6 Ideas to Get Rid of Laziness

That feeling of … I don’t want to do anything at all …hits just about everyone. Many succumb to it easily and stay with the habit for years together, till something happens to pull them out of it. However, even the busiest and the most disciplined people have been known to be hit by the ‘laziness bug’ and end up not doing much for days and even weeks together. Here are some interesting ideas on how to work yourself back into becoming active, when you feel laziness swallowing you:

1. Being lazy can come about when you are always in the same place for a long period of time. So get out of the house and go to a park, club, restaurant or some spot where you can see a lot of people, or get into a conversation with someone. Find a magazine, book or something that will invigorate your mind. Check out the key events happening in your city, which can be a musical fest, sports event or a charity show that you can participate in or watch. Involving yourself in such activities will take you away from boring routines, make you move, get in touch with new people and give you an idea that can turn into something bigger. People come to attend my 2 days’ CHANGE YOUR LIFE Workshop, just because by staying in an inspirational atmosphere & meeting new people, they get new energy.

2. Laziness can come from boredom, so the best way to break away from this is by learning a new hobby or skill. It can be something sporty, or some classes in a particular art, craft or language. You can try enrolling into classes that improvise housekeeping or cooking skills or something that takes you out of the city to a new place, where you can discover, write about or photograph places of art, history and culture. Adventurous activities or tours that take you to exotic places are the best ways to get away from boredom, as they get you thinking about something new, interesting which gets back your zest in life.

3. Exercising, Doing Yoga, Tai Chi etc are some of the most effective ways of getting out of laziness. Enroll in a class as this way you have to make yourself ready to go to the location for physical activity. If you feel that doing the same set of physical routines or exercises is boring, get into something new, which gives the same level of movement. When the body gets moving, you become energetic and motivation arises, which helps break out of the dreadful cycle of laziness.

4. Bring routines into your everyday activities so that you are disciplined, which makes you active and energetic. Laziness takes you out of streamlined tasks and takes you into space where you don’t think and act coherently. So step out of it by thinking of fun ways to make yourself disciplined initially after which you can get into more serious things. For example decide to do aerobic or zumba dance for fifteen minutes every morning for a week, followed by a jog around the neighborhood, after which you will read the morning paper and then attend some phone calls. It may be difficult to get started on such a routine at first, but it’s a start to doing nothing at all.

5. Call up a close friend and talk it out. A lazy state of mind can change with just a simple conversation on something like what’s happening around the corner, in someone’s home, at the park even the weather. You might suddenly get an idea that motivates you to think about something that is interesting. This one change can get you out of the cycle of laziness and into the groove of doing a task or activity that motivates you, shows your skills or learn something new. When you talk from the heart to someone in your inner circle, feelings come out and you can find out something that was not present till now. Your mood changes which help to break you out of laziness and brings back the motivation into life.

6. When you have a lot of things to do, facing them can be difficult, so you put them off, triggering laziness. Get out of this by first writing down all tasks that need to be done, prioritize them and start out by doing those tasks that take the least time. After finishing with this lot, move onto those activities that can take longer time, but do them in a stepwise way so that they are not difficult to manage. Write down any problems that you face on paper so that you can think about them later or find a solution by talking with a friend. Finally, if you find yourself thinking about any task that has to be done quickly, get it done right away. As you finish tasks faster, you find yourself more motivated which breaks away the laziness.

अपने आलस्य से छुटकारा पाने के 6 उपाय

यह महसूस करना की, …‘मैं बिल्कुल कुछ भी नहीं करना चाहता/चाहती’…सभी को यह बात कभी न कभी जकड़ लेती है। कई लोग आसानी से इसका शिकार हो जाते हैं और कई सालों तक यह आदत साथ में रहती हैं, जब तक उन्हें इससे बाहर निकलने के लिए प्रेरणा देने वाली कोई घटना न घट जाए। सबसे व्यस्त और सबसे अधिक अनुशासित लोगों को भी कभी-कभी ‘आलस्य का कीड़ा’ काटता है और वे कई दिनों तक या फिर कभी-कभी तो कई हफ़्तों तक ज्यादा कुछ काम नहीं करते हैं। जब आपको लगता है कि आलस्य आपको निगल रहा है तब खुद को कैसे सक्रिय करें, इस पर निचे कुछ दिलचस्प बातें बतायी गयी हैं:

1. आप तब आलसी हो जाते हैं जब आप हमेशा एक ही जगह पर लंबे समय तक रहते हैं। इसलिए घर से बाहर निकलें और किसी पार्क, क्लब, रेस्तरां या किसी ऐसे स्थान पर जाएं जहां आप बहुत सारे लोगों को देख सकें या किसी के साथ गप्पे मार सकें। कोई पत्रिका, किताब पढ़ें या कुछ ऐसी चीज करे जो आपके दिमाग पर जोर दे। अपने शहर में होने वाली प्रमुख घटनाओं की जानकारी लें। किसी संगीत समारोह, खेल कार्यक्रम या चैरिटी शो में आप भाग ले सकते हैं या उसे देख सकते हैं। इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से आप बोअर होने वाली दिनचर्या से दूर जायेंगे, आप उठने-बैठने हिलने-डुलने के लिए मजबूर हो जायेंगे, नए लोगों के साथ संपर्क में आयेंगे और आपको कोई ऐसी कल्पना सूझ सकती है जो किसी बड़ी चीज को जन्म दे सकती है। मेरे दो दिनों के ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) वर्कशॉप में हिस्सा लेनेवाले प्रतिभागी इसलिए वर्कशॉप में आते हैं क्योंकि उन्हें नए लोगों से मिलने और प्रेरणादायी वातावरण में रहने से नई एनर्जी मिलती हैं।

2. आलस्य बोरियत से आ सकता है, इसलिए इससे दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका होता है कोई नया शौक या कौशल सीखना। आप खेल-कूद में भाग ले सकते हैं या कोई विशेष कला, शिल्प या भाषा सिख सकते हैं। आप हाउसकीपिंग या कुकिंग स्किल्स या किसी चीज़ को इंप्रूव करने के क्लासेस लगा सकते है। ऐसे क्लासेस लगाये जो आपको शहर से बाहर किसी नई जगह पर ले जाने वाले हो, जहाँ आप कला, इतिहास और संस्कृति की जगहों के बारे में जान सकते हैं, लिख सकते हैं या उनके फोटो निकाल सकते हैं। साहसिक गतिविधियाँ करना या घूमने के लिए असाधारण जगहों पर जाना, बोरियत को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। क्योंकि वे आपको कुछ नया, दिलचस्प करने के बारे में सोचने पर मजबूर करते हैं। और आपको जीवन में फिर से उत्साह मिलता है।

3. व्यायाम करना, योग करना, ताई ची आदि आलस्य से बाहर निकलने के कुछ प्रभावी तरीके हैं। आप ऐसी क्लास लगाये जो आपको आपके घर से दूसरी जगह पर जाने के लिए मजबूर करे। यदि आपको लगता है कि एक ही तरह की शारीरिक दिनचर्या या व्यायाम करने से बोअर हो रहे हैं तब कुछ ऐसा नया करें जिससे आपके शरीर में उसी तरह की हलचल हो। जब शरीर में गति होती है, तो आप में एनर्जी आ जाती हैं और प्रेरणा पैदा होती है, जो आलस्य के भयानक चक्र से बाहर निकलने में मदद करती है। मेरे चार दिनों के कैंप ‘Ultimate Life’ (अल्टीमेट लाइफ) में, उसमें हिस्सा लेने वाले लोगों से मैं यह बात शेयर करता हूं कि वे कैसे आसानी से और अच्छे से ज्यादा एक्टिव हो सकते हैं|

4. खुद को एक्टिव, उर्जावान और अनुशासित बनानेवाले काम करें। आलस्य आपको बुद्धिसंगत कार्यों से दूर ले जाता है और आपको ऐसी स्थिति में ले जाता है जहाँ आप न ठीक से सोच पाते हैं और न ही काम कर पाते हैं। खुद को अनुशासित बनाने के लिए शुरुआत में ऐसे कार्य करें जिससे आपको मजा आये, उसके बाद आप और अधिक गंभीर चीजों में हिस्सा ले सकते हैं। उदाहरण के लिए एक सप्ताह के लिए हर सुबह पंद्रह मिनट के लिए एरोबिक या ज़ुम्बा नृत्य करने का निर्णय लें, इसके बाद अपने इलाके में जॉगिंग करें, जिसके बाद आप सुबह का पेपर पढ़ें और फिर कुछ फोन कॉलों करें। शुरुआत में यह सब करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ भी नहीं करने से यह अच्छा है।

5. किसी करीबी दोस्त को बुलाइए और उनसे बात कर मन हल्का कीजिये। किसी कोने में, किसी के घर में, पार्क में क्या चल रहा है इस पर बात करें है। मौसम के बारे में बात करना, जैसे साधारण चर्चा करने से भी मन का आलस्य दूर हो सकता है। अचानक कोई दिलचस्प विचार आपके मन में जन्म ले सकते है। यह परिवर्तन आपको आलस्य के चक्र से बाहर निकाल सकता है। यह आपको प्रेरणा देने वाला कोई काम या गतिविधि करने के लिए, अपना स्किल दिखाने या कुछ नया सिखने की ओर ले जायेगा। जब आप अपने खास दोस्तों से बात करते हैं, तो मन की भावनाएं सामने आती हैं और आपको कुछ नया पता चलता है। आपका मूड बदल जाता है जो आपको आलस से बाहर निकालने में मदद करता है और जीवन में प्रेरणा वापस लाता है।

6. जब आपके पास करने के लिए बहुत से काम होते हैं, तो उन्हें करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए आप उन्हें टालते जाते हैं। यह आलस्य को जन्म देता हैं। इससे बाहर निकलने के लिए पहले उन सभी कामों को लिख ले जो आपने करने हैं, उन कामों को प्राथमिकता के अनुरूप रखें और सबसे पहले उन कार्यों को करना शुरू करें जिन्हें कम से कम समय लगता हो। वे ख़त्म हो जाने के बाद उन कामों पर ध्यान दे जिन्हें ज्यादा समय लगता हो। लेकिन उन्हें एक-के-बाद-एक करें ताकि उन्हें मैनेज करना मुश्किल न हो। काम के दौरान जो भी समस्या आती हो आप उसे कागज़ पर लिखे ताकि आप बाद में उनके बारे में सोच सकें या किसी दोस्त से बात करके कोई हल निकाल सकें। अंत में, यदि आप आपके किसी भी कार्य के बारे में सोच रहे हैं जिसे जल्दी से किया जाना है, तो उसे तुरंत पूरा करें। जैसे-जैसे आप काम जल्दी-जल्दी पूरा करते हैं, आप ज्यादा मोटिवेटेड होते हैं। यह आलस्य को दूर करता है।

How to Overcome any Negative Experience of Your Life

Let’s face the fact. Life is a bundle of positive and negative experiences, but we all make the mistake of thinking more about negative things than the positive ones.The setbacks that happen make us sad, depressed and also affect our relationships. Soon, I am going to have my new batch of ‘Experience Awakening’ program. One of the reasons why my participants love to attend this program is because they finally learn to overcome any negative experience of their life.

So, no matter what happened, here are some important tips that can help you overcome that negative experience, become a better person, get back to who you really are and what you like to do:

1. If a negative experience happens, there is bound to be turn of events. So be patient… wait and see what happens afterwards to make a real assessment of the experience and then come to conclusion on what should be learnt from it. Rash thinking or quick judgement does not come to aid in such matters as you need to wait a bit to see an outcome from it… perhaps someone else’s actions that has brought about a change of the situation etc.

2. Don’t blame anyone and also yourself. Stop trying to pin the cause of the situation on anything or anyone. It is a path that leads to nowhere. Instead accept that such a problem has happened. Accepting also helps to get the reality of the event into the mind and heart and also to overcome it. Once you have accepted it, think of a solution that can help overcome it. In case there is no specific solution to the situation, learn to live with it by keeping the mind and heart focused on other better matters in life.

3. A negative experience always brings out deep anger, which is the sole cause to blame in not getting out of it. This emotion also eliminates other emotions and you stop thinking on how to get yourself out of it. Anger is very stressful, so keep it down by taking long walks, meditation or doing yoga. Once you have learnt to curb anger, your mind becomes calmer and automatically seeks a solution to the problem at hand.

4. Take up something new to learn as it’s a great way of bringing down unhappiness caused by the negative experience. Learning music, crafts, physical exercises or games etc. will help focus your mind elsewhere than the problem. It will help get away from it poor impact on heart and mind and once you have the least impact from it, solutions come to the mind quickly. You also get into a fitter mind to deal with the situation that before.

5. One very effective way of dealing with negative life experiences is to write down all your feelings onto a piece of paper. Write as much as you want, as many times as you feel, but afterwards …tear off the paper. Writing down your feelings helps to better understand yourself and also the current situation. It also brings down levels of stress and tension and is a strong means of overcoming the situation.

6. Go to a place that’s different from where you live currently and in which the experience occurred. You can plan a couple of day’s trip with your friends specifically for this. At this new place, your mind will be dealing with new things and likewise the heart gets influenced. Now is the time to tell yourself about what you have learnt from the situation and also to think about not reliving it over and over again, which once again leads to no solution.

7. Think positively or about those things that make you feel better so that the depressive emotions about the negative situation are pushed to the back of your mind. It’s very important to think about more passive incidents, better situations or take up some activity that make you feel positive and gets you back on track emotionally and mentally. Going over the negative experience repeatedly will only zap off all the energy and strength in your body and mind.

If you like this blog, don’t forget to comment and share it with others.

अपने जीवन के किसी भी नकारात्मक अनुभव को कैसे दूर करें

सच्चाई यह है कि जीवन अच्छे और बुरे अनुभवों की एक गठड़ी है। लेकिन हम सभी सकारात्मक चीजों की तुलना में नकारात्मक चीजों के बारे में ज्यादा सोचने की गलती करते हैं। असफलताएं हमें दुखी, उदास करती हैं और हमारे रिश्तों को भी प्रभावित करती हैं। जल्द ही, मेरे ‘Experience Awakening’ (जाग्रति का अनुभव कीजिये) कार्यक्रम का नया बैच शुरू होने वाला है। मेरे प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम में शामिल होना पसंद है, क्योंकि इसमें वे अपने जीवन के किसी भी नकारात्मक अनुभव को दूर करना सीखते हैं।

सो, जीवन में जो भी हुआ हो, यहां कुछ ऐसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं जो आपको उस नकारात्मक अनुभव को दूर करने में, आपको एक बेहतर व्यक्ति बनने में, आपको आपके वास्तविक रूप में आने में और आपको जो पसंद है वह करने में, आपकी मदद कर सकते हैं:

1. यदि कोई नकारात्मक अनुभव होता है, तो चीजें बदलती है। इसलिए धैर्य रखिये… अनुभव का वास्तविक आकलन करने के लिए प्रतीक्षा कीजिये और देखिये कि बाद में क्या होता है। फिर इससे क्या सीखा जाना चाहिए, यह निष्कर्ष निकालिए। अविवेकी सोच या फटाफट निर्णय ऐसे मामलों में मदद नहीं करते क्योंकि आपको इसके परिणाम देखने के लिए थोड़ा इंतजार करने की आवश्यकता है … शायद किसी और के काम ने परिस्थिति बदल दी हो या ऐसी दूसरी बातें भी हो सकती है जिस कारण स्थिति में बदलाव आया हो।

2. किसी और को दोष न दें और खुद को भी दोषी न माने। किसी चीज़ को या किसी व्यक्ति को इस स्थिति के लिए दोष देना भी बंद कीजिये। इससे कोई फायदा नहीं होता है। इसके विपरीत समस्या हुई है यह स्वीकार कर लीजिये। स्वीकार करने से घटना की वास्तविकता को दिमाग और दिल में उतारने में मदद मिलती है और इससे उबरने में भी मदद होती है। एक बार जब आप इसे स्वीकार कर लेते हैं, तो एक ऐसा उपाय सोचिये जो इसे दूर करने में मदद कर सके। यदि स्थिति का कोई विशेष समाधान नहीं है, तो जीवन में अन्य बेहतर मामलों पर ध्यान और दिल लगाकर इसके साथ रहना सीखिए।

3. एक नकारात्मक अनुभव हमेशा बहुत ज्यादा गुस्सा दिलाता है। अगर इस गुस्से को बाहर नहीं निकाले तो नकारात्मक भावना बढ़ती है। यह भावना अन्य भावनाओं को भी ख़त्म कर देती है और आप यह सोचना बंद कर देते हैं कि खुद को इससे कैसे निकाला जाए। गुस्सा बहुत तनावपूर्ण है, इसलिए लंबी सैर, ध्यान या योग से इसे कम कीजिये। एक बार जब आपने आपके गुस्से को रोकना सीख लिया, तो आपका दिमाग शांत हो जाता है और आप खुद ही सामने खड़ी समस्या का हल ढूंढ लेते है।

4. कोई नई चीज सीखिए, क्योंकि यह नकारात्मक अनुभव के कारण होने वाले दुःख को कम करने का एक शानदार तरीका है। संगीत, शिल्प-कला, शारीरिक व्यायाम या खेल आदि सीखिए। इससे आपके दिमाग को, समस्या से कहीं और ध्यान केंद्रित करने में मदद होगी। यह दिल और दिमाग पर हो रहे बुरे असर को दूर करने में भी मदद करेगा। और जब आप पर इसका कम प्रभाव होगा, तो समाधान भी जल्दी से दिमाग में आयेगा। ऐसी स्थिति फिर आने से उसका सामना करने के लिए आपका दिमाग पहले से ज्यादा फिट रहेगा।

5. नकारात्मक जीवन के अनुभवों से निपटने का एक बहुत प्रभावी तरीका, कागज के एक टुकड़े पर अपनी सभी भावनाओं को लिखना है। जितना चाहें उतना लिखें, जितनी बार महसूस करें, उतनी बार लिखें लेकिन बाद में… कागज को फाड़ दें। अपनी भावनाओं को लिखने से खुद को और वर्तमान स्थिति को भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। यह टेंशन और तनाव के स्तर को भी नीचे लाता है और स्थिति पर काबू पाने का एक मजबूत साधन है।

6. आप उस जगह पर जाएं जो आपके वर्तमान जगह और जहां बुरा अनुभव हुआ, उससे अलग है। आप विशेष रूप से इसके लिए अपने दोस्तों के साथ दो-तिन दिन की यात्रा का प्लान बना सकते हैं। इस नई जगह पर, आपका दिमाग नई चीजों से निपटेगा और इसी तरह दिल भी प्रभावित होगा। अब समय है कि आप खुद को यह बताएं कि, आपने ऐसी स्थिति से क्या सीखा है और इस स्थिति को दूर न करने के बारे में क्या सोचते थे।

7. सकारात्मक सोचें या उन चीजों के बारे में सोचें जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं ताकि नकारात्मक स्थिति से आया डिप्रेशन आपके दिमाग के पीछे चला जाएं। अधिक निष्क्रिय घटनाओं, बेहतर स्थितियों के बारे में सोचना या कोई ऐसी गतिविधि करना बहुत महत्वपूर्ण है जो आपको सकारात्मक महसूस कराए और आपको भावनात्मक और मानसिक रूप से वापस पटरी पर लाए। बार-बार नकारात्मक अनुभव से आपके शरीर और दिमाग की सारी ऊर्जा और ताकत को झकझोर देगी।

यदि आप इस ब्लॉग को पसंद करते हैं, तो कमेंट करना न भूलें और इसे अन्य लोगों के साथ शेअर करें।

How Morning Meditation can relieve your Stress

1. How morning meditation relieves stress and anxiety?

Many people meditate regularly during the morning hours. It doesn’t take much of their time. Around 20 minutes of meditation is quite enough to center oneself and kick start the day right. But the question is why we should practice morning meditation? Well just like me there are many others who are not morning people. But it is extremely easy to make it as a habit as long as you inculcate it into your daily routine. People who stick to their morning meditation schedule are left with a tangible feeling of clarity. In fact, this rippling influence of meditation extends all throughout to some of the other crucial spheres of their lives.

2. Ways by which morning meditation relieves stress

Here are some of the ways by which morning meditation relieves stress. It helps you to start your day on a positive note and to train out your mind to react positively towards stress with a high level of creativity and also calmness.

3. No need of coffee

Since meditation actually activates the parasympathetic nervous system of the body, therefore it triggers out a deep state of relaxation. Even when a person wakes up early morning sleep tired, just 20 minutes of the meditation will release energy enhancing endorphins which bring a spring in life. So it helps to reenergize your entire body without solely relying on caffeine.

4. Eat cleaner

Numerous studies have actually found that when people are being stressed or sleep deprived, then they may reach out for bad foods. After developing a momentum from morning meditation, you will discover a strong craving for healthy and clean food that the body will easily be able to digest and turn into a fuel which helps you to operate constantly at a high energy level.

5. Fewer headaches

Although morning meditation doesn’t act as a substitute for medical treatment but it is utilized for the reduction in pain which is being associated with the headaches. Thus, meditation during the morning hours can actually be complemented with the traditional health and wellness boosting approaches. I suffered from frequent headaches during the morning hours and it didn’t vanish till the time I changed eating habits and started meditating.

6. Filters out negative thoughts

The sympathetic nervous system of the body is responsible for triggering out the production of the stress hormone known as cortisol. This hormone is well known for dragging out the energy level of a person. The more the production of cortisol in the body, the more the person will be depressed and anxious. This all fills a person will a lot of negative thoughts. For overcoming the negativity and over thinking, just practice morning meditation daily for a few minutes. It transforms your mind to the quiet and also peaceful one and makes you feel happy and relaxed.

7. Improves sleep

Around half of people suffer from sleep disorders. One of the research studies found that a group of people who performed mindfulness-based morning meditation fell asleep sooner and also stayed asleep for a longer duration of time in comparison to those who didn’t practice it. The meditation practice enables a person to relax and also controls all sorts of runways thoughts that actually interfere with the sleep. Since the body feels relaxed due to the release of stress, it enters the person into a completely peaceful of the state which shortens the time which a person takes to fall asleep and also improves sleep quality.

8. Clears mind

Our brains are the factories of thoughts and we cannot shut it down. By trying out meditation, we can focus on the attention of clearing the mind and stopping all sorts of thoughts in it. When you first settle into a meditation session, just check out how you are simply feeling? Are you busy, tired or anxious? See whatever you are actually bringing to the meditation session is all fine. When you find thoughts and feelings actually arising during the meditation session, then you will view it as friendly and positive and not harsh.


Morning meditation benefits the body and mind and brings many noticeable positive effects in your life. It clears out the mind from negative thoughts and dissolves out the stress and anxiety too.

कैसे सुबह-सुबह ध्यान करना आपको तनाव से छुटकारा दिलाता है

1. सुबह में ध्यान करना तनाव और चिंता से कैसे छुटकारा दिलाता है

कई लोग सुबह के समय नियमित रूप से ध्यान करते हैं। इसमें ज्यादा समय नहीं लगता है। लगभग 20 मिनट का ध्यान अपने आप को केन्द्रित करने और दिन की सही शुरुआत करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन सवाल यह है कि हमें सुबह की साधना क्यों करनी चाहिए। ठीक है, मेरी तरह ही कई अन्य लोग भी हैं जो सुबह जल्दी नहीं उठते। लेकिन जब आप रोज सुबह उठना शुरू करेंगे तब यह आसानी से एक आदत बन जाएगी। जो लोग अपने सुबह के ध्यान कार्यक्रम से पक्के जुड़े रहते हैं, उनमे स्पष्टता की एक ठोस भावना रहती है। वास्तव में, ध्यान का यह प्रचंड प्रभाव उनके जीवन के सभी या फिर कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैला हुआ रहता है। मेरे ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ़) कार्यशाला के प्रतिभागियों का अनुभव भी बिल्कुल वैसा ही है।

2. सुबह के समय ध्यान करने से तनाव ऐसे दूर होता है

ये कुछ तरीके हैं जिनके द्वारा सुबह का ध्यान तनाव से राहत देता है – आपका दिन अच्छे से शुरू करने में मदद करता है। यह अपने दिमाग को उच्च स्तर की रचनात्मकता के साथ सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करता है। साथ ही यह आपके दिमाग को शांत रहने में मदद भी करता है।

3. कॉफी की जरूरत नहीं होती

चूंकि ध्यान वास्तव में शरीर के पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को सक्रिय करता है, इसलिए यह रिलैक्स होने की गहरी अवस्था को शुरुआत करता है। यहां तक कि जब कोई व्यक्ति सुबह थका हुआ उठता है, फिर भी बस 20 मिनट का ध्यान करने से एंडोर्फिन को बढ़ाने वाली ऊर्जा जारी होती है जो जीवन में उत्साह लाता है। यह कैफीन पर निर्भर रहे बिना पूरी तरह से आपके पूरे शरीर को पुन: उत्साहित करने में मदद करता है।

4. शुद्ध खाने के लिए उत्तेजित करता है

कई अध्ययनों में पाया गया है कि जब लोग तनावग्रस्त होते हैं या कम नींद लेते हैं, तो वे खराब खाद्य पदार्थ खा सकते हैं। सुबह के ध्यान से एक गति विकसित करने के बाद, स्वस्थ और स्वच्छ भोजन के लिए आपकी इच्छा मजबूत होगी जिसे शरीर आसानी से पचायेगा और ईंधन में बदलेगा। यह ऊर्जा का उच्च स्तर देगा जो आपको लगातार काम करने में मदद करेगा।

5. कम सिरदर्द होना

हालांकि सुबह का ध्यान मेडिकल उपचार के विकल्प के रूप में नहीं है, लेकिन इसका उपयोग उस दर्द में कमी लाने के लिए किया जाता है जो सिरदर्द से जुड़ा हुआ होता है। इस प्रकार, सुबह का ध्यान पारंपरिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने वाले दृष्टिकोण के साथ पूरक हो सकता है। मुझे भी सुबह लगातार सिरदर्द होता था। यह तब गायब हुआ जब मैंने खाने की आदतों को बदल दिया और ध्यान करना शुरू कर दिया।

6. नकारात्मक विचारों को बाहर निकालता है

कोर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन के उत्पादन को ट्रिगर करने के लिए शरीर की सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र जिम्मेदार है। यह हार्मोन व्यक्ति के ऊर्जा स्तर को कम करता है। शरीर में कोर्टिसोल का उत्पादन जितना अधिक होगा, व्यक्ति उतना ही उदास और चिंतित होगा। यह सब व्यक्ति को बहुत सारे नकारात्मक विचारों से भर देता है। नकारात्मकता और बहुत अधिक सोचना, इसपर काबू पाने के लिए, बस कुछ मिनटों के लिए प्रतिदिन सुबह ध्यान करें। यह आपके दिमाग को शांत और स्थिर करता है। साथ ही साथ
आपको खुश और तनावमुक्त महसूस कराता है।

7. नींद में सुधार करता है

लगभग आधे लोग नींद की बीमारी से पीड़ित हैं। शोध अध्ययनों में पाया गया कि सचेत रूप से सुबह ध्यान करने वाले लोग, उन लोगों की तुलना में जल्दी सो जाते हैं और अधिक समय तक सोते हैं, जिन्होंने इसकी प्रैक्टिस नहीं की। ध्यान, व्यक्ति को रिलैक्स करने में मदद करता है। यह दिमाग में दौड़ने वाले सभी प्रकार विचारों को भी नियंत्रित करता है जो नींद आने नहीं देते हैं। तनाव मुक्त होने के कारण शरीर रिलैक्स महसूस करता है। यह व्यक्ति को पूरी तरह से शांत अवस्था में प्रवेश कराता है। यह नींद आने का समय कम कर देता है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार लाता है।

8. मन को साफ करता है

हमारा दिमाग विचारों का कारखाना है और हम इसे बंद नहीं कर सकते। ध्यान के द्वारा हम दिमाग को साफ करने और उसमें सभी तरह के विचारों को रोकने पर फोकस कर सकते हैं। जब आप पहली बार ध्यान करने बैठते हैं, तो बस यह देखें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं? क्या आप व्यस्त, थके हुए या चिंतित हैं? आप जो भी ध्यान में देख रहे हैं वह सब ठीक है। जब आप ध्यान के दौरान विचार और भावनाओं को उत्पन्न होते देखते हैं, तो आप उन्हें अनुकूल और सकारात्मक रूप में देखेंगे, कठोरता से नहीं।


सुबह ध्यान करना शरीर और दिमाग को लाभ पहुंचाता है और आपके जीवन में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव लाता है। यह बुरे विचारों से मन को साफ करता है और तनाव और चिंता को भी दूर भगाता है। यदि आप चाहें, तो सुबह ‘Dynamic Yoga’ (डायनेमिक योग) की 15 मिनट की प्रैक्टिस से भी शुरुआत कर सकते हैं। यह करना आसान है और कहीं भी किया जा सकता है।
यदि आपको यह ब्लॉग पसंद आया हो, तो लाइक, कमेंट और शेयर करना न भूलें।