लाक्षणिक प्रसन्न-जगह (ख़ुशी देने वाली जगह) होनी चाहिए जहाँ वह बार बार पहुँच सके ताकि वह अपने आप के तथा अपनी जिंदगी के बारे में अच्छा महसूस कर सके| वह कुछ अत्यधिक सादा भी हो सकता है जैसे ऑफिस के बाहर निकलकर ५ मिनिट के लिए टहलना, या नेट-फ्लिक्स पर कुछ देखना और तुरंत अच्छा महसूस करना| अपनी प्रसन्न-जगह खोजिए और उससे लगे रहें ताकि आप अपनी मनोदशा को अच्छे से संभाल सकें|

८. प्रवृत्ति

– मनोदशा को सुधरने का एक सरल साधन है कार्यशील रहना| और प्रवृत्ति से मेरा मतलब रोज के काम नहीं है| जब भी आपको कोई रूकावट आए जो आपके मनोदशा को भंग कर सके, बजाय इसके की ऐसी नकारात्मकता को ज्यादा शक्ति दें, उठिए और कुछ समय के लिए खुद को शारीरिक कार्य में लगाइए, जैसे तैरने जाना, नृत्य करना, कोई पसंदीदा खेल खेलना, या कुछ नहीं तो दोड़ने या चलने जाना, ऐसी कोई भी शारीरिक क्रिया कीजिए और आप सारी चिंताओं को पिघलते देखेंगे| अगर आप खुद को ऐसी कोई समय बिताने वाली क्रिया में नहीं लगा पाते होतो आपके दफतर की मेज साफ़ कीजिए, उस पर के कागज़ ठीक व साफ़ कीजिए, कोई अधुरा काम हो तो उसे पूरा कीजिए| या अगर आप घर में है तो घरकी सफाई कीजिए, खाना बनाइए, या कुछ भी ऐसा कीजिए जो आपको बैठा न रहने दे बल्कि उठ खड़ा करे| अगर आपको पढना पसंद है तो मेरी कुछ किताबों में से कुछ पढ़ सकते हैं जिसकी सूचि यहाँ है लाइफ स्किल प्रोडक्ट्स जो आपको न सिर्फ नकारात्मक विचारों से बहार लाएँगीं बल्कि आपमें कुछ अच्छी व स्वस्थ आदतें भी डालेंगीं|

९. अपनी भावनाओं को व्यक्त कीजिए

– जब आपको लगे की चीजें आपके आपे से बाहर निकल रही है तो अपनी भावनाओं को एक डायरी में लिख कर व्यक्त करना सीखिए [बिना किसी संकोच के] या जिस वजह से (या जिस व्यक्ति के कारण) आपको परेशानी होती है उस का मुकाबल कीजिए, लेकिन शालीनता से और अदब के साथ; अतिक्रमण या गुस्से से नहीं| यदि आप मुकाबला अतिक्रमण के साथ करते हैं तो घास पर इंधन डालने जैसा होगा और बात ख़त्म होने के बजाय और भी बिगड़ेगी|

१०. छोटी बातें

– मनोदशा इतनी आसानी से प्रभावित हो सकती है की कभी-कभी छोटे-छोटे काम करने से भी बड़ा काम बन जाता है| अतः वे सारी छोटी चीज़ें करें जो आपको खुद के बारे में अच्छा महसूस कराएँ| यदि आप तनाव लेने वाले व्यक्ति हो तो कुछ पलों के लिए विश्राम करना और ध्यान करना सीखें या अपने साथ अपना पसंदीदा ‘गंध तेल’ रखें और जब भी आपको असह्य चिंता महसूस हो तो उस तेल को सूंघें| किसी और को उसके काम में मदद कीजिये या किसी वृध्द को सहायता दीजिये या ऐसे किसी व्यक्ति को मदद करने के लिए तैयार रहिये जिसे उसकी अत्यधिक ज़रुरत हो| कोई सहायता माँगे इससे पहले ही यह सारे सहायक कार्य करें| कार्यशील बनें!

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