HOW TO BE HAPPY IN YOUR BAD TIMES?

Written by Sneh Desai on June 23, 2018

HOW TO BE HAPPY IN YOUR BAD TIMES




Life’s a mystery – no one knows what’s in his/her kitty. But you have got to live through the ups, the downs, the highs and the lows irrespective of everything else. Bad times hit the best of people. But you know what makes one truly the BEST? When he/she can survive through it without making it look like a tragedy from a third person’s point of view! No one around you should feel like you are going through a bad phase in your life. That’s where genius lies and that’s where my role kicks in too. So read on and find out how you can survive through the worst without being extra melodramatic about it:-

Find your centre –

Whether its spirituality, religious sentiments or meditation – find your centre. By centre I mean something that can make you feel at peace no matter how troublesome the circumstances are around you, you shall be able to go on without much disturbance. Something that shall make you feel like you’re at home. Something that shall make you forget, even if it is for a few minutes, that you are in darkness. This is the most basic first step to finding the silver lining! One of the ways is to practice meditation from ‘Spiritual Reality’ DVD even if you are a beginner.

Replace –

Try to replace your bad circumstances by indulging in something that you love. We cannot truly let go of anything unless we replace it with something better in its place such that we can redeem ourselves. For example, when someone tries to let go of a bad habit (like smoking for example), they replace it with a better habit if not the best (nicotine patches for example). But slowly and steadily they are able to let go of the bad and make peace with a newer lifestyle. So find out what you love doing – and make sure this habit is a something that is less resourceful and more personal like journaling, taking a walk, reading a book etc. Just stick to the basics.

Happy Place –

I am sure you have a place in your city/town which reminds you of happier times. For most people it actually is just their respective homes. But sometimes during our bad times, the confines of our own house seems to be carrying closeted old monsters along with it. Thus, find that “happy place” which reminds you of a beautiful (preferably childhood) memory. If you don’t have one then even better! Go explore your city’s nooks and corners and find a place that shall make you feel happy amidst nature. And try spending a few minutes every week there to help you understand how temporary the bad phase is too!

Third Person’s Help –

In case you feel too alone and desperately in need for help, please do not hesitate to talk to someone close. In case you don’t have a particular person, try seeking professional help such that you are well-assisted with at least your mental peace and balance. There is no shame in seeking help. It only shows that you are aware of your problems and are wanting to do something about it. Alternatively, you can even help someone in pain; hear at least 5 people’s problems and you’ll realize how amazing your life is. I talk about this much in detail in my signature 2-days event ‘Change Your Life’.

Stop The Blame-Game –

One of the most tragic side-effects of going through a troublesome time is the fact that one tends to blame others over and over again and holds a grudge. Or people, instead of calming themselves down, keep picking fights and conflicts with others. Stop the blame-game immediately. One can blame umpteen number of people for their problems, but it takes guts to stand up to them and face your own monsters. Choose the kind of attitude you want to carry on your shoulders and act accordingly.

Travel –

There is no issue that cannot be solved once you take some time out and decide to travel. Travelling takes some steam off of all the tension. And mind you, you do not necessarily have to go to an exotic location. Just going to any nearby location can do the trick as long as it makes you forget the past and helps you to realize the importance of the present moment; and how the present is shaping your life. I have traveled over 23 countries and know how easily we can get rid of our bad mood or times just by being at a different place.

The Show Must Go On –

This is the bottom line. No matter what you are going through a third person should not feel the burden of your tragedy. When this line – “The show must go on.” – sets foot in your mind, you shall learn to be more responsible for your own tensions instead of gaining sympathy. This is exactly what shall help you to be more courageous and more cautious in the future.



अपने बुरे समय में कैसे खुश रहें?

जीवन एक रहस्य है –

कोई भी नहीं जानता कि उसके खजाने में क्या छिपा है। लेकिन आपको इन सब के बावजूद खुशियाँ और दुःख सहने होंगे, ऊंचाईयों और निचाईयों पर रहना होगा। बुरे समय का सामना तो सबसे अच्छे लोगों को भी करना पड़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तव में सबसे अच्छा कैसे बनते है? जब वह किसी तीसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण से यह त्रासदी की तरह दिखे बिना, बने रह सकता / सकती है! आपके आस-पास के किसी को भी ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि आप अपने जीवन में एक बुरे समय से गुजर रहे हैं। यही प्रतिभा है और यहाँ मेरी भूमिका भी शामिल है। तो इसे पढ़ें और पता लगाएं कि आप इसके बारे में ज्यादा नाटकीय हुए बिना यह कैसे सह सकते हैं: –

अपना केंद्र खोजें –

चाहे आध्यात्मिकता, धार्मिक भावनाएं या ध्यान हो – आप अपना केंद्र ढूंढें। केंद्र से मेरा मतलब है की आपकी आस-पास की परिस्थितियां कितनी परेशान करनेवाली क्यों ना हो, आपके पास कुछ ऐसा हो जो आपको शांति महसूस करा सकता है, फिर आप बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ सकेंगे। ऐसा कुछ जो आपको महसूस करायेगा कि आप घर पर हैं। कुछ ऐसा जो आपको भले ही कुछ मिनटों के लिए क्यों न हो, यह भुला देगा, कि आप अंधेरे में हैं। अंधेरे में सूरज की रोशनी खोजने के लिए यह सबसे बुनियादी पहला कदम है! इसका एक तरीका है, ‘Spiritual Reality’ (स्पिरिचुअल रेआलिटी) डीवीडी से ध्यान का अभ्यास करना, भले ही आप नौसिखिया क्यों न हों।

पलट दिजिये –

अपनी बुरी परिस्थितियों में उस चीज़ को शामिल करने का प्रयास करें जिसे आप पसंद करते हैं। जब तक हम खुद की हानि को कुछ ऐसी बातों से बदलते नहीं है जो हमें मुक्त कर सके, हम वास्तव में कुछ भी नहीं भूल सकते हैं। उदाहरण के लिए, जब कोई अपनी बुरी आदत (धूम्रपान जैसी आदत) जाने देता / देती है, तो वे इसे दुसरे कम बुरे आदत के साथ बदल देते हैं (उदाहरण के लिए निकोटीन पैच)। लेकिन धीरे-धीरे और निरंतर वे बुरा छोड़ देने और एक नई जीवन शैली के साथ शांति बनाने में सक्षम होते हैं। तो पता करें कि आप क्या करना पसंद करते हैं – और यह सुनिश्चित करें कि यह आदत ऐसी हो जिसमें कम पैसा लगे और वह लिखना, चलना, किताब पढ़ना आदि जैसे अधिक व्यक्तिगत हो। बस मूल बातों को पकड़े रहे।

खुशियोंवाली जगह –

मुझे विश्वास है कि आपके शहर / गाँव में एक ऐसी जगह है जो आपको उस समय की याद दिलाती है जब आप खुश थे। ज्यादातर लोगों के लिए यह अपना घर ही होता है। लेकिन कभी-कभी हमारे बुरे समय में, हमारे घर की सीमाएं अपने साथ बंद की हुई पुरानी बुरी यादें भी साथ लेकर चलती हैं। इसलिए ऐसी “खुशियोंवाली जगह” ढूंढें जो आपको किसी सुंदर (अच्छा हो की वह बचपन की हो) स्मृति की याद दिलाती हो। यदि आपके पास कोई नहीं है तो और अच्छा है! जाइये, अपने शहर के नुक्कड़ों और कोनों का पता लगाएं और एक ऐसी जगह खोजें जो आपको प्रकृति के बीच खुशियाँ महसूस करायेगी। और वहां हर सप्ताह कुछ मिनट खर्च करने का प्रयास करें जिससे आपको यह समझने में मदद होगी कि खराब परिस्थितियां कितनी अस्थायी होती है!

तीसरे व्यक्ति से सहायता लें –

यदि आप खुद को बहुत अकेला और मदद की सख्त ज़रूरत महसूस करते हैं, तो कृपया किसी से बात करने में संकोच न करें। यदि आपके पास कोई विशेष व्यक्ति नहीं है, तो पेशेवर मदद की तलाश करें ताकि आप कम से कम अपनी मानसिक शांति और संतुलन पा सकें। मदद मांगने में कोई शर्म नहीं है। यह केवल दिखाता है कि आप अपनी समस्याओं को जानते हैं और इसके बारे में कुछ करना चाहते हैं। वैकल्पिक रूप से, आप किसी को भी उनके दुःख-दर्द में मदद कर सकते हैं; कम से कम 5 लोगों की समस्याओं को सुनें और आपको पता चलेगा कि आपका जीवन कितना अद्भुत है। मैं अपने 2 दिनों के विशेष कार्यक्रम ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) में विस्तार से इस बारे में बहुत कुछ बताता हूं।

दोष देने का खेल रोकें –

परेशानी के समय से गुजरने के सबसे दुखद दुष्प्रभावों में से एक यह तथ्य है कि कोई व्यक्ति बार-बार दूसरों को दोषी ठहराता है और उसके खिलाफ दुश्मनी रखता है। या लोग, खुद को शांत करने की बजाय, दूसरों के साथ झगड़े और संघर्ष करते रहते हैं। दोष देने वाला खेल तुरंत बंद कीजिए। कोई भी अपनी समस्याओं के लिए कई लोगों को दोषी ठहरा सकता / सकती है, लेकिन अपनी खुद की समस्याओं का खुद सामना करने में हिम्मत लगती है। जिस रवैये को आप अपने कंधों पर उठाना चाहते हैं वह चुने, और वैसा ही कार्य करें।

यात्रा करें –

थोडा समय निकलकर यात्रा करने का फैसला किये जाने के बाद ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसे हल नहीं किया जा सकता। यात्रा, बहुत कुछ मात्रा में तनाव कम करती है। आपको याद दिला दे की, जरूरी नहीं कि आपको किसी असाधारण विदेशी स्थान पर जाना पड़े। बस किसी भी आस-पास के स्थान पर चले जाईये, जब तक कि आप अतीत को भूल नही जाते और वर्तमान क्षण के महत्व को समझते नही; तथा यह जनते नही कि वर्तमान कैसे आपके जीवन को आकार दे रहा है। मैंने 23 से अधिक देशों की यात्रा की है और मुझे पता है कि हम बस किसी एक अलग जगह पर चाले जाने से हमारे बुरे मूड या समय से कितनी आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

जिंदगी चलती रहनी चाहिए –

यह महत्त्वपूर्ण है। आपकी जिंदगी में क्या हो रहा है इस त्रासदी का बोझ किसी तीसरे व्यक्ति ने महसूस नहीं करना चाहिए। जब यह बात की “जिंदगी तो चलती रहनी चाहिए।” – आपके दिमाग में पक्की बैठ गयी हो तब, आप सहानुभूति प्राप्त करने के बजाय अपने स्वयं के तनाव के लिए अधिक जिम्मेदार होना सीखेंगे। यह वास्तव में आपको भविष्य में अधिक साहसी और अधिक सावधान रहने में मदद करेगा।

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