How Important Is Your Sleep?

Written by Sneh Desai on February 24, 2018

How Important your Sleep is




In a world where we are trying immensely hard to be horribly productive at all times, sleep deprivation is no news! But it obviously has its own consequences ranging from weight gain to some serious chronic diseases (even a stroke!). Thus, what we don’t understand is that what we are losing sleep over can actually be done more productively if we really get adequate rest and a good night’s sleep. Thus, let’s list down how important sleep can be for us:-

1. Sleep helps in balancing our hormones that regulate satiety that we derive from food. Thus, if we do not sleep well our tendency to eat more increases and consequentially so does our weight. Once the hormone-level is altered, we tend to eat more than we should because once sleep deprived, we eat not to derive nutrition from the food, but to satisfy our need to feel more energetic.

2. For teenagers and young-adults, who are pressured too much to be good at their academics and generate winning careers, growth hormones are actually secreted during a good night’s sleep. Therefore, it is absolutely pertinent for them to be able to sleep for at least eight to ten hours every night.

3. Sleep helps in restoring our brain cells. It helps in regulating our body’s fluid movements as well. Lack of sleep can manifest many chronic diseases, including inflicting someone with a type 2 diabetes. Sleep deprivation leads to weaken our immune system, i.e., our body becomes weak in fighting various diseases. Proper sleep also tends to help in strengthening our hearts, which is why a lack of good sleep tends to increase your risk of getting a heart disease or even a stroke. When it comes to improving your health, you can even start practicing my very simple 15-minute process of ‘Dynamic Yoga’ which can be practiced anywhere easily.

4. Inadequate sleep leads you to many behavioral issues as well. People who are not able to generally sleep well at night tend to be more receptive towards getting an attention deficit and hyperactivity disorder (ADHD). ADHD is a neurodevelopment disorder which is characterized by the inability to pay attention, excessive (hyper) activity and the inability to control your behavior especially the kind which seems quite unsuitable for your age.

5. Insufficient sleep can also inflict a lack of concentration and productivity. Whenever you are unable to derive a good night’s sleep, the next day will make you constantly feel drowsy or sleepy, which in turn will distract you from the work at hand. Thus, you will not be able to get your work done effectively or efficiently.

6. Sleep increases your energy levels and your ability to put in bigger and better physical efforts at your gym, or Yoga center or in any other physical activity you choose to do – especially at cardiovascular exercises because it helps in regulating and maintaining your cardiovascular health. Sleep increases your ability to be able to put in a more accurate effort.

7. A good sleep also helps you in improving your memory. Sleep enables memory consolidation, i.e., it helps to bring together all the information that you’ve been storing or gathering the previous day. This means that this stored information can subsequently be used as knowledge when required. Thus sleep shall help you remember. Along with the same, sleep helps in increasing your creativity and enhancing it by gifting you with more rest.

8. Sleep affects the quality of life. Too little sleep is associated with a shorter life-span. If you sleep longer, and more importantly, if you sleep better you shall live better- because that way you are combating the feelings of stress, anxiety and depression.

9. Of course, you all must have guessed that a good night’s sleep leads to lowering our stress levels. Stress leads to a straining blood-pressure as well and hence needs to be taken very very seriously. Lower stress means a more controlled blood-pressure and reduced cholesterol. Additionally, stress in itself can lead to many other behavioural challenges.

10. Sleep increases our emotional well-being by helping us stay away from depression. Lack of sleep leads to mood-swings and contributes highly in increasing our anxiety-levels. This, later on, increases our level of depression thus making us feel as if our life’s a burden.

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कितनी महत्वपूर्ण है आपकी नींद?

आज के युग में जहाँ हम हर समय उपजाऊ रहने के लिए बहुत ज्यादा प्रयत्न करते हैं, निद्रा नाश कोई बड़ी खबर नहीं है! पर उसके अपने परिणाम हैं, जो वजन बढ़ने से लेकर कई गंभीर चिरकालीन बीमारियों [जिस में स्ट्रोक भी शामिल है!] तक जाते हैं| अतः, हम जो नहीं समझ पा रहें वह यह बात है कि जिस काम को पूरा करने के लिए हम अपनी नींद गँवा रहे हैं उसे हम पूरी नींद लेने के बाद, बेहतर रूप से तथा और भी उपजाऊ तरीके से कर पाएंगे| तो आओ, एक सूची बनायें और जाने की नींद हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है|

१. जो भोजन से प्राप्त होने वाली तृप्ति का नियंत्रण करते हैं उन अन्तःस्त्रावों का संतुलन करने में नींद हमारी मदद करती है| अतः, यदि हम पर्याप्त नींद नहीं लेते तो हमारी ज्यादा खाने की आदत और बढ़ जाती है जिसके परिणामस्वरूप हमारा वजन बढ़ जाता है| एक बार अन्तःस्त्राव का स्तर बदल जाता है तो हम जरुरत से ज्यादा खाते हैं, क्योंकी नींद से वंचित होने के कारण, हम पोषण पाने के लिए नहीं खाते, पर क्रियाशील रहने की हमारी जरुरत पूरी करने के लिए खाते हैं|

२. जिन किशोरों और युवानो पर अभ्यास और ज्वलंत पेशा बनाने का दबाव बहुत ज्यादा बना रहता है, वह जान लें कि वृद्धि अन्तःस्त्राव का स्त्राव रात की अच्छी नींद के दरमियाँ ही होता है| अतः उनके लिए सर्वथा उचित है की हर रात ८ से १० घंटे की नींद लें|

३. दिमाग के कोशों का पुनः निर्माण करने में नींद मदद करती हैं| हमारे शारीर के प्रवाही की गति का नियमन भी नींद करती है| कम नींद से बहुत सारे दीर्घ कालीन रोग हो सकते हैं, जिस में किसीको टाइप २ मधुमेह होना भी शामिल है| नींद के क्षय से हमारी रोग प्रतिकारक शक्ति भी कम हो सकती है, अर्थात् हमारा शरीर दुर्बल हो जाता है और बिमारियों का सामना नहीं कर पाता| पर्याप्त नींद से हमारे ह्रदय को भी बल मिलता है, इसी कारणवश, पर्याप्त मात्रा में अच्छी नींद नहीं मिलने पर ह्रदय रोग होने की संभावनाएँ बढ़ जाती है एवं स्ट्रोक भी आ सकता है| जब तंदुरस्ती सुधारने की बात आती है तो आप मेरे अति सरल ‘डायनामिक योगा’, जिसे आप कहीं भी आराम से कर सकते हैं, की १५ मिनिट की प्रक्रिया का प्रयोग करना शुरू कर सकते हैं|

४. अपर्याप्त नींद हमें कई व्यवहारवादी समस्याएँ की ओर भी ले जा सकती है| जो लोग रात को पर्याप्त मात्र में अच्छी नींद नहीं सोते वे ध्यान की कमी और अति क्रियाशीलता का विकार [ADHD] होने के लिए अधिक संभव पात्र होते हैं| ADHD तंत्रिका सम्बन्धी विकार है जिसके विशेष लक्षण हैं एकाग्रता का आभाव, अति क्रियाशीलता और व्यवहारवादी संयम का न होना, खास करके ऐसा व्यवहार जो उम्र के साथ सर्वथा प्रतिकूल हो|

५. अपर्याप्त नींद से एकाग्रता का अभाव हो सकता है, और उत्पादन क्षमता/कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है| जब भी आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते तब उसके दूसरे दिन आप दिन भर तंद्रालु महेसुस करते हैं जिसके कारण आप अपने हाथ में जो काम है उससे भटक जाते हैं| अतः आप अपना काम प्रभावशाली ढंग से या कार्यक्षमता से नहीं कर पाते|

६. नींद आपकी उर्जा का स्तर बढाती है और जिम में, योग में, या किसी भी शारीरिक क्रिया में अधिक बड़े व बेहतर श्रम कर सकने की क्षमता भी बढाती है – खास करके ह्रुदवाहिनी सम्बन्धी व्यायाम में क्योंकी यह ह्रुदवाहिनी गत स्वास्थ्य को नियंत्रित करने में और उसे टिकाये रखने में मदद करती है| नींद आपकी ज्यादा अचूक प्रयत्न कर सकने की क्षमता बढ़ाती है|

७. अच्छी नींद आपकी याददाश्त बढाने में भी मदद करती है| नींद याददाश्त का दृढीकरण करने में समर्थ है, अर्थात् अगले दिन की जमा की हुई सारी जानकारी नींद एकत्रित करती है| इसका मतलब यह है कि जमा की हुई जानकारी जरुरत पड़ने पर ज्ञान के रूप में उपयोग में ली जा सकती है| इस तरह नींद आपको याद रखने में मदद रूप है| इन सब के साथ साथ, नींद आपकी रचनात्मकता बढाती है और आपको आराम का तोहफा देते हुए उसे और भी सुधारती है|

८. नींद जिन्दगी की गुणवत्ता पर असर करती है| बहुत कम नींद का ताल्लुक अल्प आयु काल से होता है| अगर आप अच्छी और लम्बी नींद लेते हैं तो आप अच्छा जीएंगे –क्योंकी ऐसा करने से आप तनाव, व्यग्रता और विषद से अच्छी तरह से लढ़ रहे हैं|

९. जरुर आप सब ने यह अनुमान लगा ही लिया होगा की अच्छी नींद हमारे तनाव का प्रमाण घटा देती है| और तनाव से श्रम साध्य रक्तचाप होता है, अतः उसे अत्यधिक गंभीरता से लेना चाहिए| तनाव का कम होना मतलब संयमित रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल का कम होना| साथ ही, तनाव अपने आप से काफी सारी व्यवहारवादी चुनौतियाँ ला सकता है|

१०. उदासी से दूर रहेने में हमारी मदद करके नींद हमारे भावनात्मक सुख को बढाती है| अपर्याप्त नींद से मनोदशा में बदलाव होते हैं और यह हमारे व्यग्रता के स्तर को बढ़ाने में योगदान देता है| आगे जा कर यह हमारी उदासीनता का स्तर बढता है जिससे हमें अपनी ज़िन्दगी बोझल लगने लगती है|

यदिआप खुद को नियमित रूप से अपर्याप्त नींद की शिकायत करते पा रहे हो तो आप मेरे चिन्हक कार्यक्रम ‘चेंज योर लाइफ’ जो भारत के २३ शहरों में चलता है, में आइए और ‘मिनी नेप’ की पध्धति सीखिए|

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