The Secret To Happiness

Written by Sneh Desai on February 10, 2017

The Secret To Happiness

Being happy is easier than one might think. It is no rocket science and in fact is a lot simpler than we perceive it to be. It is a state of mind that makes one feel content on a regular basis. Evidently, it is something that you have control over and is not dictated by the circumstances you live in. It is an extremely basic need to build an incredible life.

Boil Down To The Basics

“I think everybody should get rich and famous and do everything they ever dreamed of so they can see that it’s not the answer.” – Jim Carrey

 Money or fame does not validate the existence of a happy life. Additionally, striving to gain more of it does not guarantee happiness either! Sure it can give you momentary satisfaction but it definitely does not provide a perpetually-happy state of mind. Happiness lies in the most simple and basic things. It is about living in the present rather than daydreaming about a golden future. It is about finding perfection in the most imperfect things. It is about consciously choosing to be positive amidst our negative circumstances. It is about appreciating the small efforts instead of voluntarily looking for faults. It is a lateral shift in the mind towards valuing the basics.

Learn To Be Childlike

“You can be childlike without being childish. A child always wants to have fun. Ask yourself, ‘Am I having fun?” –  Christopher Meloni

 Awaken the innocence within you and be childlike sometimes. Drop looking for evaluating the pros and cons of every situation and allow your heart to do what it wants even if it seems silly. Have fun, period. At home, at work, at a shopping mall, while doing chores; no matter what and where, just have fun! Life is not given to you so that you can weigh the good or bad, lay judgement or criticise others. So learn to be like a child and accept people and situations as they are and have the time of your life irrespective! Learn to make friends of strangers, find happiness in the most ordinary of circumstances and distance yourself from that critical mind.

Stop Overthinking

“We are dying from overthinking. We are slowly killing ourselves by thinking about everything. Think. Think. Think. You can never trust the human mind anyway. It’s a death trap.” – Anthony Hopkins

Once we see that we are not where we would like to be in our lives, we start overthinking. We start being extremely restless and negative and begin to analyse make-believe situations in our heads. As a result, we are overtly critical not just with ourselves but also with others. We start to make drastic changes that are uncalled for and slowly become victims to our situations instead of rising above them. So ditch the overthinking and cultivate positive thoughts. Focus on good, inspiring thoughts. Listen to your heart while despairing and look back at times when you persevered irrespective of having negative people/situations around you. Put up a worthy fight and enjoy while you’re at it! Calm your mind using meditation and practice positivity every single moment without fail!

Realign Your Value System

“If the only prayer you ever say in your entire life is thank you, it will be enough.” – Meister Eckhart

Be thankful for everything and everyone. Count your blessings. Realign your value system to positivity and the only way to do that is by being grateful. Appreciate the roof over your head,

the air you breathe, the food you eat, your family, your friends, your colleagues, your work, the negative situations for having taught you to be a bigger person, the resources you are being provided; just everything! And make sure it is sincere and heartfelt. It teaches you to be humble, makes you value hard work and see the good in everything.

Have A Sense Of Humour

“Why so serious?” – The Joker (The Dark Knight)

Stop taking things seriously and build a sense of humor. Learn to laugh at yourself and let go of that ego! It is the most liberating thing to do. We get so caught up in the morbid things in life that we forget to have a good laugh. There’s so much that can give us joy amongst all the seriousness. Not just that, it helps us to take things easy. So laugh it off!

Be Giving and Forgiving

“The weak can never forgive. Forgiveness is the attribute of the strong.” –  Mahatma Gandhi

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Be forgiving and giving. Stop holding grudges. It will be harsher to you than someone else in the long-term and you can surely live without such a burden. Know that everyone makes mistakes and it is okay to forgive and forget. To let go is the first step towards a happy life. Feel lighter and learn to give and help everyone. Help the less fortunate; it’ll let you see life with a very different perspective.

Exercise

“Exercise is really important to me – it’s therapeutic. So if I’m ever feeling tense or stressed or like I’m about to have a meltdown, I’ll put on my iPod and head to the gym or out on a bike ride along Lake Michigan with the girls.” –  Michelle Obama

Draw yourself into a healthy regimen. Exercising gives you control and helps in relieving stress. It makes you feel good about yourself leading to a sense of self-importance. It gives you a sense of purpose and higher self-esteem because you actively take control of improving yourself.

Also, physical well-being automatically leads to mental well-being. It helps you practice restraint over unnecessary thoughts and build a positive outlook towards life.

So go out there keeping the above in mind and remind yourself daily of why it is so important to be happy above and beyond anything else!

खुशियों (सुख)  का राज़ 

खुश होना आप सोचते हैं उससे कई गुना आसान है| यह कोई गहरा विज्ञान नहीं है और हमें लगता है उससे कई ज्यादा सहज है| यह मन की एक स्थिति है जो हमें नियमित रूप से संतुष्ट होने का एहसास कराता हैं| अतः, ज़ाहिर है कि यह केवल आप ही के हाथ में है नाकि  आप किस परिस्थिति में जी रहे हैं उस पर| एक अविश्वसनीय जीवन की रचना करने के लिए यह निहायत ही बुनियादी ज़रुरत है|

बुनियादों पर लौट आओ

“मैं सोचता हूँ की सबने अमीर और प्रसिध्द बनना चाहिए ताकि वे वह सब कुछ कर सकें जिसका सपना उन्होंने देखा हो जिससे उन्हें पता चलेगा की यह किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं है| – जिम कैरी

पैसा या प्रसिध्दी सुखी जीवन का प्रमाण नहीं होते| और फिर, इन दोनों को अधिकतर हासिल करना भी खुशियों की गारंटी नहीं देता! यकीनन यह आपको क्षणिक संतुष्टि देगा परन्तु यह उस हमेशा-खुश स्थिति को उपलब्ध नहीं कराता| सुख एकदम साधारण तथा बुनियादी बातों में पाया जाता है| यह वर्तमान में जीने के बारे में है नाकि सुनहरी भविष्य के बारे में दिवास्वप्न देखना| यह सबसे त्रुटिपूर्ण वस्तुओं में से उत्कृष्टता खोज निकालने के बारे में है| यह हर नकारात्मक परिस्थिति को जानते हुए भी अपने पूरे होशहवास से सकारात्मक रवैया अपनाने के बारे में है| यह हर छोटी कोशिश की प्रशंसा करने के बारे में है नाकि स्वेच्छापूर्वक दोष ढूढना| यह मन की बुनियादों को बहुमूल्य मानने की ओर एक गौण तबदीली है|

शिशु सुलभ बनना सीखो

“आप बचकाना हुए बिना शिशु सुलभ हो सकते हैं| एक बालक को हमेशा खेल-मज़ाक करना होता है| खुद से सवाल करो, ‘क्या मुझे मज़ा आ रहा है?’ – क्रिस्टोफर मेलोनी

अपने अन्दर की मासूमियत को जगाइए और कभी कभी शिशुवत बन जाइए| हर परिस्थिति की अच्छाइयों व बुराइयों का मूल्यांकन करना छोड़कर अपने दिल को वही करने दीजिए जो वह करना चाहता है, चाहे फिर वह मूर्खता ही क्यों ना लगे| मज़ा कीजिये, बस| घर में, दफ्तर में, खरीदी करते वक्त, छोटे-मोटे काम करते समय; कहीं पर भी हो व किसी भी हालात में हो – बस मज़ा कीजिए! आपको जीवन इसलिए नहीं मिला है की आप अच्छे-बुरे की तुलना कर सकें, अपना मंतव्य दे सकें, या दूसरों की आलोचना कर सकें| अतः शिशु सुलभ होना सीखिए और लोगों व परिस्थितियों को वह जैसे हैं वैसे ही उन्हें अपनाना सीखें और अपने जीवन का सबसे बेहतरीन समय बीताइए, चाहे कुछ भी हो! अनजान लोगों से दोस्ती करना सीखो, सबसे मामूली परिस्थिति में ख़ुशी ढूँढिए और खुद को उस आलोचना करने वाले मन से दूर रखिए|

अत्यधिक सोचना बन्द कीजिए

हम अत्यधिक सोच से मर रहे हैं| हर चीज़ के बारे में सोच-सोच कर हम खुद को धीरे-धीरे मार रहे हैं| सोचो| सोचो| सोचो| वैसे भी हम मानव मन का कभी भी विशवास नहीं कर सकते| यह एक मौत का शिकंजा है|” – अन्थोनी हॉपकिंस

जैसे ही हम देखते हैं की हम अपने जीवन में जहाँ होना चाहते थे वहाँ नहीं हैं, हम अत्यधिक सोचने लगते हैं| हम एकदम बेचैन तथा नकारात्मक होने लगते हैं और अपने दिमाग में काल्पनिक अवस्थाओं का पृथक्करण करने लगते हैं| फलस्वरूप हम ना केवल खुद की बल्कि दोसरों की भी बहुत ज्यादा आलोचना करने लगते हैं| जो बिल्कुल ज़रूरी नहीं हैं ऐसी  खतरनाक तबदीलियाँ हम करने लगते हैं और परिस्थिति से ऊपर उठने के बजाय अपनी ही बनाई हुई अवस्थाओं के शिकार बन जाते हैं| अतः बहुत ज्यादा सोचने की आदत को त्याग दो और सकारात्मक विचार बढ़ाओ| अच्छे, प्रेरणात्मक विचारों पर ध्यान दीजिए| जब अधिक निराश हों तब अपने दिल की सुनिए और उस समय का विचार कीजिए जब अपने इर्दगिर्द नकारात्मक लोगों / अवस्थाओं के बावजूद आप डटे रहे थे| ____ (अच्छी) जंग लड़िये और ओके हर पल का मज़ा लीजिए! चिंतन से अपने मन को शांत कीजिए और भूले बगैर हर पल सकारात्मकता से विचार कीजिए|

अपनी नीति का पूनर्निर्मान को

“यदि अपने जीवन में आपने केवल एक ही प्रार्थना की – धन्यवाद – तो यह काफी होगी|” – मिस्टर एकहार्ट

हर एक व्यक्ति व वस्तु के लिए आभारी बनो| अपने वरदान गिनो| अपनी नीति का हकारात्म्कता की ओर पूनर्निर्मान कीजिये और यह करने का एकमात्र तरीका है कृतज्ञ होना| अपने सर के ऊपर के छत की, जिस हवा में आप साँस लेते हो उसकी, जो खाना आप खाते हो उसकी, अपने परिवार की, अपने मित्रों की, अपने सहकर्मचारियों की, अपने काम की, आपको बेहतर व्यक्ति बनाने के लिए उन नकारात्मक अवस्थाओं की, जो संसाधन आपके प्राप्त हो रहे हैं उनकी, अर्थात हर एक वस्तु की सराहना कीजिए| और सुनिश्चित करो की यह सच्चे दिल से व पूरी इमानदारी से हो| यह आपको नम्र बनना सिखाता है, अपनी कड़ी मेहनत की आदर करना सिखाता है, और हर चीज़ में कुछ अच्छा देखना सिखाता है|

विनोदिता होनी ज़रूरी है

“इतने गम्भीर क्यों?” – द जोकर (द डार्क नाईट)

हर बात को गंभीरता से लेना छोडिये और अपनी विनोदिता विक्सित कीजिये| खुद पर हँसना सीखो और उस अहंकार को जाने दो| यह सबसे मुक्त करने वाली बात है| हम जीवन की दूषित बातों में इतने ज्यादा जकड जाते हैं कि हम खुल के हँसना भूल जाते हैं| इस सारे गंभीरता के बीच बहुत कुछ है जो हमें काफी ख़ुशी दे सकता है| केवल यही नहीं, यह हमें हर बात को आसानी से झेलने में मदद करता है| तो उसे हँसी में उड़ा दो|

दानी व क्षमाशील बनो

“कमज़ोर व्यक्ति कभी माफ़ नहीं कर सकता| क्षमाशीलता ताकतवर का गुण है|” – महात्मा गांधी

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दानी व क्षमाशील बनो| दुर्भाव संभालना बंद कर दो| लम्बे अर्से में किसी और के बजाय, यह आपको ही ज्यादा नुकसानदेय साबित होगा और यकीनन आप इस बोझ के बगैर रह सकते हो| छोड़ देना या जाने देना, सुखी जीवन की ओर का पहला कदम है| अधिक हल्का महसूस करो और सबको देना और मदद करना सीखो| कम नसीबदार वालों की मदद कीजिये; यह आपको ज़िन्दगी को नए नज़रिए से देखने देगा|

कसरत

मेरे लिए कसरत बहुत महत्वपूर्ण है – यह शांतिदायक है| इसलिए जब भी में तनाव या दबाव महसूस करती हूँ या मुझे बहुत ज्यादा गुस्सा आया हो, तो मैं अपना आई-पोड लगाती हूँ और व्यायामशाला में चली जाती हूँ या अपनी बेटियों के साथ मोटर साईकिल पर मिशिगन तालाब के किनारे पर एक लम्बी सैर के लिए चली जाती हूँ|” – मिशेल ओबामा

अपने आप को एक स्वास्थ्यपूर्ण आहार नियम में ढालो| कसरत से आप नियंत्रण पा सकते हैं और यह तनाव को हल्का करने में मदद करता है| यह आपको खुद के बारे में अच्छा महसूस कराता है जिससे आपको स्वाभिमान का एहसास होगा| यह आपको एक लक्ष्य की तथा एक उच्चतर स्वाभिमान की अनुभूति कराता है क्योंकि आप सक्रियता से अपने आप को सुधारने का ज़िम्मा लेते हैं| साथ ही, शारीरिक स्वास्थ्य अपने आप ही मानसिक स्वास्थ्य की ओर ले जाता है| इससे आपको अनावश्यक विचारों पर काबू पाने में मदद मिलती है और ज़िन्दगी की ओर एक हकारात्मक रवैया बनाने में भी सहायता मिलती है|

तो बाहर निकालिए और उपरोक्त सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अपने आप को याद दिलाइये की हर एक बात से बढ़कर खुश रहना क्यों सबसे महत्वपूर्ण है|

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