Are You Confused While Making Decisions? Try these 5 Simple Things

Written by Sneh Desai on July 28, 2018

Decision Making




Decision-making is extremely significant. Thus, for the purposes of this post, I want to clear the air by stating that the “right decisions” that I am referring to here are life-altering decisions and not simple day-to-day choices that we make. Such big-picture decisions determine the course of your life in more ways than one. Thus, never underestimate the power that one wrong decision can have in your life. Contrastingly, the right decisions will let you live peacefully and give you a sense of freedom and independence. But sometimes, with the bigger aspects in life, we tend to lack objectivity in order to take the correct decision especially if it seems like a short-term loss to us. We are unable to see the long-term gains of certain decisions and hence, lack perspective to take the correct path. This needs to change. Hence, read and learn about how to make a right decision as follows:-

First Intuition –

It must have been so with you, at some point of time in life or the other, that while finding yourself in a ruckus, you get an intuition; but you tend to ignore it and use your mind in order to weigh certain pros and cons before drawing a conclusion, only to find out that your first intuition was in fact the correct path. The most relatable example for the same is a multiple-choice-questions examination – we get the intuition of the right option at the very onset, but then we keep weighing the significance of the other options only to find out that our first intuition was on point. Thus, decision-making need not be very complicated, just go with your first intuition and try not to over think about it and you should be fine.

Odd Advice –

Taking good advice before making an important decision is essential. But what will happen if you take this advice from someone you are very close to or you love? They will not be able to freely express their actual opinions to you. Thus, take an “odd advice”. Go to someone you are not very close to or someone who apparently “dislikes you” and ask them point-blank and be ready for some hard-hitting, brutal reality. This is when you can really be objective and see a completely different perspective before making the correct decision.

Organize Your Thoughts –

Organizing and arranging your thoughts can lead you to gain some great point of views. When you organize your thoughts you tend to be more in control of yourself, and thus, more in control of the situations around you. This leads you to not make up your mind at the impulse of a particular moment. Organizing your thoughts can lead you to calm down before making an important decision. It can help you listen to others’ advice and guidance. It can also help you to detach from any emotions which could hold you from using your conscience correctly. Well, I talk about Thoughts, Emotions and Intuition in detail in my signature 2-days event ‘Change Your Life’.

Don’t Rush –

This is somewhat the golden rule of decision-making. Don’t rush into taking decisions. Don’t rush into anything especially when you are too happy or too angry. That’s when we make certain commitments which (under the influence of our momentary happiness or anger) we are not sure of being able to pull off at all. This makes you look bad and really hurts your self-respect and confidence. Rushing = Regretting!

Detach from negativity –

For certain people, taking the right decision becomes difficult especially if it hurts them in some way or the other. As a result of which they become negative without even looking out for their long-term benefits for making the right choice. For those people, it is extremely important for them to get some quiet time and some space after making such a seemingly difficult decision. When you will get that quiet time, you will recuperate and see the whole situation as a hallmark of strength and not as a weakness, i.e., the negativity will automatically convert itself into a positive development.


निर्णय लेते समय आप उलझन में होते हैं? तब चलिए, इन 5 आसान बातों का पालन करें!

निर्णय लेना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, इस पोस्ट के द्वारा, मैं यह साफ़ साफ़ कहना चाहता हूं कि “सही निर्णय” जिनके बारे में मैं यहां उल्लेख कर रहा हूं वे हमारे द्वारा लिए जाने वाले दिन-प्रतिदिन के आसान निर्णय नहीं बल्कि जीवन-परिवर्तन करनेवाले निर्णय हैं। इस तरह के बड़े निर्णय आपके जीवन के मार्ग को अनेक तरीकों से निर्धारित करते हैं। एक गलत निर्णय की उस शक्ति को कभी कम मत समझें जो आपके जीवन को बदल सकती है। इसके विपरीत, सही निर्णय आपको शांतिपूर्ण जीवन देंगे और आजादी तथा आजादी की भावना देंगे। लेकिन कभी-कभी, जीवन में बड़े और सही निर्णय लेने के लिए हम में निष्पक्षता की कमी होती है, खासकर यदि हमें यह अल्पकालिक हानि की तरह लगता है। हम कुछ निर्णयों के दीर्घकालिक लाभ को देखते नहीं हैं और इसलिए, सही रास्ता लेने के लिए दृस्टिकोण की कमी है। इसे बदलने की जरूरत है। इसलिए, इस बारे में सही निर्णय लेने के तरीकों के बारे में पढ़ें और जानें: –

प्रथम अन्तर्ज्ञान –

आपके साथ जीवन में कभी तो ऐसा हुआ होगा कि खुद को किसी समस्या में पाकर आपको कुछ अन्तर्ज्ञान हुआ होगा। लेकिन आप इसे अनदेखा करते हैं और निष्कर्ष निकालने से पहले कुछ अच्छाइयों और बुराईयों के बारे में सोचते हैं। लेकिन आपको यह पता लगाता है कि आपका अन्तर्ज्ञान वास्तव में सही था। इसके लिए सबसे अधिक प्रासंगिक उदाहरण बहु-विकल्प-प्रश्न परीक्षा है – हमें बहुत शुरुआत में ही सही विकल्प का अंतर्ज्ञान हो जाता है, लेकिन फिर हम अन्य विकल्पों के महत्व पर विचार करते हैं। अंत में हमें यह पता चलता है कि हमारा अन्तर्ज्ञान ही सही था। इस प्रकार, निर्णय लेने की आवश्यकता बहुत जटिल नहीं है, बस अपने अन्तर्ज्ञान के साथ जाएं और इसके बारे में ज्यादा सोचने की कोशिश न करें। और आपको पता चलेगा की यहीं सही है।

निराली सलाह –

एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अच्छी सलाह लेना आवश्यक है। लेकिन यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति से सलाह लें जो आपके बहुत करीब हैं या आपसे प्यार करते है तब क्या होगा? वे उनकी वास्तविक राय को स्वतंत्र रूप से व्यक्त नहीं कर पाएंगे। इसलिए, एक “निराली सलाह” लें। किसी ऐसे व्यक्ति के पास जाएं जो आपके बहुत नजदीक नहीं हैं या कोई ऐसा व्यक्ति जो खुले रूप से आपको नापसंद करता है। उनसे सीधे उनकी राय पूछें और कुछ तीखे वास्तविक जवाबों के लिए तैयार रहें। तब सही निर्णय लेने से पहले आप वास्तविकता को देख सकते हैं और एक पूरी तरह से अलग परिप्रेक्ष्य को भी देख सकते हैं।

अपने विचारों को सुनियोजित करें –

अपने विचारों को सुनियोजित करने और व्यवस्थित करने से आपको कुछ बढ़िया विचार मिल सकते हैं। जब आप अपने विचारों को सुनियोजित करते हैं तो आप खुद पर अधिक नियंत्रण रखते हैं साथ ही साथ अपने आस-पास की स्थितियों पर भी ज्यादा नियंत्रण रख सकते हैं। यह आपको किसी विशेष क्षण के आवेग में अपना मन बनाने से रोकता है। अपने विचारों को सुनियोजित करने से आप एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले शांत हो जाते हैं। यह आपको दूसरों की सलाह और मार्गदर्शन सुनने में मदद कर सकता है। यह आपको किसी भी भावना से अलग करने में भी मदद कर सकता है जो आपको अपने विवेक का सही उपयोग करने से रोक सकता है। खैर, मैं अपने 2 दिन के विशेष कार्यक्रम ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) में विस्तार से विचारों, भावनाओं और अन्तर्ज्ञान के बारे में बात करता हूं।

जल्दबाजी मत कीजिये –

यह कुछ हद तक निर्णय लेने का सुनहरा नियम है। निर्णय लेने में जल्दबाजी मत कीजिये। विशेष रूप से जब आप बहुत खुश या बहुत गुस्से में होते हैं। यही वह समय है जब हम कुछ वचन देते हैं जो (हमारी क्षणिक खुशी या क्रोध के प्रभाव में) हम निश्चित रूप से पूरा नहीं कर पाते। इस कारण आप बुरा हो जाते है और यह आपके आत्म सम्मान और आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचाता है। जल्दबाजी = पछतावा!
नकारात्मकता से अलग रहें – कुछ लोगों के लिए, सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है, खासकर यदि यह उन्हें किसी तरह से नुकसान होता है। परिणामस्वरूप वे सही विकल्प तैयार करने के लिए अपने दीर्घकालिक लाभों को देखे बिना नकारात्मक हो जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए, अपने खुद लिए कुछ समय और एकांत पाना बहुत महत्वपूर्ण है। जब आपको वह शांत समय मिलेगा, तो आप पूरी स्थिति के बारे में सोचेंगे और उसे ताकत के रूप में देखेंगे, न कि कमजोरी के रूप में! यानी नकारात्मकता खुद ही सकारात्मक में विकसित हो जाएगी।

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