5 Qualities of Lord Krishna We Must Have

Written by Sneh Desai on September 1, 2018

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Rarely do we genuinely take some time out to think about the qualities some of our Lords (or role models) possessed whereby they got the status of actually being called the Almighty! Janmashtmi is here and it only seems fitting that today we talk about Shri Krishna & his personality traits that all of us must imbibe to live a fulfilling life & grow as a person every day.

Happiness –

Till date Lord Krishna is loved immensely by children majorly because he was so caring, sweet, mischievous & HAPPY at the same time! But his happiness was not sporadic – he had an infectious energy ALL THE TIME. For him life was a celebration – the means of making great things happen. But where did all the happiness come from? From Love & Compassion. One who feels love all the time can never be sad! Love is inseparable from Lord Krishna. In other words, we can say that he was the impersonation of Love. Only someone who loves to a great extent can attract happiness in his life. Something that I stress upon much in my ‘Krishna Katha’ Program. This is why everyone in and around him instantly felt such a strong sense of affection for him. Needless to say that, Happiness & Love bring along Divinity as a by-product.

Leadership –

Lord Krishna was a great leader because he was one of the greatest team players to have ever existed. For him Life was about the bigger picture where everyone co-existed with love for one another. Why? Because he could think positively about everyone even in the time of crisis. As a master-mind strategist & manager, he could tactfully handle each situation effortlessly. This is what great leaders do – they include everyone & make sure that no one benefits at the expense of the other, especially in the middle of chaos. It is always about thinking of the other person first.

Student Of Life –

The greatest of Gurus are learners first! Lord Krishna was no different. Already a master of supreme truths – as seen in the Battle of Kurukshetra where he teaches Arjun the true meaning of Life with ease – Lord Krishna was a great student himself! Imagine his lack of ego! He always kept an open mind & heart for whoever came to him. But more importantly, he practiced what he preached.

Friendship –

Lord Krishna was an ideal friend! Even with his larger-than-life stature, Krishna was immensely humble in the way he treated his friends. There are so many stories & anecdotes that circulate around the great value he added to his friendships especially because he always stood by them in their dark times. However, his friendship with Sudama requires a special mention! Although lifestyle & status separated them, Krishna paid him the same respect as he would to a King! Something as simple as acknowledging lifelong relations add value to you as a person!

Simple Living –

Lord Krishna’s life is truly inspiring especially because he had humble roots! Destined for greatness & yet he lived a simple life without the greediness for more. Even when he had everything one can hope for in life, he ached for his the little happiness in life like playing his flute & maakhan! He didn’t need much to be happy & yet with his simplicity he could conquer it all! Don’t run after materialistic things, find that diamond within you which shall unleash all the riches of the world & yet make YOU priceless!

Let’s decide to follow these five virtues from today. Listen to my ‘Krishna Katha’ to learn more about how Krishna lived, how we can inculcate his qualities in this 21st century and some amazing secrets from Bhagwad Gita. May this Janmashtmi be fulfilled with love for all of you! Check out huge Discount Offers on my Products here: www.snehworld.com/store.



भगवान कृष्ण के 5 गुण जो हमारे पास होने चाहिए

शायद ही कभी हम अपने कोई भगवान (या रोल मॉडल) के गुणों के बारे में सोचने के लिए कुछ समय निकालते हैं। उन्हें उन गुणों के कारण ही वास्तव में सर्वशक्तिमान कहा जाता है! जन्माष्टमी आयी है और हम आज श्रीकृष्ण और उनके व्यक्तित्व के गुणों के बारे में बात करें यह एकदम सही है। हमने उनके गुणों को अपनाना चाहिए क्योंकि वे हम सभी को एक पूर्ण जीवन जीने और हर दिन एक व्यक्ति के रूप में विकसित होने के लिए प्रेरित करते हैं।

1. आनंद –

आज तक भगवान कृष्ण को बड़े पैमाने पर बच्चों द्वारा प्यार किया जाता है क्योंकि वे बहुत ध्यान रखनेवाले, मीठे, शरारती और खुश रहते थे! लेकिन उनकी खुशी छुटपुट नहीं थी – उनके पास हर समय एक संक्रामक ऊर्जा थी। उनके लिए जीवन एक उत्सव था – महान चीजें करने का साधन। लेकिन ये सारी खुशियाँ कहाँ से आई? प्यार और करुणा से। जो व्यक्ति हर समय प्यार महसूस करता है वह कभी दुखी नहीं हो सकता! प्यार को भगवान कृष्ण से दूर नहीं किया जा सकता। दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि वे प्यार का दूसरा नाम है। जो व्यक्ति बहुत हद तक प्यार करता है केवल वह अपने जीवन में खुशियों को आकर्षित कर सकता है। मेरे ‘कृष्णा कथा’ कार्यक्रम में मैं इसी बात पर जोर देता हूं। यही कारण है कि उनके आस-पास के हर किसी को तुरंत उसके लिए स्नेह की इतनी जबरदस्त भावना महसूस होती थी। कहने की जरूरत नहीं है कि, खुशी और प्यार दिव्यता को साथ लाते हैं।

2. नेतृत्व –

भगवान कृष्ण एक महान नेता थे क्योंकि वे अबतक के सबसे महान टीम प्लेयरों में से एक हैं। उनके लिए जीवन एक बड़ी तस्वीर थी जहां हर कोई एक दूसरे के साथ प्यार से मिलकर रहते थे। क्यूं? क्योंकि संकट के समय भी हर किसी के बारे में वे सकारात्मक सोच सकते थे। एक मास्टर-माइंड रणनीतिकार और प्रबंधक के रूप में वे आसानी से हर स्थिति को संभाल सकते थे। महान नेता ऐसा ही करते हैं – वे सभी को शामिल करते हैं और खासतौर पर अराजकता के बीच में सुनिश्चित करते हैं कि दूसरों का फायदा उठाकर कोई गड़बड़ियाँ तो नहीं कर रहा है। यह हमेशा दूसरों के बारे में पहले सोचने के बारे में है।

3. जीवन से सीखनेवाले –

महान गुरु पहले खुद सीखनेवाले होते हैं! भगवान कृष्ण भी अलग नहीं थे। वे पहले से ही सर्वोच्च सत्यों के स्वामी थे। जैसा कि कुरुक्षेत्र की लड़ाई में देखा गया है, जहां वे अर्जुन को आसानी से जीवन का सही अर्थ सिखाते है। भगवान कृष्ण स्वयं एक महान छात्र थे! उनके अहंकार की कमी की कल्पना कीजिये! जो कोई भी उनके पास आया उसके लिए वे हमेशा खुला दिमाग और दिल रखते थे। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने जो भी उपदेश दिए वे खुद उसका पालन करते थे।

4. दोस्ती –

भगवान कृष्ण एक आदर्श मित्र थे! बहुत बड़े होने के बावजूद, अपने दोस्तों के साथ व्यवहार करने के तरीकों में कृष्ण बेहद विनम्र थे। उनकी मित्रता के मूल्यों बारे में इतनी सारी कहानियां और कथाएं हैं जो चारों ओर फैलीं हैं। क्योंकि वे मित्रों के बुरे समय में हमेशा उनके साथ खड़े रहते थे। हालांकि, सुदामा के साथ उनकी दोस्ती का विशेष उल्लेख करने की आवश्यकता है! यद्यपि जीवन शैली और स्थिति ने उन्हें अलग किया था, फिर भी कृष्ण ने उन्हें वैसा ही सम्मान दिया जैसा एक राजा को देते! जीवनभर संबंधों को बनाये रखने जितनी सरल चीज हमें एक व्यक्ति के रूप में अच्छा इन्सान बनाती है!

5. सरल जीवन –

भगवान कृष्ण का जीवन वास्तव में प्रेरणादायक है क्योंकि उनकी जड़े निम्न थीं! उनके लिए महानता तय थी फिर भी उन्होंने लालच के बिना एक साधारण जीवन जीया। उनके पास जीवन की हर चीज थी, फिर भी उन्होंने जीवन में अपनी बांसुरी बजाना और माखन खेलने जैसी छोटी-छोटी खुशियाँ ढूंढ़ी! उन्हें खुश होने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं थी। अपनी सादगी के साथ वे सब जीत सकते थे! भौतिकवादी चीजों के पीछे मत भागिए, अपने भीतर वह हीरा ढूंढ़ीये जो दुनिया का पूरा धन दिखा देगा और आपको अमूल्य बना देगा!

आइए, आज से इन पांच गुणों का पालन करने का फैसला करें। कृष्ण कैसे रहते थे इस बारे में और जानकारी के लिए, हम इस 21 वीं शताब्दी में उनके गुण कैसे पा सकते है और भगवद् गीता के कुछ अद्भुत रहस्य जानने के लिए मेरे ‘कृष्णा कथा’ को सुनें। यह जन्माष्टमी आप सभी को प्यार से भर दें!

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