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We have all heard, “First impression is the last impression.” – most of the times the imprint we leave of our personalities at the very onset of an important meeting, job interview etc. becomes extremely vital in deciding the course of our lives. This is why it is extremely important for us to know exactly how to make a good first impression without over-complicating our minds and thinking process, because first impressions should be about simplicity. Hence, let me share the three-As and two-Bs to make a good first impression:-

1. Audience – Know your audience.

The audience can be your interviewer, colleague, family member or friend. This point needs no stressing but it is as basic as it gets. It is all about knowing your target-audience. This should be able to define so much of the information and communication that you shall have. And by “know” your audience I mean a full-length detailed research so that you don’t stumble when you go for that important job-interview, meeting, group-discussion etc. Even in our social circles if you are looking to entice an audience, it is imperative you KNOW exactly what the audience wants and then mold it according to the kind of result you want to derive out of such a social-gathering. You have the power when you are aware of your audience.

2. Attitude

– The kind of attitude you carry on your shoulders is what will take you far and also make light of your personality while you are trying to make a first impression. The easiest attitude to carry is to be yourself but with a slight twist depending on where you are going. So be truthful to your actual personality but make sure you align it with your surroundings. This means that only show the casual side of your personality when your surroundings deem a casual atmosphere and so on and so forth.

3. Body Language

– Your demeanour says a thousand words. The body language you portray makes it easy for another person to be able to ascertain exactly what it is that you are representing as a person. The body language too should be more or less dictated as per your surroundings, but irrespective of your emotional-environment here are a few practical ideas to help you sail through smoothly:-

  • Walk with confidence. Be sure-footed and don’t walk haphazardly.
  • Sit straight, with a tall spine and always keep your chin up.
  • Make gestures while talking; it shows that you are really open to new ideas and are invested in the conversation.
  • Make eye-contact. People perceive a lack of eye-contact to be the sign of a liar or of someone who is withholding information.
  • Make sure your demeanour shows that you are as good a listener as you are a conversationalist. It helps in engaging other people into the topic of discussion.

I take people deep into ‘The right kind of Attitude and Body Language’ in my signature 2-days event ‘Change Your Life’.

4. Appearance

– Fortunately or unfortunately, a large part of our personalities are judged on the basis of our appearance and how we carry ourselves. Appearance is the fastest method of being able to mildly ascertain whether or not you have what it takes. And this comes to us easy. So there are some basic points to keep in mind:-

  • Clothes: Every situation demands the kind of clothes you should be wearing to suit the occasion. For example, you don’t want to be semi-casual in a formal meeting. So be careful of what you wear. The most important thing is about how you carry your clothes. Remember two Cs: Be Comfortable and Confident in what you wear.
  • Accessories: No matter where you are going, it is always best to be minimalistic when it comes to accessories. You don’t want to enter a job interview looking clumsy. Even in social gatherings, less is more.
  • Smile: This is the only part which should be put to use as much as possible. You can never go wrong with a smile.

5. Bonus (Join T3P)

– If you wish to be extraordinary in making that first and lasting impression on others, the easiest way is to join one of my premium programs ‘Train The Trainer’ where I not only talk about personality development but also learn the fundamentals of being a charasmatic character.

After all, first impressions are not as difficult as you probably built it to be in your head. So relax and follow these simple tricks and tips!

बेहतरीन पहली छाप छोड़ने के कुछ तरीके


हम सब ने सुना है की “पहली छाप ही अंतिम छाप होती है|” – ज्यादातर बार हम अपने व्यक्तित्व की जो छाप महत्वपूर्ण मुलाकात, या नौकरी के इंटरव्यू की शुरुआत में ही कायम कर देते हैं, वही हमारे जीवन की दिशा निश्चित करने में अत्यधिक ज़रूरी हो जाती है| इसीलिए यह बहुत ही आवश्यक है की हमें मालूम हो कि, मन को अत्यधिक उलझाये और बहुत सोचे बिना, पहली बार में ही बेहतरीन छाप कैसे छोड़ी जाए; क्योंकि पहली छाप हमेशा सादगी की होनी चाहिए| अतः, मुझे पहली छाप बेहतरीन बनाने के तीन ‘अ’ और दो ‘ब’ आपको बताने दो:-

१. श्रोतागण (ऑडियंस)

– अपने श्रोतागण को पहचानिए| यह आपके साक्षात्कारकर्ता (इंटरव्यूअर), सहकर्मचारी, परिवार का सदस्य, या मित्र हो सकता है| इस मुद्दे को ठोस तरह से कहने की ज़रुरत नहीं है, लेकिन यह एकदम मूलभूत है| यह बात अपने लक्ष्य-समूह (श्रोतागण) को जानने व पहचानने के बारे में है| आप जो भी जानकारी या वार्तालाप करने वाले हो उसके ज्यादातर भाग की व्याख्या यहीं से होनी चाहिए| और जब मैं कहता हूँ कि अपने श्रोतागण को “जानिये” तब मेरा मतलब होता है एक सविस्तार अनुसन्धान ताकि जब आप उस आवश्यक इंटरव्यू, बैठक, समूह-गोष्टी, आदि के लिए जाएँ तो आप कहीं पर भी लडखडाए नहीं| अपने सामाजिक क्षेत्र में भी यदि आप किसी श्रोतागण को आकर्षित करना चाहते हो, तो यह अनिवार्य है की आप सटीक तरह से जाने की उन्हें क्या चाहिए और फिर, आपको ऐसे सामजिक सम्मेलन में से जो व जैसा परिणाम लाना हो उसकी तरफ उन्हें मोड़ें| जब आप अपने श्रोतागण को जानते हो, तब यह क्षमता आप में होती है|

२. रवैया (ऐटीट्युड)

– आप कितना आगे तक जायेंगे यह आप किस तरह का रवैया लेकर चल रहें हैं उस पर निर्भर है, और जब आप पहेली बार में अपनी छाप जमाना चाहते हैं तब यही बात आपके व्यक्तित्व को कुछ दबा देगी| सबसे आसान रवैया है कि आप जैसे हैं वैसे ही बने रहें पर आपको जहाँ जाना हो उसके मुताबीक उस में थोडासा बदलाव लाइए| आप अपने व्यक्तित्व के साथ इमानदार रहें पर उसे आपके इर्दगिर्द के वातावरण से एकरूप कीजिये| इसका मतलब यह हुआ की अपने व्यक्तित्व की अनौपचारिक बाजू तभी सामने लाइए जब आपके इर्दगिर्द का वातावरण भी अनौपचारिकता ही मांगे और इसी तरह से बदलते रहें|

३. भावभंगिमा (बॉडी लैंग्वेज)

– आपका व्यवहार हज़ार शब्द कहता है| जो भावभंगिमा आप प्रस्तुत करते हैं, वह दुसरे व्यक्ति को सुनिश्चित करनेके लिए काफी है की आप व्यक्तिगत तौर पर क्या दर्शाना चाहते हैं| आपकी भावभंगिमा भी आपके इर्दगिर्द के वातावरण की मांग के अनुरूप ही होनी चाहिए, लेकिन आपका भावात्मक वातावरण चाहे जो भी हो, यहाँ कुछ वास्तविक धारणाएँ दी है जो आपको आसानी से सामना करने में मदद करेंगी:-

  • विश्वास के साथ चलिए| निस्संदिग्ध बनिए और लापरवाही से न चलें|
  • मेरुदंड को ऊँचा व कड़क रखते हुए हमेशा सीधा बैठिये, और अपनी हनु (चिन) हमेशा ऊँची रखें|
  • हावभाव के साथ बात कीजिए; इससे यह प्रतीत होता है की आप नई योजनाओं के लिए खुले हैं और जो भी चर्चा हो रही है उस में प्रवृत्त है|
  • आँखें मिला कर बात कीजिये| जो व्यक्ति आँखें चुराकर बात करता है उसे झूठा या कुछ छिपा के रखने वाला समझा जाता है|
  • ध्यान रहे की आपका बर्ताव यह जताए की आप जितने अच्छे श्रोता हैं उतने अच्छे संवादपटु भी हैं| इस से दुसरे व्यक्तिओं को विषय पर चर्चा करने में मदद मिलती है|

मैं मेरे दो दिन के चिन्हक कार्यशाला ‘चेंज योर लाइफ’ में लोगों को गहराइ में सही रवैये और भावभंगिमा के बारे में बताता हूँ|

४. दिखावट (अपीयरंस)

– सौभाग्यवश या दुर्भाग्यवश, हमारे व्यक्तित्व का अधिकतर हिस्सा हमारे दिखावट पर से तथा हम अपने आप को किस तरह पेश करते हैं इन बातों पर से आँका जाता है| जो चाहिए वह आप में है या नहीं इस बात का नम्रतापूर्वक निश्चय करने का सबसे शीघ्र तरीका दिखावट है| और यह हमारे लिए आसान भी है| तो यह कुछ मूलभूत मुद्दे हैं जिन्हें ध्यान में रखें:

  • कपड़े: हर परिस्थिति माँगती है कि आप ऐसे कपड़े पहने जो उसके अनुरूप हो| उदाहरणतः, आप औपचारिक सभा में अर्ध-अनौपचारिक दिखना पसंद नहीं करेंगे| अतः ध्यान रहे की आप क्या पहन रहे हो| सबसे महत्वपूरण बात यह है की आप अपने कपड़ों को कैसे दर्शाते हो| जो भी पहनो उसके लिए दो ‘आ’ (‘क’) याद रखें: आरामदेय (कम्फ़र्टेबल) और आत्मविश्वासी (कॉंफिडेंट)|
  • सहायक सामग्री: आप कहाँ जा रहे हैं इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता, पर कम से कम सहायक सामग्री का उपयोग हमेशा बढ़िया रहेता है| आपको बेढंगा दिखते हुए नौकरी के इंटरव्यू में नहीं जाना है| सामाजिक समारोहों में भी कम ही ज्यादा अच्छा है|
  • मुस्कराहट: यही एक बात है जो ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लानी चाहिए| आप मुस्कराहट के साथ कभी भी गलत नहीं हो सकते|

५. अधिलाभ (बोनस) [T3P से संलग्न होइए]

– अगर आप दूसरों पर पहेली और कायम रहने वाली छाप छोड़ना चाहते हो, तो सबसे आसान तरीका है मेरे लाभदायक कार्यक्रम ‘ट्रेन द ट्रेनर’ में जुड़ जाइए, जहाँ मैं न केवल व्यक्तित्व के विकास के बारे में बात करता हूँ बल्कि करिश्माई व्यक्ति बनने के मूलभूत सिध्दांत भी सिखाता हूँ|

पहेली छाप बनाना इतना मुश्किल नहीं है जितना आप के दिमाग में है| अतः आराम से आपको दी गई सरल युक्तिओं और सूचनाओं का प्रयोग कीजिए|

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