6 WAYS TO CHECK YOUR POSITIVITY QUOTIENT

Written by Sneh Desai on January 26, 2018

6 Ways to Check positivity quotient



Either you are a positive person or not, simple. Positivity is not an impulsive moment, but a state of mind; a way of living which requires constant work and continuous improvements to get desired results in life. It defines who you are as a person! Sometimes we think of ourselves as positive people but are unable to measure it. Hence, below is a great reality-check for those who need to understand where they stand in life as far as having a positive outlook is concerned. Be honest and read along:-

1. Define Your Mornings:

How do your mornings look – grumpy and lethargic or energetic and full of zest? Do you look forward to the rest of the day or do you detest having to face anything other than your bed? Is your morning filled with doing chores/exercising or is it always lazy? Do you almost every day make an effort to rise early or are you always late? Do you have the time to eat proper breakfast or do you gulp down just milk? Morning is the most important time; your attitude in the morning defines your day! You are the best person to assess as to which category you fall into.

2. Work Environment:

How you are at work says a lot about your personality. Is your work always pending? Do you not get along with your colleagues? Do you always feel like your idea is better than others’? Is your desk always cluttered and disorganized? Do you feel left out of important decisions? Do you hate your work? Do deadlines stress you out? Most of the time is your relationship with your boss filled with an unspoken tension? If any of the above is true, turns out you’re not emanating positivity!

3. Eating Habits:

People who can’t treat themselves with love and respect cannot expect the same from others. Eating is the most basic way to show your body what it deserves. If you are a positive person, turns out on most days you tend to eat right and refrain from outside food. You don’t give in to temptations and you allot proper time and energy to eat your meals, instead of merely swallowing it in a hurry. Showing respect to roti and daal is one of your top priorities, since you are well-aware of how most people are deprived of this very basal need.

4. Relationships:

How you make others feel is reflective of how you really are. Are your relationships mostly strenuous? Do you always doubt the loyalty of your loved ones? Do you pose difficulties onto your relationships more often than desired? Are you open and approachable to your colleagues? Do you prefer transparency in your relationships or do you choose to be secretive and uptight? Are you stubborn enough to give your ego more importance in comparison to losing a loved one? (If you wish to learn some amazing secrets of health and relationships, join me in my 4-days camp ‘Ultimate Life’)

5. Treating Others:

As humans, we are allowed to get angry and quarrel with the people we love or are close to. But what really defines our mettle is how we treat strangers or underprivileged people. Do you tend to get angry if someone unknown comes to you for help? Do you feel uncomfortable in a room full of people you have never met before? Does the thought of sacrificing something to help someone underprivileged give you the jitters? Does your ego and pride come between approaching a stranger for help on your own accord? Do you go out of your way to help someone without expectations?

6. Being Thankful:

The one thing common between everyone who preaches positivity is that they are all heartily thankful. If you are one of them you know how being thankful not only increases your chances of multiplying the good that you already have in your life, but it enables you to start attracting more and more. Being graciously grateful can take your life from good to straight-out great. But if you are a truly positive person, your prayer extends to not just you but your loved ones, peers, relatives, acquaintances and even the whole of mankind. (Wondering how to be grateful regularly? Get one of my unique kit – ‘The Last Lap’ specially designed to keep you on track; a process to be followed for a year.)


आप की सकारात्मकता का अंक जाँचने के छ: तरीके

या तो आप सकारात्मक व्यक्ति हैं या नहीं हैं, सरल है| सकारात्मकता एक आवेगशील पल नहीं है, यह एक मनोदशा है; जिन्दगी में मनचाहा परिणाम पाने के लिए एक जीने का तरीका है जिस पर लगातार काम करना पड़ता है और जिसे हर वक्त बेहतर बनाना पड़ता है| यही निर्दिष्ट करता है कि एक व्यक्ति के रूप में आप कौन हैं! कभी कभी हम खुद को सकारात्मक व्यक्ति मानते तो हैं पर हम उसे नाप नहीं सकते| अतः निम्नोक्त एक बेहतरीन ‘सच्चाई जाँच फलक’ है और यह उन सभी के लिए जो जानना चाहते हैं की जहाँ तक सकारात्मकता का सवाल है वे कहाँ पर हैं| ईमानदार बनिए और पढ़ते जाइये:-

१. अपनी सुबह को निर्धारित करो:

आपकी सुबह कैसी दिखती है – चिडचिडी और आलसी या उर्जात्मक और जोश से परिपूर्ण? क्या आप बाकि के दिन का सामना उत्साह से करते हो या अपने बिस्तर के सिवा जिस भी बात का सामना करना पड़ने वाला हो उससे आप नफ़रत करते हो? क्या आपकी सुबह काम / कसरत करने में बीतती है या क्या वह हमेशा आलस में ही गुज़र जाती है? क्या आप सवेरे जल्दी उठने का प्रयास हर रोज़ करते हो या क्या आप रोज़ देर से ही उठते हो? क्या आप अच्छा नाश्ता करते हो या केवल दूध गटक जाते हो? सुबह सबसे महत्वपूर्ण समय है; आपका सुबह का रवैया आपका दिन निर्धारित करता है! आप खुद किस वर्ग में हैं यह आप ही सबसे बेहतर आँक सकते हैं|

२. कार्य परिस्थिति:

आप काम करने में कैसे हैं यह आपके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ कहता है| क्या आपका काम हमेशा बाकी होता है? क्या अपने सहकर्मचारियों के साथ आपकी अच्छी बनती है? क्या आपको लगता है की आपके सुझाव दूसरों के सुझावों से हमेशा बेहतर होते हैं? क्या आपका मेज़ हमेशा भरा हुआ और अव्यवस्थित होता है? क्या आपको लगता है की महत्त्व के निर्णयों में से आप बाहर रखे जाते हैं? क्या आप अपने काम से नफरत करते हैं? क्या काम पूरा करने की निर्धारित तिथि से आपको तनाव महसूस होता है? क्या ज्यादातर बार आपका और आपके बॉस (मालिक) का रिश्ता बिनबोले तनाव से भरपूर होता है? यदि इन में से कुछ भी सही है तो मालूम होता है की आप सकारात्मकता नहीं उत्पन्न कर रहे हैं!

३. खाने की आदतें:

जो लोग खुद के साथ प्यार और आदर से पेश नहीं आते वे दूसरों से भी इनकी आशा नहीं कर सकते| अपना शरीर किसका हकदार है यह बताने का सबसे मूलभूत तरीका है ‘खाना’| अगर आप सकारात्मक व्यक्ति हैं तो ज़ाहिर है की आप अधिकतर दिनों में सही खाते हैं और बाहर का खाना नहीं पसंद करते| आप लालच के सामने घुटने नहीं टेकते और जल्दी बाज़ी में अपने भोजन को केवल निगलने के बजाय उसे सही उर्जा तथा वक्त देते हैं| रोटी और दाल का सच्चा आदर करना आपकी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है, क्योंकि आप अच्छी तरह से जानते हैं की कितने सारे लोग इस मूलभूत ज़रुरत से भी वंचित हैं|

४. रिश्ते:

आप दूसरों को कैसा महसूस कराते हो यह आप सही में कैसे हो इस बात का आईना है| क्या आपके ज्यादातर रिश्ते तनावसभर हैं? क्या आपके प्रियजनों की ईमानदारी पर आपको हमेशा शक होता है? क्या आप अपने रिश्तों में ज़रुरत से अधिक बार मुश्किलें खड़ी करते हैं? क्या आप अपने सहकर्मचारियों के लिए साफ़दिल और मिलनसार हैं? क्या आप अपने रिश्तों में पारदर्शीता चुनते हो या फिर आप अपने रिश्तों के बारे में रहस्यात्मक और तनावग्रस्त रहना चाहते हो? क्या आप इतने अड़ियल हैं की आप अपने अहम् को महत्त्व देते हो और उसके सामने प्रियजन को खोना पसंद करते हो? (यदि आप स्वास्थ्य और रिश्तों के बारे में कुछ चकित करने वाले रहस्य जानना चाहते हो, तो मेरे साथ मेरे ४-दिवसीय कैम्प ‘अल्टीमेट लाइफ’ में जुड़ जाइये|

५. दूसरों के साथ व्यवहार:

मानव होने के नाते, हमें अपने प्रियजनों व नजदीकी लोगों के साथ झगड़ा करने और उन पर नाराज़ होने की अनुमति है| लेकिन हमारी दिलेरी की सही परीक्षा हम अनजान लोगों व सुविधाओं से वंचित लोगों के साथ कैसे पेश आते हैं वहाँ होती है| यदि कोई अनजान व्यक्ति आप से मदद मांगने के लिए आता है तो क्या आप गुस्सा हो जाते हो? क्या आपको अनजान लोगों से भरे कमरे में तकलीफ महसूस होती है? क्या किसी प्रिय वस्तु को किसी सुविधाओं से वंचित व्यक्ति की मदद करने के लिए कुरबान करने से आपको डर लगता है? क्या आपका अहम् और अभिमान आपको किसी अनजान व्यक्ति से खुद मदद मांगने से रोकते हैं? क्या आप बिना किसी अपेक्षा के किसी की मदद करने के लिए ज़रुरत से ज्यादा कुछ करते हो?

६. आभारी बनना:

जो भी लोग हकारात्मकता की सलाह देते हैं उन सब में एक बात समान है और वह है कि वे सब दिल से आभारी हैं| यदि आप उनमें से एक हैं तो आप को मालूम होगा कि कैसे आभारी होने से आपके जीवन में जो भी अच्छाई है उसे ना केवल अनेक गुना बढाने के संभावना होती है, परन्तु यह आपको उसे और भी ज्यादा आकर्षित करने में मदद करता है| सविनय आभारी होना आपके जीवन को अच्छे से सीधा सर्वोत्तम की ओर ले जायेगा| लेकिन यदि आप सही माइनों में हकारात्मक व्यक्ति हैं, तो आपकी प्रार्थना केवल आपके लिए नहीं बल्कि आपके प्रियजनों, समकालीन लोगों, रिश्तेदारों, पहचानवालों और समस्त मानव जाति के लिए होगी| (क्या आप सोच रहे हैं की नियमित रूप से आभारी कैसे हों? मेरी विशिष्ट किट ‘द लास्ट लैप’ ले आएँ जो आपको सही रास्ते पर रखने के लिए ही बनाई गई है; यह एक साल तक करने की प्रक्रिया है|)

Share