3 STEPS: TURN YOUR PAIN INTO A SPIRITUAL EXPERIENCE!

Written by Sneh Desai on November 24, 2018

Turn pain into spiritual experience




This topic came to my mind after I recently completed my 4-days spiritual retreat ‘Experience Awakening’ where we talked about turning any pain into a spiritual experience. I am sure most of you are aware of the common saying “no pain, no gain.” However, in practice, most of us are unable to foresee how our present pain benefits us in the future. Have we not often looked back upon our miseries & thanked our struggles & pain? Because it is only then that we are truly able to cherish our successes. Therefore, it is essential that we teach ourselves to profit from this pain in the present itself! If you are going through any trouble, pain, anxiety, stress, depression, unhappiness, loneliness, anger, jealousy – or any other negative emotion – this post is for you because we are going to discuss how to use this to gain a fruitful spiritual experience!

Step 1 – Convert

– One simple way to struggle with pain yet not feel it is to convert it into something that you might care about. This step is fairly easy for artists because every painter, writer, actor or anyone even remotely connected to any field of art have one thing in common. They have all struggled with their inner demons! The process of struggling is what makes them stand out. But what about those who are not artists? Well, it is easier because your livelihood is not dependent on this work of art. Thus, you need not be perfect. So even if you are not the most perfect writer, you can still write your feelings down. Because it does not need to be perfect, it simply needs to be honest! And there’s no one to judge you. Simply writing down your issues can help you gain clarity. How?

Step 2 – Realize

– Once you choose the tool of your choice to convert your negative emotion into something worthwhile, you will automatically be hit by many realizations. For example, you will find out exactly what you have been doing wrong, or what kind of words trigger certain insecurities within you & make you negative, or which person is bothering you to no end! The whole point is to be able to open up to your own self & simply accept the problem or the pain. Pain is meant to be felt, just like how you feel happiness! Once you start avoiding the pain, you will attract more problems. However, once you realize so as to what the issue is, i.e., once you get that clarity (it could also be a certain defect or fault in your deeds or words, and it’s okay!) of the obstacle to your peace of mind, you will automatically KNOW what you NEED to do in order to get back to normal!

Step 3 – Let It Go

– Simply let it go. Whatever difficulty it is that you are facing, can be generalized & made to feel like a privilege in front of many other BIGGER problems in the world. This does not mean that your issues are not important, but the whole point of a spiritual upliftment is the fact that you shall feel like just a drop in the ocean yet capable of BIG things in life. Again how? By letting your problems go. More often than not, what bothers us is our ego. Our ego faces major difficulties in accepting certain perspectives. However, if we just let go of it AFTER the aforementioned realization we can be more productive, happy & accepting!

It is very important to note that this “letting go” needs to happen in an above mentioned manner ONLY. If you force yourself to let go without correct realizations or epiphanies, you will only end up confusing yourself & feel lost. Which is not what we want if you truly want to LET GO an obstacle from its roots. This is for those long-term serious issues that you have been facing or trying to overcome for a significant period of time. If you’d like to learn and know more, I would strongly recommend you to listen to my special program ‘Energizer 4: Every problem has a spiritual solution.’



3 कदम: अपनी पीड़ा को एक आध्यात्मिक अनुभव में बदल डालिए!

यह विषय मेरे दिमाग में तब आया जब मैंने हाल ही में अपने 4-दिनों के आध्यात्मिक एकांतवास ‘अनुभव जागृति’ (Experience Awakening) को पूरा किया, जहां हमने किसी भी दर्द को आध्यात्मिक अनुभव में बदलने के बारे में बात की। मुझे विश्वास है कि आप में से ज्यादातर लोगों ने यह मुहावरा सुना होगा- “बिना कष्ट किये कोई फल नहीं मिलता”। हालांकि, व्यावहारिक रूप से, हम में से बहुत सारे लोगों को यह समझ में नहीं आता की अभी के दर्द से हमें भविष्य में क्या लाभ होगा। क्या हमने अक्सर हमारे पुराने दुखों को याद नहीं किया है और हमारे संघर्ष और दर्द का महत्त्व समझा है? क्योंकि केवल तभी हम सही में हमारी सफलताओं को पूरी तरह से संजोते हैं। इसलिए, यह जरुरी है कि हम अभी से इस दर्द से खुद को सिखाएं! यदि आप किसी भी परेशानी, दर्द, चिंता, तनाव, अवसाद, दुःख, अकेलापन, क्रोध, ईर्ष्या – या कोई अन्य नकारात्मक भावना से गुजर रहे हैं – तब यह पोस्ट आपके लिए है, क्योंकि हम चर्चा करने जा रहे हैं कि एक उपयोगी आध्यात्मिक अनुभव लेने के लिए इसका उपयोग कैसा किया जाए!

चरण 1 – बदलें

– दर्द से संघर्ष करने का एक आसान तरीका है – इसे उस चीज़ में बदल डालना जिसकी आप परवाह कर सकते हैं। यह कदम कलाकारों के लिए काफी आसान है क्योंकि प्रत्येक चित्रकार, लेखक, अभिनेता या किसी भी कला के किसी भी क्षेत्र से जुड़े किसी के लिए भी एक चीज़ समान है। उन सभी ने अपने भीतर के शैतानों के साथ संघर्ष किया हैं! संघर्ष के कारण ही वे खास बन गए है। लेकिन उन लोगों के बारे में क्या जो कलाकार नहीं हैं? खैर, यह आसान है क्योंकि आपकी आजीविका कला पर निर्भर नहीं है। और इसलिए, आपको आदर्श होने की जरुरत नहीं हैं। आप सबसे अच्छे लेखक भले ही ना हो, फिर भी आप अपनी भावनाओं को लिख सकते हैं। क्योंकि इसमें सही होने की आवश्यकता नहीं है, इसमें केवल ईमानदार होने की जरूरत है! और आप पर फैसला सुनाने वाला कोई नहीं है। बस अपने मुद्दों को लिखने से आपको स्पष्टता मिलने में मदद हो सकती है। यह कैसे करें?

चरण 2 – समझें

– एक बार जब आप अपनी नकारात्मक भावना को कुछ सार्थक रूप में परिवर्तित करने के लिए अपनी पसंद का साधन चुनते हैं, तो आप खुद को बहुत कुछ समझ में आ जायेगा। उदाहरण के लिए, आपको यह पता चलेगा कि आप क्या गलत कर रहे हैं या किस प्रकार के शब्द आपके भीतर कुछ असुरक्षाएं निर्माण करती हैं और आपको नकारात्मक बनाती हैं या कौन सा व्यक्ति आपको बहुत ज्यादा परेशान कर रहा है! पूरा मुद्दा अपने आप को खुला करने और समस्या या दर्द को स्वीकार करने में सक्षम बनाना है। जैसे आप खुशी महसूस करते हैं, दर्द भी वैसे ही महसूस करने के लिए होता है! जब आप दर्द से बचने की कोशिश करने लगते हैं, तो आपको अधिक समस्याएं आयेगी। हालांकि, एक बार जब आप महसूस करते हैं कि समस्या क्या है, यानी, जब आपको उस विषय पर स्पष्टता आ जाती हैं जो आपके मन की शांति में बाधा डाल रही हैं (यह आपके कार्य या शब्दों के दोष या गलती के कारण भी हो सकता है और यह बड़ी बात नहीं है!) तब आपको खुद ही पता चल जाएगा कि सामान्य होने के लिए आपको क्या करना है!

चरण 3 – इसे भूल जाइये

– बस इसे भूल जाइये। आप जिस भी कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं, उसे सामान्य किया जा सकता है। दुनिया की कई अन्य बड़ी-बड़ी समस्याओं के सामने ये एकदम छोटे लगने लगते है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपके मुद्दे महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन आध्यात्मिक उत्थान का यह मुद्दा है कि आप समुद्र में बस एक बूंद की तरह महसूस करेंगे, लेकिन फिर भी जीवन में बड़ी चीजें करने लायक रहेंगे। फिर से प्रश्न आता है की यह कैसे होगा? अपनी समस्याओं को भूलकर। हमें अक्सर जो परेशान करता है वह हमारा अहंकार ही होता है। कुछ विचारों को स्वीकार करने में हमारे अहंकार को बड़ी कठिनाई होती है। हालांकि, अगर हम जरुरी सोच के बाद इसे छोड़ दें तो हम ज्यादा उत्पादक, खुश और स्वीकार करने वाले हो सकते हैं!

यह ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि यह “भूल जाना” केवल ऊपर दिए गए तरीके से होने की आवश्यकता है। यदि आप खुद को सही अहसास के बिना भूल जाने के लिए मजबूर करते हैं, तो आप केवल खुद को उलझन में डाल देंगे और खो जाएंगे। हम नहीं चाहते की वैसा हो, यदि आप सही में जड़ों से बाधा को दूर करना चाहते हैं। यह उन दीर्घकालिक गंभीर मुद्दों के लिए है जिनका आप सामना कर रहे हैं या बहुत समय से उसे दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि आप सीखना और जानना चाहते हैं, तो मैं आपको अपने विशेष कार्यक्रम ‘एनरजायज़र 4: प्रत्येक समस्या का आध्यात्मिक समाधान होता है’, (‘Energizer 4: Every problem has a spiritual solution.’) को सुनने की पक्की सलाह देता हूं।

Share