HOW TO OVERCOME LAZINESS

Written by Sneh Desai on August 8, 2017

Image on Overcome Laziness



Laziness leads to more laziness just as activity leads to more activity. There is no need to point out how harmful it is because the focus should be on overcoming it. For people who are prone to lying lazy, it is a big change and needs patience and motivation. Therefore, since laziness is sometimes the only thing that stands between you and your dreams, here are a few steps to overcome it:-

Step I: REALIZATION – Acknowledging the cause
Stop living in denial. People who are perpetually lazy generally live in denial of it. Hence, the first step to improving any of your vices is to own them. Accept that you have been lazy, because if you don’t then how will you overcome it? Most often than not laziness stems from a negative place like fear, depression, constant fatigue, lack of motivation etc. Whatever it is that is holding you back, accept it since it is the only way you can address the issue. However, more importantly accept your problem without despair. No problem is too big to solve. If you get tired too easily, practice relaxation exercises. If you fear too much, answer difficult questions and rationalize. If you’re depressed, seek help and talk to people you can rely upon. If you’re hurt, give yourself time. If you’re unhappy with your physical self, start practicing Yoga or any other form of exercise. If you’re uninspired, revamp your normal routine. ACKNOWLEDGE!

Step II: SLOW AND STEADY – Small mitigating steps
Taking one big step towards mitigation often falters. Small steps add on to the big picture, ALWAYS! Hence, if laziness is a problem that you’re facing since a long time, go slow but steady. Some of them are as follows:-

a. Get Organized: Organization helps in overcoming the clutter both internally and externally. Keep your surroundings in the best of order and clarity of thought will be easier to obtain.
b. Tackle Smaller Tasks: For those who are overwhelmed easily by responsibility should break down big tasks into smaller tasks and goals and take one task at a time – bit by bit. This helps in keeping you focused without making you feel too pressured.
c. One Thing At One Time: Don’t take on a lot more than you can handle. Doing one thing at a time with utmost concentration helps doing just that with a lot of efficiency and effectiveness.
d. Exercise: Exercising releases endorphin, which helps in overcoming depression and constant fatigue. It also helps in boosting your energy levels and making you more active than usual.
e. Also, Rest and Sleep: Yes, laziness is a bit dragging but that does not mean you will suddenly become really hard on yourself. Don’t get too serious and get some rest. Ensure you get adequate sleep of up to 8 hours (approximately) every night.

Step III: KEEP A VISION BOARD – Avoid procrastination
The most important and significant reason/cause behind laziness is procrastination. Procrastination means an act of constantly putting off a task or delaying an important work till the last minute. This generally happens when people work at something that they do not love or are not very passionate about. Hence, keep a vision board to keep a check on your long term objectives – Something that reminds you of where you would want to be in the next five or ten years in your life. Accumulate all of those things and make a creative vision board without questioning your current circumstances and place that vision board somewhere you can see every day. This vision board will make sure you stop being lazy and work harder to get what you want! Lakhs of people have learnt how to make a result- generating vision board in Sneh Desai’s signature event ‘Change Your Life’ and have got breakthrough outcomes.

Step IV: CONSTANT WORK – Habituate yourself
To stop being lazy is something that needs to be inculcated constantly in your daily life for you to habituate yourself. Such constant work can only come from constant motivation. Continuously focus on the benefits that you will be able to reap if you overcome your laziness and start taking action. Constantly think about the consequences you will have to face in the long-run if you run away from your tasks today. DO all of this without giving in to the difficulties of everyday life – repeat affirmations and positive quotes that may help you keep on track. Also, when despair hits, learn from people who are successful. Always keeping a tab on people who have overcome a great deal to reach a luxurious life today, helps you regaining momentum and inspiration.

TAKEAWAY: Work really really really hard today to enjoy laziness at the right time – and not the other way around!

आलस को कैसे हराएँ

जिस तरह कार्यरत होना अधिक कार्य की ओर ले जाता है, ठीक उसी तरह आलस ही अधिक आलस की ओर ले जाता है| यह कितना नुकसानदेय है उस तरफ निर्देश करना जरुरी नहीं है, क्योंकि हमारा ध्यान उसे पराजित करने पर होना चाहिए | ऐसे लोग जिन्हें आलसी होकर पड़े रहने की आदत है, उन में इस बड़े बदलाव को लाने के लिए धीरज और उत्तेजना चाहिए | अतः, चूँकि कई बार यह आलस ही आपके और आपके सपनों के बीच आता है, इसे परास्त करनेके कुछ सरल रास्ते यहाँ बताये गए हैं:

पहला चरण : अनुभूति – कारण को स्वीकारना
नकार में जीना बंद करो! जो लोग निरंतर आलसी हैं वे ज्यादातर उसके नकार में जीते हैं | आपको अपनी किसी भी बुराई को सुधारना हो तो पहले उसका स्वीकार करो | आप आलसी हो इस बात को स्वीकार लो, क्योंकि आप अगर ऐसा नहीं करते तो आप इसे परास्त कैसे कर पाओगे?

जो भी बात आपको पीछे खींच रही है, उसका स्वीकार करो, क्योंकि यह एक ही रास्ता है जिससे आप प्रश्न का हल पा सकते हो | अपनी समस्या से निराश हुए बिना उसका स्वीकार करें | कोई समस्या इतनी बड़ी नहीं होती की जिसका कोई हल न हो | यदि आप बहुत जल्दी थक जाते हो, तो आप तनाव मुक्ति के लिए कोई कसरत करें| अगर आपको डर लगता है तो मुश्किल सवालों के जवाब दीजिए और अगर आप निराश हो गए हैं तो जिनपर आप भरोसा करते हैं उनसे बात कीजिए, उनकी मदद लीजिए | अगर आप को कष्ट पहुंचा है अपने आप को वक्त दीजिए | अगर आप शारीरिक रूप से नाखुश हैं तो आप योग कीजिए या किसी भी तरह का व्यायाम कीजिए | फिर भी आप उत्साहित नहीं होते हो तो आपके रोज के काम करनेके तरीके को दुरस्त कीजिए | अतः, स्वीकारो|

दूसरा चरण : धीरे से और स्थिरता के साथ – छोटे आसान से कदम
काम आसान करने के लिए एक बड़ी छलांग ज्यादातर बार असफल साबित होती है| छोटे कदम जोड़ते जाओगे तो बड़ा द्रश्य बनेगा, हमेशा! लिहाजा, अगर आलस लम्बे समय से आपकी समस्या है तो, धीरेसे और दृढ़ता से आगे बढिए| कुछ सरल व छोटे कदम नीचे बताये गए हैं:-

अ. व्यवस्थित बनो : व्यवस्थापन जीतने में मदद करता है और भीतर तथा बाहर की अव्यवस्था को दूर करने मे मदद करता है |आपके आसपास के वातावरण को उत्तम हालत में रखो जिससे आपको विचारों की शुध्दता पाने में सरलता रहेगी |
ब. छोटे कार्यों पर काबू पाइए : जो सरलतासे जवाबदारियों से पुर्णतः हार गए हों उन्हें बड़े कार्यों को छोटे कार्यों में और बड़े ध्येयों को छोटे ध्येयों में विभाजित करना चाहिए और एक वक्त में एक ही कार्य हाथ धरना चाहिए – धीरे-धीरे, थोड़ा-थोड़ा| ऐसा करने से आप निश्चित ही ध्येय की ओर जा सकते हैं और आप पर कोई दबाव भी नहीं पड़ता |
क. एक वक्त में एक काम : आप कर सकें उससे ज्यादा कम हाथ में ना लें| एक वक्त में एक ही काम पूरा ध्यान लगाकर करने से कार्यक्षमता और प्रभावकारिता / कार्यसाधकता बढती है |
ड. व्यायाम : व्यायाम करने से एंडोर्फिन स्त्रावित होता है, जो हताशा और थकान पर विजय पाने में मदद करता है | इस से आपकी उर्जा का स्तर बढ़ने में मदद मिलती है और आप हमेश से ज्यादा कार्यशील हो सकते हो|
च. साथ-साथ विश्राम और नींद : हाँ आलस पीछे खींचता है पर इसका यह मतलब नहीं की आप अपने आप पर कुछ ज्यादा ही सख्त हो जायेंगे | बहुत ज्यादा गंभीर ना बनें और थोडा आराम कीजिए | ध्यान रहे की आपको ८ घंटे की नींद (लगभग) हर रात मिलना अत्यंत जरुरी है|

तीसरा चरण: एक अवलोकन फलक रखें – टालमटोल को टालें टालते रहेना
आलस के पीछे का सबसे महत्वपूर्ण और सूचक कारण है टालमटोल करना | टालमटोल का मतलब है की किसी महत्वपूर्ण काम को अंतिम क्षण तक नहीं करना या टालते रहेना| ज्यादातर यह तब होता है जब काम करने वालों का काम में दिल नहीं होता या उसके लिए उनमें जोश नहीं होता | अतः एक अवलोकन फलक रखें जो आपके दीर्घकालीन उद्देश्यों को ध्यान में रखेगा – आपको याद दिलाते रहेगा की आप अपनी ज़िन्दगी के आनेवाले ५ या १० सालों में कहाँ पहुँचना है |
अपने वर्त्तमान हालात को ध्यान में न लेते हुए उन सभी चीजों को इकठ्ठा करें और एक अवलोकन फलक तैयार करें और उसे ऐसी जगह पर रखें जहाँ आप रोज देख सकें| यह अवलोकन फलक आपको आलसी नहीं होने देगा और ज्यादा मेहनत से काम करके आपको जो पाना है उस की ओर ले जायेगा! लाखों लोगों ने परिणामलक्षी अवलोकन फलक कैसे बनाया जाता है, वह डॉ. स्नेह देसाई के सिग्नेचर इवेंट “Change Your Life” में सिखा है और चमत्कारिक परिणाम पाए हैं|

चौथा चरण: सतत काम – खुद को अभ्यस्त कर लो
आलस करना बंद करना एक ऐसी बात है जिसे आपको रोज की ज़िन्दगी में संजोना पड़ेगा तभी आप इससे अभ्यस्त हो सकेंगे | यह सतत कार्य सिर्फ सतत प्रेरणा से होता है| आलास छोड़ने से मिलने वाले फायदों की ओर हमेशा ध्यान केन्द्रित करने से आप आलास को पराजित कर सकते हैं और कार्यान्वित हो सकते हैं | अगर आप आज अपने कार्यों से भागते रहोगे तो आगे जाकर आपको इसके कौनसे दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे इसका हर वक्त विचार कीजिए |
रोज की जिन्दगी की तकलीफों को बीच में लाये बिना यह सब कुछ करो – बार बार दृढ निश्चय करो और हकारात्मक वाक्यों का प्रयोग करो जो आपको सही राह पर रखेंगे | जब निराशा महसूस होने लगे तब सफल व्यक्तियों से सीखें| उन व्यक्तियों की क्रियाओं को ध्यान में रखो जिन्होंने बहुत सारी मुसीबतों का सामना किया हो और आज सफल नज़र आते हों, और शानदार आनंदपूर्ण जिन्दगी जी रहे हैं, जिससे आपको फिरसे उत्तेजना प्राप्त होगी और प्रेरणा भी मिलेगी |

इतना ले जाओ : आज बहुत, बहुत, बहुत ज्यादा काम कर लें ताकि सही समय पर आलस का आनंद उठा सकें – और इसके विपरीत नहीं!

Share