No one wants to live with regret. And also, no one wants to die without having lived a fulfilling life that they are proud to call their own. Especially when death is a guaranteed end to life, what you do in between these two important stages is what really matters! But guess what? No matter how many years you have spent feeling inadequate about any aspect of your life, it is never too late to live life to the fullest – especially when you are living in the PRESENT! Here’s looking at a few things you can and must experience before you die – most of which includes a mix of both bucket list items and some significant life-defining moments, take a look:-

1. Meet Failure –

Failure defines you SO much more than your successes. Whether you like it, don’t like it, want to accept it or avoid it – it is kind of inevitable. But why should you mandatorily experience it? Because it shapes your attitude, makes you realize your true capability, lets you know your weaknesses where you need to work harder and is a GREAT reality check. Really think about it, if not for failure one could have ended up being an over-entitled person taking everything for granted and in the process forgetting that happiness lies in the littlest of things and in constantly learning something new! I share my own story of failures in my signature 2-days event ‘Change Your Life’ Workshop.

2. Go On Your Dream Vacation –

Doesn’t matter what your financial issues are or whether you actually have enough money to take the most special vacation of your life or not. You don’t need to worry about the process – you just need to dream and hope and find happiness in planning the best holiday of your life and things shall fall into place on its own. If you stop yourself by concerning about the impediments on the journey at the very onset, then you shall never be able to take the “road less traveled”. Take time out of your busy schedule under all circumstances and really give yourself a much-needed break! Whether it’s visiting the Great Wall of China, riding a hot air balloon in Istanbul, walking on the beach at the Santorini islands or gaping at the breathtaking beauty of Kashmir – stop waiting, start doing!

3. Learn To Be Alone –

Being alone does not have to be lonely. And only you can turn it around to make it a fulfilling ‘solitude’. But you shall never be able to be fully happy in life until and unless you can learn to live with your own self and enjoy your own company. You know what happens when you begin to love being alone? You don’t have to find happiness in the outside world or expect someone else to make you happy. You shall feel happy with or without anyone. But the best side effect of the same is that others shall miraculously find you extremely loving and accepting too! So read a book over going out with your friends, go on a hike/trek on your own, go for a movie on your own, go to your favorite restaurant and eat by yourself savoring every moment and bite! It is one of the best feelings ever to have existed!

4. Express Yourself –

And by express I mean not just to open your heart out to others, but also be open to others enough such that they can express themselves to you. Be open to taking others’ anger, stress, anxiety, criticism, compliments. Everything! One of the best ways to improve this is by opening up your heart to a pet! Go out there if you can and by all means own a pet and give it all your love and care, and slowly you shall be more confident in opening yourself up to fellow humans too! Animals really help you cope with so many self-inflicted problems and take away your shyness making you more extroverted. Other ways of expressing yourself is through any form of art – whether it is painting, writing or dancing. Go back to that one hobby you’ve always wished to pursue but were unable to! Here’s a list of my books if reading is your hobby.

5. Learn A Skill –

Gardening, a new language, kick-boxing, Pilates, horse-riding, basically anything. The whole point of learning a new skill is to be able to get over your deep-rooted fears – whether it is public-speaking or handling an audience or talking to a stranger or making new friends. Learning a new skill not only helps you become a more accomplished person but also helps one become a better individual and a more compassionate human being. It shall help you broaden your horizons.

5 चीजें जिन्हें मरने से पहले करना चाहिए

कोई भी व्यक्ति पछतावे के साथ जीना नहीं चाहता। और, कोई भी व्यक्ति अपना पूरा जीवन, जिसे वे गर्व से अपना कहते है, उसे जीये बिना मरना नहीं चाहता। विशेष रूप से जब मृत्यु जीवन के अंत की गारंटी होती है, तब आप इन दो महत्वपूर्ण स्थितियों के बीच क्या करते हैं, यह वास्तव में महत्त्व रखता है! लेकिन बात यह है की, अपने जीवन के किसी भी पहलू के बारे में अपर्याप्त महसूस करने में आपने कितने ही साल क्यों न बिताए हो, भरपूर जिंदगी जीने में कभी देर नहीं होती है – खासकर जब आप वर्तमान में रह रहे हैं! यहां कुछ चीजें बता रहे हैं जिन्हें मरने से पहले आपने जरुर अनुभव करने चाहिए – जिनमें से अधिकांश, जीवन में पूरी करनेवाली इच्छायें (बकेट लिस्ट) और जीवन को परिभाषित करनेवाले कुछ महत्वपूर्ण क्षणों का मिश्रण शामिल है। आईये, एक नज़र डालें: –

1. असफलता का सामना करे –

असफलता आपको आपकी सफलताओं से कहीं अधिक परिभाषित करती है। चाहे आप इसे पसंद करते हैं या इसे नापसंद करते हैं, इसे स्वीकार करना चाहते हैं या इससे बचना चाहते है – असफलता अपरिहार्य है। लेकिन आपको अनिवार्य रूप से इसका अनुभव क्यों करना चाहिए? क्योंकि यह आपके दृष्टिकोण को आकार देती है, आपको अपनी वास्तविक क्षमता का एहसास देती है, जहां आपको कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होती है वैसी कमजोरियों को जानने का मौका देती है और एक बड़ी वास्तविकता की जांच होती है। इसके बारे में ज़रा सोचें, अगर असफलता ना हो तो एक व्यक्ति ज्यादा अधिकार पा जाता और सब कुछ आसानी से मिलता है, यह मान लेता है। वह यह भूल जाता / जाती है कि छोटी-छोटी चीजों में और लगातार कुछ नया सीखने में ही खुशियाँ होती है! मैं अपने 2 दिन के विशेष कार्यक्रम ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) कार्यशाला में असफलताओं की अपनी कहानी साझा करता हूं।

2. अपने सपनो की छुट्टियों मनाएं –

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके वित्तीय मुद्दे क्या हैं या क्या आपके पास आपके जीवन की सबसे विशेष छुट्टी लेने के लिए वास्तव में पर्याप्त धन है या नहीं। आपको इनके बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है – आपको केवल अपने जीवन की सबसे अच्छी छुट्टियों की योजना बनाने के सपने देखने और आशा करने और खुशीयां पाने की आवश्यकता है और चीजें अपने आप हो जाएंगी। यदि आप बिलकुल शुरुआत में ही यात्रा में आनेवाली बाधाओं के बारे में सोचकर खुद को रोकते हैं, तो आप कभी भी कठिन रस्ते पार नहीं कर पाएंगे। हर परिस्थिति में अपने व्यस्त कार्यक्रम से बाहर निकलें और खुद को एक बहुत ही आवश्यक ब्रेक दें! चाहे वह चीन की महान दीवार हो, इस्तांबुल में एक गर्म हवा के गुब्बारे की सवारी हो, सैंटोरिनी द्वीपों में समुद्र तट पर चलना हो या कश्मीर की लुभावनी सुंदरता को निहारना हो – प्रतीक्षा करना बंद कीजिये और काम करना शुरू!

3. अकेले रहना सीखें –

अकेले होने के लिए अकेलेपन का होना जरूरी नहीं है। और केवल आप इसे एक पूर्ण ‘एकांत’ बना सकते हैं। लेकिन आप जीवन में पूरी तरह से खुश नहीं होंगे जब तक कि आप अपने स्वयं के साथ रहना और उसका आनंद लेना सीख सकें। आप जानते हैं कि जब आप अकेले रहना पसंद करते हैं तो क्या होता है? आपको बाहरी दुनिया में खुशी ढूढनी नहीं है या किसी और ने आपको खुश करने की उम्मीद नहीं रखनी है। आप किसी के साथ या उनके बिना खुशी महसूस करेंगे। लेकिन इसका सबसे अच्छा प्रभाव यह है कि अन्य लोग आपको बेहद प्यारा और स्वीकार करनेवाला / वाली पाएंगे! तो अपने दोस्तों के साथ बाहर जाने, हाईक / ट्रेक पर जाने, अकेले फिल्म देखने के लिए जाने, अपने पसंदीदा रेस्तरां में जाकर हर पल और निवाले का स्वाद लेने के बारे में, एक किताब पढ़ें। यह मौजूद सबसे अच्छी भावनाओं में से एक है!

4. स्वयं को व्यक्त करें –

अभिव्यक्ति से मेरा मतलब है कि न सिर्फ दूसरों के सामने अपना दिल खोलें, बल्कि दूसरों के लिए भी खुले रहें ताकि वे स्वयं को आपके सामने व्यक्त कर सकें। दूसरों का क्रोध, तनाव, चिंता, आलोचना, प्रशंसा सब कुछ झेलने के लिए खुले रहें। इसे सुधारने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है अपने दिल को पालतू जानवर के लिए तैयार करना! अगर आप यह कर सकते हैं तो बाहर निकलिए और अपने लिए एक पालतू जानवर ले आईए। उसे अपना पूरा प्यार दे और जिम्मेदारी लें। धीरे-धीरे आप अपने आप को मनुष्यों के सामने खुलने में अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगे! वास्तव में पशु आपको आपकी समस्याओं का सामना करने में मदद करते हैं और आपके शर्मीलेपन को दूर करते हुए आपको अधिक बहिर्मुखी बनाते हैं। कला भी स्वयं को व्यक्त करने का एक माध्यम हैं – चाहे वह पेंटिंग, लेखन या नृत्य हो। उस शौक को वापस करें जिसे आप हमेशा करना चाहते थे लेकिन कर नहीं सकते थे! अगर आपका शौक पढ़ना है तो मेरी किताबों की सूची यहां दी गई है।

5. कोई नयी कुशलता सीखें –

बागवानी, एक नई भाषा, किक-बॉक्सिंग, पिलेट्स, घुड़सवारी – मूल रूप से कुछ भी सीखे। एक नया कौशल सीखने का उद्देश गहरे जड़ जमाए अपने डर को दूर करने योग्य होना होता है – भले ही यह सार्वजनिक मंच पर बात करना या श्रोताओं से निपटना या अजनबी से बात करना या नए दोस्त बनाना हो। नयी कुशलता सीखना न केवल आपको एक अधिक अनुभवी व्यक्ति बनने में मदद करता है बल्कि एक व्यक्ति को बेहतर व्यक्ति और अधिक दयालु इंसान बनने में भी मदद करता है। यह आपको अपने क्षितिज को विस्तृत करने में मदद करेगा।


Life’s a mystery – no one knows what’s in his/her kitty. But you have got to live through the ups, the downs, the highs and the lows irrespective of everything else. Bad times hit the best of people. But you know what makes one truly the BEST? When he/she can survive through it without making it look like a tragedy from a third person’s point of view! No one around you should feel like you are going through a bad phase in your life. That’s where genius lies and that’s where my role kicks in too. So read on and find out how you can survive through the worst without being extra melodramatic about it:-

Find your centre –

Whether its spirituality, religious sentiments or meditation – find your centre. By centre I mean something that can make you feel at peace no matter how troublesome the circumstances are around you, you shall be able to go on without much disturbance. Something that shall make you feel like you’re at home. Something that shall make you forget, even if it is for a few minutes, that you are in darkness. This is the most basic first step to finding the silver lining! One of the ways is to practice meditation from ‘Spiritual Reality’ DVD even if you are a beginner.

Replace –

Try to replace your bad circumstances by indulging in something that you love. We cannot truly let go of anything unless we replace it with something better in its place such that we can redeem ourselves. For example, when someone tries to let go of a bad habit (like smoking for example), they replace it with a better habit if not the best (nicotine patches for example). But slowly and steadily they are able to let go of the bad and make peace with a newer lifestyle. So find out what you love doing – and make sure this habit is a something that is less resourceful and more personal like journaling, taking a walk, reading a book etc. Just stick to the basics.

Happy Place –

I am sure you have a place in your city/town which reminds you of happier times. For most people it actually is just their respective homes. But sometimes during our bad times, the confines of our own house seems to be carrying closeted old monsters along with it. Thus, find that “happy place” which reminds you of a beautiful (preferably childhood) memory. If you don’t have one then even better! Go explore your city’s nooks and corners and find a place that shall make you feel happy amidst nature. And try spending a few minutes every week there to help you understand how temporary the bad phase is too!

Third Person’s Help –

In case you feel too alone and desperately in need for help, please do not hesitate to talk to someone close. In case you don’t have a particular person, try seeking professional help such that you are well-assisted with at least your mental peace and balance. There is no shame in seeking help. It only shows that you are aware of your problems and are wanting to do something about it. Alternatively, you can even help someone in pain; hear at least 5 people’s problems and you’ll realize how amazing your life is. I talk about this much in detail in my signature 2-days event ‘Change Your Life’.

Stop The Blame-Game –

One of the most tragic side-effects of going through a troublesome time is the fact that one tends to blame others over and over again and holds a grudge. Or people, instead of calming themselves down, keep picking fights and conflicts with others. Stop the blame-game immediately. One can blame umpteen number of people for their problems, but it takes guts to stand up to them and face your own monsters. Choose the kind of attitude you want to carry on your shoulders and act accordingly.

Travel –

There is no issue that cannot be solved once you take some time out and decide to travel. Travelling takes some steam off of all the tension. And mind you, you do not necessarily have to go to an exotic location. Just going to any nearby location can do the trick as long as it makes you forget the past and helps you to realize the importance of the present moment; and how the present is shaping your life. I have traveled over 23 countries and know how easily we can get rid of our bad mood or times just by being at a different place.

The Show Must Go On –

This is the bottom line. No matter what you are going through a third person should not feel the burden of your tragedy. When this line – “The show must go on.” – sets foot in your mind, you shall learn to be more responsible for your own tensions instead of gaining sympathy. This is exactly what shall help you to be more courageous and more cautious in the future.

अपने बुरे समय में कैसे खुश रहें?


जीवन एक रहस्य है –

कोई भी नहीं जानता कि उसके खजाने में क्या छिपा है। लेकिन आपको इन सब के बावजूद खुशियाँ और दुःख सहने होंगे, ऊंचाईयों और निचाईयों पर रहना होगा। बुरे समय का सामना तो सबसे अच्छे लोगों को भी करना पड़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तव में सबसे अच्छा कैसे बनते है? जब वह किसी तीसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण से यह त्रासदी की तरह दिखे बिना, बने रह सकता / सकती है! आपके आस-पास के किसी को भी ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि आप अपने जीवन में एक बुरे समय से गुजर रहे हैं। यही प्रतिभा है और यहाँ मेरी भूमिका भी शामिल है। तो इसे पढ़ें और पता लगाएं कि आप इसके बारे में ज्यादा नाटकीय हुए बिना यह कैसे सह सकते हैं: –

अपना केंद्र खोजें –

चाहे आध्यात्मिकता, धार्मिक भावनाएं या ध्यान हो – आप अपना केंद्र ढूंढें। केंद्र से मेरा मतलब है की आपकी आस-पास की परिस्थितियां कितनी परेशान करनेवाली क्यों ना हो, आपके पास कुछ ऐसा हो जो आपको शांति महसूस करा सकता है, फिर आप बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ सकेंगे। ऐसा कुछ जो आपको महसूस करायेगा कि आप घर पर हैं। कुछ ऐसा जो आपको भले ही कुछ मिनटों के लिए क्यों न हो, यह भुला देगा, कि आप अंधेरे में हैं। अंधेरे में सूरज की रोशनी खोजने के लिए यह सबसे बुनियादी पहला कदम है! इसका एक तरीका है, ‘Spiritual Reality’ (स्पिरिचुअल रेआलिटी) डीवीडी से ध्यान का अभ्यास करना, भले ही आप नौसिखिया क्यों न हों।

पलट दिजिये –

अपनी बुरी परिस्थितियों में उस चीज़ को शामिल करने का प्रयास करें जिसे आप पसंद करते हैं। जब तक हम खुद की हानि को कुछ ऐसी बातों से बदलते नहीं है जो हमें मुक्त कर सके, हम वास्तव में कुछ भी नहीं भूल सकते हैं। उदाहरण के लिए, जब कोई अपनी बुरी आदत (धूम्रपान जैसी आदत) जाने देता / देती है, तो वे इसे दुसरे कम बुरे आदत के साथ बदल देते हैं (उदाहरण के लिए निकोटीन पैच)। लेकिन धीरे-धीरे और निरंतर वे बुरा छोड़ देने और एक नई जीवन शैली के साथ शांति बनाने में सक्षम होते हैं। तो पता करें कि आप क्या करना पसंद करते हैं – और यह सुनिश्चित करें कि यह आदत ऐसी हो जिसमें कम पैसा लगे और वह लिखना, चलना, किताब पढ़ना आदि जैसे अधिक व्यक्तिगत हो। बस मूल बातों को पकड़े रहे।

खुशियोंवाली जगह –

मुझे विश्वास है कि आपके शहर / गाँव में एक ऐसी जगह है जो आपको उस समय की याद दिलाती है जब आप खुश थे। ज्यादातर लोगों के लिए यह अपना घर ही होता है। लेकिन कभी-कभी हमारे बुरे समय में, हमारे घर की सीमाएं अपने साथ बंद की हुई पुरानी बुरी यादें भी साथ लेकर चलती हैं। इसलिए ऐसी “खुशियोंवाली जगह” ढूंढें जो आपको किसी सुंदर (अच्छा हो की वह बचपन की हो) स्मृति की याद दिलाती हो। यदि आपके पास कोई नहीं है तो और अच्छा है! जाइये, अपने शहर के नुक्कड़ों और कोनों का पता लगाएं और एक ऐसी जगह खोजें जो आपको प्रकृति के बीच खुशियाँ महसूस करायेगी। और वहां हर सप्ताह कुछ मिनट खर्च करने का प्रयास करें जिससे आपको यह समझने में मदद होगी कि खराब परिस्थितियां कितनी अस्थायी होती है!

तीसरे व्यक्ति से सहायता लें –

यदि आप खुद को बहुत अकेला और मदद की सख्त ज़रूरत महसूस करते हैं, तो कृपया किसी से बात करने में संकोच न करें। यदि आपके पास कोई विशेष व्यक्ति नहीं है, तो पेशेवर मदद की तलाश करें ताकि आप कम से कम अपनी मानसिक शांति और संतुलन पा सकें। मदद मांगने में कोई शर्म नहीं है। यह केवल दिखाता है कि आप अपनी समस्याओं को जानते हैं और इसके बारे में कुछ करना चाहते हैं। वैकल्पिक रूप से, आप किसी को भी उनके दुःख-दर्द में मदद कर सकते हैं; कम से कम 5 लोगों की समस्याओं को सुनें और आपको पता चलेगा कि आपका जीवन कितना अद्भुत है। मैं अपने 2 दिनों के विशेष कार्यक्रम ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) में विस्तार से इस बारे में बहुत कुछ बताता हूं।

दोष देने का खेल रोकें –

परेशानी के समय से गुजरने के सबसे दुखद दुष्प्रभावों में से एक यह तथ्य है कि कोई व्यक्ति बार-बार दूसरों को दोषी ठहराता है और उसके खिलाफ दुश्मनी रखता है। या लोग, खुद को शांत करने की बजाय, दूसरों के साथ झगड़े और संघर्ष करते रहते हैं। दोष देने वाला खेल तुरंत बंद कीजिए। कोई भी अपनी समस्याओं के लिए कई लोगों को दोषी ठहरा सकता / सकती है, लेकिन अपनी खुद की समस्याओं का खुद सामना करने में हिम्मत लगती है। जिस रवैये को आप अपने कंधों पर उठाना चाहते हैं वह चुने, और वैसा ही कार्य करें।

यात्रा करें –

थोडा समय निकलकर यात्रा करने का फैसला किये जाने के बाद ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसे हल नहीं किया जा सकता। यात्रा, बहुत कुछ मात्रा में तनाव कम करती है। आपको याद दिला दे की, जरूरी नहीं कि आपको किसी असाधारण विदेशी स्थान पर जाना पड़े। बस किसी भी आस-पास के स्थान पर चले जाईये, जब तक कि आप अतीत को भूल नही जाते और वर्तमान क्षण के महत्व को समझते नही; तथा यह जनते नही कि वर्तमान कैसे आपके जीवन को आकार दे रहा है। मैंने 23 से अधिक देशों की यात्रा की है और मुझे पता है कि हम बस किसी एक अलग जगह पर चाले जाने से हमारे बुरे मूड या समय से कितनी आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

जिंदगी चलती रहनी चाहिए –

यह महत्त्वपूर्ण है। आपकी जिंदगी में क्या हो रहा है इस त्रासदी का बोझ किसी तीसरे व्यक्ति ने महसूस नहीं करना चाहिए। जब यह बात की “जिंदगी तो चलती रहनी चाहिए।” – आपके दिमाग में पक्की बैठ गयी हो तब, आप सहानुभूति प्राप्त करने के बजाय अपने स्वयं के तनाव के लिए अधिक जिम्मेदार होना सीखेंगे। यह वास्तव में आपको भविष्य में अधिक साहसी और अधिक सावधान रहने में मदद करेगा।


Being well-informed about the happenings in your country and around the globe is essential in making sure that people perceive you as a “woke person”, i.e., one who is well-versed with the important, plaguing issues, as well as for general know-how. The sources for the same however, can sometimes be extremely misleading on a very personal level. Yes, today I am talking about the effects of news media, i.e., how truly helpful news channels or newspapers really are! I talk about how negative thoughts are formed in my signature event ‘Change Your Life’ where I share how newspapers/ channels are one of the negative sources for the same. Hopefully it shall be an eye-opening read for you, so let’s directly delve into this:-


The news media are, for the most part, the bringers of bad news….and it’s not entirely the media’s fault, bad news gets higher ratings and sells more papers than good news. – Peter McWilliams

Simplistically put, the media thrives on negativity. The one huge reason for the growing popularity of news media platforms is the fact that it thrives on negativity and keeps filling your brain with toxicity from around the globe. What happens when one person focuses on pessimism? His life will reflect it. Now imagine what will happen if lakhs and lakhs of people not only consume but are made to believe what a terrible state of affairs we are living in? Unfortunately our mind is accustomed to grasp negativity quicker than positivity because of either years of feeling inadequate or because of years of the lack of knowledge about what one positive thought can do to your life. News channels and newspapers are well aware of the same and take a BIG advantage of this weakness to garner higher TRPs for themselves!


America is a country of inventors and the greatest of inventors are the newspaper men. – Alexander Graham Bell

Well, India is no different. It really is a universal truth as far as the media industry is concerned. It is all about twisting facts to your advantage. If you find this as something difficult to believe in, talk to any actor in our country and they will tell you how media manipulates a story and presents the facts in their own subjective manner in order to make sure that the said story seems more “appealing” to its target audience. Sometimes it is almost as if you are using your power to brainwash people! And guess what? They are being successful. There are very few media outlets today that truly focus on the real news instead of being the origin of baseless gossip.


A newspaper is a device for making the ignorant more ignorant and the crazy crazier – H.L. Mencken

Yes, because news channels are so happily and graphically misguiding. In an era where all of us are exposed to more information available for consumption to each of us than ever before, we are unable to differentiate between good information and bad information. Whereas commercially inclined media houses tend to feed our fears and manipulate us to spend our money in the product that they are advertising! Thus, the reliance and trustworthiness upon the information from these sources is a matter of huge concern. Stories are manipulated according to the people sponsoring or backing the financial bandwagon of the newspapers or media channels. So be very careful what you choose to believe in, because there is a very calculated reason for why a piece of news is presented the way it is presented. Read ‘The Power of Subconscious Mind’ by Dr. Joseph Murphy to understand its effect more.


A newspaper is a circulating library with a high blood pressure. – Arthur Baer

There is no doubt in it especially with high levels of insensitivity and defamation. Most channels use their respective platform to pass on vulgar pictures of celebrities or public figures as “news” especially in the name of “pop-culture”. In newspapers we generally see how an article is written about a very sincere struggle or problem of a particular celebrity and along with it (in order to garner more readers, and in order to “retain” the existing ones), they attach a very graphically insensitive picture. We all know about the tiff that Deepika Padukone has had in the past with Times of India. Similarly, news-channels tend to defame people very selfishly and slyly, by posing an opinion and showcasing it as if were the opinion of the general public thus leading to misconduct.


Early in life I had noticed that no event is ever correctly reported in a newspaper. – George Orwell

Why? Because today Indian news channels and papers have their very own political inclinations that they are very cunningly trying to feed their audiences as truth. Switch on your TV at 9 p.m. and there will be debates on any particular topic, and if you view it till the end, you shall realize how you learnt nothing in that hour, just as the people debating on TV because they would not let each other speak at all! Is this news or just noise? Think about it.

क्या समाचार चैनल या समाचार पत्र खतरनाक होते हैं?


अपने देश और दुनिया भर में होने वाली घटनाओं के बारे में अच्छी तरह से जानकारी होना, यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि लोग आपको “सजग व्यक्ति” समझें, यानी, ऐसा व्यक्ति जो महत्वपूर्ण, परेशान करनेवाले मुद्दों के साथ-साथ सामान्य जानकारी से भी अच्छी तरह परिचित है। हालांकि, इसके लिए स्रोत कभी-कभी बहुत ही व्यक्तिगत स्तर पर बेहद भ्रामक हो सकते हैं। हां, आज मैं समाचार मीडिया के प्रभावों के बारे में बात कर रहा हूं, यानी, समाचार चैनल या समाचार पत्र वास्तव में कितने उपयोगी हैं! मैं मेरे हस्ताक्षर कार्यक्रम ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) में नकारात्मक विचार कैसे बनते हैं, इस बारे में बात करता हूं जहां मैं साझा करता हूं कि समाचार पत्र / चैनल नकारात्मक स्रोतों में से एक हैं। उम्मीद है कि यह आपके लिए एक आंख खोलने वाला पाठ होगा, इसलिए चलिए सीधे इसमें शामिल हो जाएं: –


समाचार मीडिया, ज्यादातर, बुरी खबरों को आगे लेकर आने वाले होते हैं …. और यह पूरी तरह से मीडिया की गलती नहीं है, बुरी खबरें उच्च रेटिंग प्राप्त करती हैं और अच्छी खबरों से ज्यादा बेची जाती हैं। – पीटर मैकविलियम्स

सीधी बात यह है कि, मीडिया नकारात्मकता पर फलती-फूलती है। समाचार मीडिया प्लेटफार्मों की बढ़ती लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह तथ्य है कि यह नकारात्मकता पर उभरता है और दुनिया भर की ख़बरों से आपके मस्तिष्क को जहर से भरता रहता है। क्या होता है जब एक व्यक्ति निराशावाद पर केंद्रित होता है? उसका जीवन इसे प्रतिबिंबित करेगा। अब कल्पना करें कि अगर लाखों-लाख लोग न केवल यह सुनेंगे बल्कि यह मानने लगेंगे कि हम किस भयानक स्थिति में रह रहे हैं तब क्या होगा? दुर्भाग्यवश, हमारा दिमाग सकारात्मकता से कहीं अधिक नकारात्मकता को समझने का आदी है, क्योंकि इस बारे में वर्षों से ज्ञान की कमी के कारण या अपर्याप्तता महसूस करने के कारण सकारात्मक विचार आपके जीवन में क्या अच्छाईयां ला सकती है यह हम सोच भी नहीं सकते। समाचार चैनल और समाचार पत्र यह बात अच्छी तरह से जानते हैं और अपने लिए बड़ी टीआरपी हासिल करने के लिए इस कमजोरी का बड़ा फायदा उठाते हैं!


अमेरिका आविष्कारकों का देश है और सबसे बड़े आविष्कारक समाचार पत्र चलानेवाले होते हैं। – अलेक्जेंडर ग्राहम बेल

खैर, भारत अलग नहीं है। जहां तक मीडिया उद्योग का संबंध है, यह वास्तव में एक सार्वभौमिक सत्य है। यह आपके लाभ के लिए तथ्यों को घुमाने के बारे में है। यदि आपको यह विश्वास करने में कुछ मुश्किल लगता है, तो हमारे देश में किसी भी अभिनेता से बात करें और वे आपको बताएंगे कि कैसे मीडिया एक कहानी को तोडती-मरोड़ती है और तथ्यों को अपने खुद के व्यक्तिनिष्ठ तरीके से प्रस्तुत करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहानी अपने लक्षित दर्शकों के लिए अधिक आकर्षक लगे। कभी-कभी यह होता है जैसे आप लोगों का ब्रेनवाश करने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग कर रहे हैं! और अंदाज लगाइये की क्या होता है? वे सफल हो रहे हैं। आज बहुत कम मीडिया केंद्र हैं जो बेकार की गपशप के बजाय वास्तविक समाचार पर ध्यान देती हैं।


एक समाचार पत्र अज्ञानी को और अज्ञानी, और पागल को ज्यादा पागल बनाने के लिए एक उपकरण है। – एच.एल. मेनकेन

हां, क्योंकि समाचार चैनल इतने खुशी से और सजीव ढ़ंग से गुमराह कर रहे हैं। ऐसे युग में जहां हमें पहले से कहीं अधिक जानकारी मिल रही है और हम उसके उपभोग के लिए उपलब्ध हैं, हम अच्छी जानकारी और बुरी जानकारी के बीच अंतर करने में असमर्थ हैं। जबकि व्यावसायिक रूप से प्रवृत्त मीडिया घर हमारे डर को बढ़ाते हैं और जिस उत्पाद का वे विज्ञापन कर रहे हैं उसपर हमारा पैसा खर्च करने के लिए हमें चालाकी से प्रेरित करते हैं! इस लिए, इन स्रोतों से जानकारी लेने पर निर्भर रहना और भरोसा रखना बड़े चिंता का विषय है। समाचार पत्रों या मीडिया चैनलों के व्यावसायिक लाभ को प्रायोजित करनेवाले या समर्थन देने वाले लोगों के अनुसार कहानियां गढ़ी जाती हैं। इसलिए सावधान रहें कि आप किस पर विश्वास करना चुनते हैं, क्योंकि समाचार का एक टुकड़ा किस तरह प्रस्तुत किया जाता है उसका एक सुनियोजित कारण होता है। इसके प्रभाव को और अच्छी तरह समझने के लिए डॉ. जोसेफ मर्फी द्वारा लिखित ‘The Power of Subconscious Mind’ (दी पावर ऑफ़ सबकॉनशियस माइंड) पढ़ें।


समाचार पत्र उच्च रक्तचाप देनेवाला एक घूमता पुस्तकालय है। – आर्थर बायर

विशेष रूप से असंवेदनशीलता और मानहानि का उच्च स्तर देखते हुए इस बात पर कोई संदेह नहीं होता है। अधिकतर चैनल मशहूर हस्तियों या लोकप्रिय व्यक्तियों के अश्लील चित्रों को “समाचार” के रूप में, विशेष रूप से “पॉप-संस्कृति” के नाम पर फ़ैलाने के लिए अपने संबंधित मंच का उपयोग करते हैं। समाचार पत्रों में हम आम तौर पर देखते हैं कि एक विशेष सेलिब्रिटी के बहुत ही गंभीर संघर्ष या समस्या के बारे में एक लेख लिखा गया है और इसके साथ-साथ (अधिक पाठकों को आकर्षित करने के लिए और मौजूदा लोगों को “बनाए रखने” के लिए), वे कुछ असंवेदनशील चित्र जोड़ देते हैं। दीपिका पादुकोण का टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ अतीत में हुए कहा-सुनी के बारे में हम सभी को पता है। इस तरह, समाचार-चैनल एक राय बनाकर ऐसे दिखाते है जैसे यह आम जनता की राय है और लोगों को बहुत स्वार्थी तरीके से और स्वेच्छा से बदनाम करते हैं, इस प्रकार दुर्व्यवहार की ओर ले जाते है।


जिंदगी के शुरुआत में ही मैंने देखा था कि समाचार पत्र में किसी भी घटना की सही रिपोर्ट नहीं की जाती है। – जॉर्ज ऑरवेल

क्यूं? चूंकि आज भारतीय समाचार चैनलों और पत्रों के अपने स्वयं के राजनीतिक झुकाव हैं और वे इसे अपने दर्शकों को सच्चाई के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। रात नौ बजे अपना टीवी शुरू करें और आप देखेंगे की किसी विशेष विषय पर बहस हो रही है और यदि आप इसे अंत तक देखते हैं, तो आपको पता चलेगा कि आपने इतने समय में कुछ भी नहीं सीखा। क्योंकि टीवी पर बहस करते लोग एक दूसरे को बिल्कुल बोलने नहीं देते! क्या यह समाचार है या सिर्फ शोर? इसके बारे में सोचो।


Summer time means different things to different people. For some it means the scorching heat, for some it is a relief from the chills of winter and the onset of the beauty of sun rays. No matter whether you enjoy summers or not, it is a great time to take care of yourselves and your bodies. This is exactly why summer means more fruits! But why exactly is it good to have more fruits in summer compared to other seasons?

Hydration –

Your top priority in summer should be to keep yourself hydrated. Because unlike other seasons, summer gives you a wide spectrum of options to keep yourself hydrated. The easiest one being a host of fruits available in this season. Because not all of us are into the habit of drinking 8 litres or more of water every single day, especially with busier schedules. So, for us lazy-bums, fruits are a great way to make sure you not only get great taste but also high water content.

Alkalinity –

Our diets are (no matter which the ongoing season is) more or less comprised of more outside food, junk, spicy food, fast food etc. which are all acidic in nature, i.e., it leads to a host of problems right from food poisoning to acidity. Thus, in order to balance it out, fruits are a great escape. As mentioned above because fruits have a high level of water-content, they tend to relax your stomach by giving it a dose of alkalinity. The more fruits you intake, the less your willingness to actually eat junk!

No Heat-Stroke –

Summer-heat can be excruciatingly overwhelming, i.e., it leads to heat-strokes so often. Fruits are a great way to immune yourself from it. It helps in nourishing you and hence restores your energy-levels the right way. The heat drains you completely; in fact more than you can imagine especially if you tend to be more outdoors. Thus, in order to boost your immunity fruits are highly essential.

Anti-Oxidant –

Fruits are a great source of antioxidant, i.e., they protect your body from harmful effects like accelerated aging, damaged cells, breaking down of cell tissues, activation of the harmful genes in your DNA etc. which is in stark contrast to processed foods. This is why you need to stock yourself up with fruits more than your normal bhujia and other packaged foods.

Essential Vitamins –

If you are the kind of person who does not like eating the vegetable-greens, you NEED to eat fruits during summers in order to make sure that your body is not deprived of essential vitamins. Citrus fruits like orange are high in Vitamin C, grapes are high in Vitamin K, kiwi is high in Biotin, watermelon is high in Vitamin A etc. The thing is you don’t really need to know which fruit does what, just make sure you incorporate three or more fruits in your diet and your work is sorted! Don’t make it complicated or bear the hassles of planning too much. Just shuffle around and take the benefits of all the fruits that are at your disposal.

Snacking –

If you are one person who is tired of spending a lot of time in the gym but with no results to prove it, you are probably snacking wrong. Of course it is important to make sure that you keep a track of the three big meals of the day, but what causes major damage is snacking between those meals. Replace your small cravings with fruits because they are low in calorie, control blood-pressure as well as cholesterol levels and increase your metabolism. Fruits will make sure you don’t complain about the lack of change in your physical body despite adequate exercising.

Summer is a great time to provide you with numerous fruits, so take this opportunity and use it to your advantage! If you are keen on learning more about some amazing health secrets and formulas, join my 4-days camp ‘Ultimate Life’ where I spend one whole day on maximizing your health.

क्या इन गर्मियों में आप पर्याप्त मात्रा में फल खा रहे हैं?


गर्मियों के दिनों का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हैं। कुछ लोगों के लिए इसका मतलब है चिलचिलाती धुप तो कुछ के लिए यह सर्दियों की ठंड से राहत और सूर्यकिरणों की सुंदरता की शुरुआत है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप गर्मियों का आनंद लेते हैं या नहीं लेकिन यह आप खुद की और अपने शरीर की देखभाल करने का एक अच्छा समय है। यही कारण है कि गर्मी का मतलब है अधिक फल खाना! लेकिन अन्य मौसमों की तुलना में गर्मीयों में अधिक फल खाना क्यों अच्छा है?

हाइड्रेशन (शरीर में पानी की योग्य मात्रा) –

गर्मियों में आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, स्वयं को हाइड्रेटेड रखना। क्योंकि अन्य मौसमों की तुलना में गर्मीयां आपको हाइड्रेटेड रखने के अनेक विकल्प देती है। इस मौसम में उपलब्ध फल खाना सबसे आसान तरीका हैं। क्योंकि, खासकर व्यस्त कार्यक्रमों के साथ हम सभी को एक दिन में 8 लीटर या उससे ज्यादा पानी पीने की आदत नहीं हैं। तो, हमारे जैसे आलसी लोगों के लिए, फल खाना यह सुनिश्चित करने का एक शानदार तरीका है कि आपको न केवल अच्छा स्वाद मिले बल्कि बहुत सारा पानी भी मिले।

क्षारीयता –

हमारे आहार हैं (कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौनसा मौसम चल रहा है) ज्यादातर जंक, मसालेदार भोजन, फास्ट फूड इत्यादि शामिल हैं जो प्रकृति में सभी अम्लीय (एसिडिक) हैं, यानी, यह कई समस्याओं का कारण बनता है-भोजन विषाक्तता (फ़ूड पॉयजन) से लेकर अम्लता तक। इस प्रकार, इसे संतुलित करने के लिए, फल एक बहुत अच्छा पर्याय हैं। जैसा की ऊपर बताया गया है की, क्योंकि फल में पानी की मात्रा उच्च स्तर की होती है, वे आपके पेट को क्षारीयता की खुराक देकर आराम देते हैं। आप जितने अधिक फल खाते हैं, वास्तव में जंक खाने की आपकी इच्छा उतनी ही कम होती है!

लू नहीं लगना –

गर्मीयों की धूप बेहद जबरदस्त हो सकती है, यानी, इससे अक्सर लू लग जाती है। फल खाना खुद को प्रतिरक्षा करने के लिए तैयार करने का एक शानदार तरीका है। यह आपको पोषण देने में मदद करता है और इसलिए आपके ऊर्जा-स्तर को सही तरीके से बहाल करता है। गर्मी आपको पूरी तरह से थका देती है; विशेष रूप से अगर आप बहुत अधिक बाहर रहते हैं तो आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। इसलिए, खुद की प्रतिरक्षा की ताकत को बढ़ावा देने के लिए फल अत्यधिक आवश्यक हैं।

एंटी-ऑक्सीडेंट –

फल एंटी-ऑक्सीडेंट का एक बड़ा स्रोत हैं, यानी, वे तेजी से उम्र बढ़ना, क्षतिग्रस्त कोशिकायें, सेल ऊतकों का टूटना, आपके डीएनए में हानिकारक जीन की सक्रियता आदि जैसे हानिकारक प्रभावों से आपके शरीर को बचाते हैं, जो संसाधित (प्रोसेस्ड) खाद्य पदार्थों के एकदम उलटा है। यही कारण है कि आपको अपने सामान्य भुजिया और अन्य पैक किए गए खाद्य पदार्थों से ज्यादा, फलों को खरीदकर रखने की आवश्यकता है।

आवश्यक विटामिन –

यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हे हरी सब्जीयां खाना पसंद नहीं हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करने के लिए गर्मियों के दौरान फल खाने की ज़रूरत है कि आपका शरीर आवश्यक विटामिन से वंचित न हो। साइट्रस फल जैसे नींबू में विटामिन ‘सी’ ज्यादा होता हैं, अंगूर में विटामिन ‘के’ ज्यादा होता हैं, कीवी में बायोटीन ज्यादा होता है, तरबूज में विटामिन ‘ए’ ज्यादा होता है आदि। बात यह है कि आपको वास्तव में यह जानने की ज़रूरत नहीं है कि कौन से फल का क्या महत्त्व है, बस सुनिश्चित करें की आप अपने आहार में तीन या अधिक फल शामिल करें और आपका काम बन जायेगा है! इसे जटिल न बनाएं या बहुत ज्यादा योजना बनाने की परेशानी न करें। बस चारों ओर घुमो और अपने पास मौजूद सभी फलों के लाभ उठाओ।

अल्पाहार (स्नैकिंग) –

यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो बगैर किसी परिणाम के जिम में बहुत समय बिताकर थक गए हैं, तो आप शायद गलत चीजे खा रहे हैं। बेशक यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप दिन में तीन बड़े भोजन करें, लेकिन उन भोजनों के बीच जो अल्पाहार करतें है वह बड़े नुकसान का कारण है। अपनी खाने की छोटी सी इच्छा को फल के साथ बदलें क्योंकि वे कैलोरी में कम हैं, रक्तचाप के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करते हैं और आपके चयापचय को बढ़ाते हैं। फल खाना सुनिश्चित करेंगे कि आप पर्याप्त व्यायाम के बावजूद अपने भौतिक शरीर में बदलाव की कमी के बारे में शिकायत नहीं करते है।

गर्मी का मौसम एक अच्छा समय है जब आपको कई फल उपलब्ध होते है, इसलिए इस अवसर का लाभ उठायें और इसे अपने लिए उपयोग करें! यदि आप कुछ अद्भुत स्वास्थ्य रहस्यों और सूत्रों के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो मेरे 4-दिनों के शिविर ‘Ultimate Life’ (अल्टीमेट लाइफ} में शामिल हों जहां मैं आपके स्वास्थ्य की उच्चतम सीमा पाने पर एक पूरा दिन बिताता हूं।


The single most important thing for you to do in order to adapt to a healthier lifestyle is to begin with having a good night’s sleep. This is exactly why your night time routine is important. In order to let go of tiredness and getting to stress-free mornings, it is essential for you to have a set schedule and a few simple actions which can help you breeze through the night with adequate sleep as well as with having a great beginning to the next day. Look through below if you want to know how to put in minimal efforts and achieve maximum productivity and peace well before you go off to sleep:-

Plan –

Again if you want your next day to be hassle free prepare ahead of time! Be specific about your goals and your to-dos for the next day well in advance before you go off to sleep. It is one of the most important habits amongst successful people. The key to success is to build upon your hard work every day, bit by bit. Planning is essential for the same. It gives you clarity of thought as well as action. So go ahead and take charge!

Read –

Probably the most common solution to a stress-free routine is to read and transport yourself to a whole new universe. Irrespective of your issues and problems when you begin to read you forget about your own life and start taking interest in someone else’s. In fact, this is one of the best habits to inculcate before sleeping. It relaxes you and helps you reflect about your own life more positively. Basically, it is your shortcut to taking a chill-pill! Wondering what to read? Check out my books here that can make you ready for the next day.

Stretch –

Whenever you feel too uptight, stretch it out! It moves your muscles and gets your blood flowing. Especially those who have to sit on a desk job all day shall benefit greatly when they will ensure stretching at night time. It is so relieving of any muscle pulls or pain (whose origin is more often than not remains to be unnoticed!) It invigorates new energy and helps you sleep not out of tiredness but with a sense of eagerness for the next day!

Meditate –

Again a seemingly very simple step but a GREAT habit to build especially before sleeping. What are the benefits? A good sleep even if you do not get adequate hours – it will help you feel like you have slept like a baby, a Zen-like peacefulness to look at your life more objectively yet positively, more confidence, peace of mind, better decision-making abilities, more head-space to realize the fullness of your wholesome life, maneuvering your subconscious mind to remain peaceful, a great mental desktop to understand your feelings and emotions. The benefits are innumerable and the time required is minimal! All this is beautifully explained in a DVD ‘Spiritual Reality’ where you can learn how to do meditation and its effects.

Skincare –

Most of us have really busy schedule such that we are unable to give time to our bodies! One such fatally injured habit is the lack of proper skincare. Night time can help you find a few minutes to adapt to some simple, age-old rituals of good skincare such that you look your best and utmost fresh the next day when you wake up! One of the best ways is to look in the mirror and say, “I look so beautiful/ handsome. How can I look so good? I love myself. I’m getting younger and healthier each day.” Do this and check your energy level the next day.

Journal –

Be in touch with your inner thoughts and write them down. The moment you do that you shall feel emotionally and mentally lighter. Especially if you are the kind who takes longer than usual to open up to even your closet pals, this method is amazing. It helps you be in touch with the little things that perturb you on a daily basis and helps you deal with your emotions therewith. If nothing, try and write down things that make you feel thankful. Make your private journal a gratitude journal to let positivity breeze into your life, and you shall wake up with the same feeling of happiness and gratefulness!

These are some of the very basic, doable methods of making sure you not only get a good sleep but also a great morning as a result of your night-time routine!

क्या आप सोने से पहले यह चीजें करते हैं?

अपने जीवनशैली को एक स्वस्थ जीवनशैली में रूपांतरित करने के लिए आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप रात को अच्छी नींद लेना शुरू करें। यही कारण है कि आपके रात का नित्य कर्म महत्वपूर्ण है। थकान को भुला देने के लिए और तनाव मुक्त हो सुबह उठने के लिए, आपके लिए एक निर्धारित कार्यक्रम और कुछ सरल काम करना आवश्यक है जिस कारण पर्याप्त नींद के साथ-साथ रात आराम से कटे और अगले दिन एक अच्छी शुरुआत होने में आपकी मदद हो। यदि आप जानना चाहते हैं कि कम से कम प्रयास कैसे करें और सोने से पहले अधिकतम उत्पादकता और शांति कैसे प्राप्त करें, तो नीचे देखें: –

योजना –

यदि आप चाहते हैं कि आपका अगला दिन परेशानी रहित हो, तो समय से पहले तैयार रहें! सोने से पहले अगले दिन के लिए अपने लक्ष्यों और अपने उन कामों के बारे में निश्चित रहें जो आपने करने हैं। यह सफल लोगों की सबसे महत्वपूर्ण आदतों में से एक है। हर दिन अपनी कड़ी मेहनत से थोड़ा-थोड़ा निर्माण करना ही सफलता की कुंजी है। इसके लिए योजना आवश्यक है। यह आपको विचारों के साथ-साथ कार्रवाई की स्पष्टता देती है। तो आगे बढिए और जिम्मेदारी ले लीजिए!

पढ़ें –

तनाव मुक्त दिनचर्या का शायद सबसे आम समाधान है पढ़ना और खुद को एक नए विश्व में ले जाना। जब आप पढ़ना शुरू करते हैं तो आपके मुद्दों और समस्याओं के बावजूद आप अपने जीवन के बारे में भूल जाते हैं और किसी दुसरे में रुचि लेना शुरू करते हैं। वास्तव में, यह सोने से पहले अपनाये जानेवाले सबसे अच्छी आदतों में से एक है। यह आपको आराम देता है और आपको अपने जीवन के बारे में अधिक सकारात्मक रूप से देखने में मदद करता है। असल में, यह दिमाग ठंडा करने का आपका शॉर्टकट है! सोच रहें हो क्या पढ़ना है? यहां मेरी किताबें देखें जो आपको अगले दिन के लिए तैयार कर सकती है।

अंगड़ाई लीजिए –

जब भी आप बहुत तनावग्रस्त महसूस करते हैं, तब एक भरपूर अंगड़ाई लीजिए और उसे बाहर निकालिए! यह आपकी मांसपेशियों को उत्तेजित करता है और आपका रक्त बहने लगता है। विशेष रूप से जो लोग पूरे दिन एक जगह बैठ कर नौकरी करते हैं यदि वे रात के समय खुल कर अंगड़ाई ले तब उन्हें बहुत लाभ होगा। इससे मांसपेशियों के खिंचाव या दर्द से राहत मिलती है (जिसके होने के बारे में हम अक्सर बेखबर रहते है!) यह नई ऊर्जा को बढ़ावा देता है और आपको थकावट से नहीं, बल्कि अगले दिन के शुरुआत की उत्सुकता के साथ सोने में मदद करता है!

ध्यान करना –

और एक बहुत ही सरल कदम लेकिन सोने से पहले विशेष रूप से करने के लिए एक बहुत ही बढ़िया आदत। इसके क्या लाभ हैं? यदि आपको पर्याप्त घंटे नींद नहीं मिलती हैं फिर भी एक अच्छी नींद से आपको यह महसूस करने में मदद मिलेगी कि आप एक बच्चे की तरह सो गए हैं। आपके जीवन को और अधिक उद्देश्यपूर्ण और सकारात्मक रूप में देखने के लिए आपको ज़ेन जैसी शांति मिलेगी, अधिक आत्मविश्वास, मन की शांति, बेहतर निर्णय-क्षमताएं, अपने स्वस्थ जीवन की पूर्णता का एहसास करने के लिए अधिक सोचने और समझने का समय और स्थान, शांतिपूर्ण रहने के लिए अपने अवचेतन मन का विचरण, अपनी संवेदनाओ और भावनाओं को समझने के लिए एक उपयुक्त मानसिक ‘डेस्कटॉप’ (desktop)। लाभ असंख्य हैं और आवश्यक समय न्यूनतम! यह सब एक डीवीडी ‘आध्यात्मिक वास्तविकता’ (Spiritual Reality) में खूबसूरती से समझाया गया है जहां आप ध्यान कैसे करना यह सीख सकते है और उसके प्रभावों के बारे में जान सकते हैं।

त्वचा की देखभाल –

हम में से अधिकांश की समय सारणी वास्तव में इतनी व्यस्त रहती हैं कि हम अपने शरीर को समय देने में असमर्थ होते हैं! ऐसी ही एक गंभीर रूप से नुकसानदेह आदत है, त्वचा के उचित देखभाल की कमी। रात के समय कुछ मिनट निकालिए और अपनी त्वचा की देखभाल के लिए कुछ सरल, पुराने तरीकों को अपनाइए। अगले दिन जब आप जाग जायेंगे तो आप बहुत अच्छा दिखेंगे और ताज़ातरोजा महसूस करेंगे! सबसे अच्छा तरीका है दर्पण में देखना और कहना, “मैं बहुत सुंदर और रूपवान दिखती / दिखता हूं। मैं इतनी / इतना अच्छी / अच्छा कैसे दिख सकती / सकता हूं? मुझे खुद से प्यार है। मैं हर दिन तरुण और स्वस्थ हो रहा / रही हूं।” ऐसा करें और फिर अगले दिन अपने ऊर्जा स्तर की जांच करें।

डायरी –

अपने आतंरिक विचारों के संपर्क में रहें और उन्हें लिखें। जिस क्षण आप ऐसा करते हैं आपको भावनात्मक और मानसिक रूप से हल्का महसूस होगा। विशेष रूप से यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो अपने गहरे दोस्तों तक से खुलने के लिए सामान्य से अधिक समय लेते हैं, तब यह तरीका अद्भुत है। यह आपको उन छोटी-छोटी सी चीजों के संपर्क में रहने में मदद करता है जो आपको रोज-रोज परेशान करते हैं और इससे आपकी भावनाओं से निपटने में मदद मिलती है। यदि ऐसा कुछ भी नहीं है, तब उन चीज़ों के बारे में सोचें और लिखें जो आपको कृतज्ञ महसूस कराते हैं। अपने जीवन में सकारात्मक हवा देने के लिए अपने निजी पत्रिका को कृतज्ञता पत्रिका बनाएं और आप हर दिन खुशी और कृतज्ञता की भावना के साथ जाग जाएंगे!

रात को अपनाए जानेवाले ये बहुत ही बुनियादी, व्यावहारिक तरीकों में से कुछ तरीकें हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि आपको न केवल अच्छी नींद आयेगी बल्कि एक सुन्दर सुबह भी मिलेगी!