7 THINGS TO LEARN FROM A CHILD

Written by Sneh Desai on January 28, 2019

7 things to learn from a child




It is inevitable that as we grow up, we want to become more childlike. The answer is quite obvious. Children are free from responsibilities, can make mistakes & get away with it and are still learning the beats of this wonder called “Life”! Isn’t it beautiful? Who wouldn’t want to be a child? Well, today we are going to talk about what we can learn from children. Well, it is never too late to try!

1. Speak Your Heart, Not Your Mind:

Have you ever seen a child thinking too much before speaking? This is because most children speak from their hearts & not their minds. Don’t you “think” it is a great quality to adapt? So many of our relationships suffer because we are unable to put our feelings to words and only concentrate on meeting others’ expectations.

2. Innocence:

Kids are innocent. This is mostly because they are far away from the “corrupt” adult life. But what truly makes adulting seem “corrupt” is the fact that we stop becoming childlike. We drop our innocence in the big bad world and then expect great things to happen to us. Can such negativity ever reap positive results? Only if we stop looking at the world around us with such cynical viewpoint can we regain our innocence.

3. Clarity:

With kids, it is simply a yes or a no. There is no mid-way. Now, of course it’ll be stupid to expect such transparency in adult-life. But we should aim for such clarity in making our important life decisions at least. Kids don’t second-guess or walk in the gray area. They are very sure of what they want and how to get it. If we could too, half of our problems would go away.

4. Question A Lot:

Children are never quiet. This is mostly because they question A LOT. They question everything. Why is the sky blue? Why can’t I fly? Why can’t I eat chocolate everyday? Where is Pluto? Why can’t I touch the Moon? It is endless! However, we never question our circumstances. Why can’t I be happy? Why do things have to be so bad? Why am I so limited? Well, if we question our lives, we may strive to find an answer too!

5. Never Stop Learning:

Kids are always hungry to learn more & more each day. They want to know everything. This is why they are so ego-less. They don’t care about what others think, they want to learn everything there is to life. If you really think about it, some of the skills that you are a master of today is because you started learning them in school or at a very young age. But what we fail to realize is that it is never too late to learn.

6. Free Energy:

Have you ever seen a child getting tired of playing around? No? Why is that? Because kids are free & full of energy. In thought as well as physically. They can mould themselves into whatever they want to be. But adults are always shying away. We are always physically uptight and are making excuses. Unless we have such childish freedom, we can never truly be happy!

7. Don’t Be Satisfied:

Kids are restless which is why they are never satisfied. They always want more & more & more..and then some more! This is one of the most important qualities to imbibe. Never be satisfied. Learn to want more from life – because you deserve it all – and then some more!

Hope this post will rejuvenate you and give you the motivation to be more childlike. If you think of more such qualities that we can learn from kids, please do share on our comments section. Let’s help each other out!

7 बातें जो बच्चों से सीखने लायक है

ऐसा क्यों है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं, हम ज्यादा-से-ज्यादा बच्चों जैसा बनना चाहते हैं? उत्तर साफ़ है। बच्चे जिम्मेदारियों से मुक्त होते हैं, गलतियां कर सकते हैं और उन्हें कोई कुछ नहीं कहता। वे हर पल “जीवन” नामक इस आश्चर्य को सीख रहे होते हैं! क्या यह सुंदर नहीं है? कौन ऐसा व्यक्ति है जो बच्चा बनना नहीं चाहेगा? खैर, आज हम बात करेंगे कि हम बच्चों से क्या सीख सकते हैं। कोशिश करने में कभी भी देर नहीं होती है!

1. अपने दिल की बात कहो, आपके दिमाग की नहीं:

क्या आपने कभी बच्चे को बोलने से पहले बहुत कुछ सोचते देखा है? ऐसा इसलिए है क्योंकि ज्यादातर बच्चे अपने दिल की बात करते हैं, न कि दिमाग की। क्या आपको नहीं “लगता” की यह एक अच्छी आदत है जिसे हमने अपनाना चाहिए? हमारे कई रिश्ते ख़राब होते है क्योंकि हम अपनी भावनाओं को शब्दों में नहीं बता पाते और केवल दूसरों की अपेक्षाओं को पूरा करने पर ध्यान देते हैं। यही कारण है कि मेरे प्रीमियम कार्यक्रमों में से एक- ‘अल्टीमेट लाइफ’ दिमाग की बजाय, दिल के साथ जीवन जीने की बात पर जोर देता है।

2. भोलापन:

बच्चे बड़े भोले होते हैं। यह ज्यादातर इसलिए है क्योंकि वे “बड़ों के भ्रष्ट” जीवन से बहुत दूर हैं। हमारा यह भ्रष्ट जीवन तब शुरू होता है जब हम बच्चे बनना बंद कर देते हैं। हम अपना भोलापन इस बुरी दुनिया में छोड़ देते हैं और फिर जीवन में अच्छी चीजों की आशा रखते हैं। क्या ऐसी नकारात्मकता कभी सकारात्मक परिणाम दे सकती है? अगर हम इस तरह के दोषदर्षी नज़र से हमारे आस-पास की दुनिया को देखना बंद कर देते हैं केवल तभी हम फिर से अपनी मासूमियत हासिल कर सकते हैं।

3. स्पष्टता:

बच्चों के लिए बस हां या ना होता है। बिच का कोई रास्ता नहीं होता है। निश्चित रूप से वयस्क जीवन में ऐसी पारदर्शिता की अपेक्षा करना मुर्खता होगी। लेकिन हमें कम से कम हमारे जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने में ऐसी स्पष्टता रखनी चाहिए। बच्चे दूसरी बार सोचते नहीं या हिचकिचाते नहीं हैं। उन्हें यह स्पष्ट रहता हैं कि वे क्या चाहते हैं और उसे कैसे प्राप्त करें। अगर हम भी ऐसा कर सकते हैं, तो हमारी आधी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

4. बहुत प्रश्न पूछे:

बच्चे कभी शांत नहीं होते हैं। यह इसलिए है क्योंकि वे बहुत प्रश्न पूछते करते हैं। वे हर बात पर प्रश्न पूछते हैं। आसमान नीला क्यों है? मैं उड़ क्यों नहीं सकता? मैं हर दिन चॉकलेट क्यों नहीं खा सकता? प्लूटो कहां है? मैं चंद्रमा को क्यों नहीं छू सकता? कभी न रुकनेवाले प्रश्न ! लेकिन, हम कभी हमारी परिस्थितियों पर सवाल नहीं करते हैं। मैं खुश क्यों नहीं हो सकता/सकती? जिंदगी में कुछ बातें इतनी बुरी क्यों होनी चाहिए? मैं इतना सीमित क्यों हूं? खैर, अगर हम अपने जीवन से सवाल करते हैं, तो हम जवाब भी खोजने का प्रयास कर सकते हैं!

5. सीखना बंद न करें:

बच्चों को हमेशा हर दिन और ज्यादा सीखने की इच्छा होती है। वे सबकुछ जानना चाहते हैं। यही कारण है कि उनमे अहंकार नहीं होता हैं। वे दूसरों की सोच के बारे में परवाह नहीं करते हैं, वे जीवन की हर बात सीखना चाहते हैं। आप इस बारे में सोचने से पता चलेगा कि जो कुछ कौशल आपके पास हैं वह इसलिए है क्योंकि आपने उन्हें स्कूल में या बहुत कम उम्र में सीखना शुरू कर दिया था। लेकिन हम यह महसूस करने में नाकाम रहते हैं कि सीखने में कभी देर नहीं होती है। आप मेरे महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘चेंज योर लाइफ’ में सभी आयु के लोगों को नाचते-गाते देखेंगे, क्योंकि उन्हें पता है कि सीखने की कोई आयु सीमा नहीं है।

6. नि: शुल्क ऊर्जा:

क्या आपने कभी देखा है कि एक बच्चा खेलने से थक गया है? नहीं। ऐसा क्यों है? क्योंकि बच्चे मुक्त और ऊर्जा से भरे हुए हैं। मन और शरीर दोनों से। वे जो कुछ भी बनना चाहते हैं, वे खुद को वैसा ढाल सकते हैं। लेकिन बड़े हमेशा
शरमाते और डरते रहते हैं। हम हमेशा शारीरिक रूप से तनावग्रस्त होते हैं और बहाने बनाते रहते हैं। जब तक हमारे पास बचपन वाली ऐसी स्वतंत्रता न हो, हम कभी भी खुश नहीं रह सकते!

7. संतुष्ट न हों:

बच्चे चंचल होते हैं, यही कारण है कि वे कभी संतुष्ट नहीं होते। वे हमेशा ज्यादा से ज्यादा चाहते हैं! यह सिखने लायक सबसे महत्वपूर्ण गुणों में से एक है। कभी संतुष्ट न हों। बेशक आपको कुछ पाने के बाद खुश रहना होगा, लेकिन उस सफलता से आप खुश होकर रुके नहीं। आप भविष्य में आपको जो कुछ और प्राप्त करना है उसके लिए प्रयत्न करते रहें। कुछ सफलता प्राप्त करने के बाद बहुत से लोग शांत हो जाते हैं। जीवन से ज्यादा-से-ज्यादा सीखें – क्योंकि आप इसके लिए..और बहुत कुछ पाने के लिए पात्र हैं !

मुझे यकीन है कि यह पोस्ट आपको फिर से जीवंत करेगी तथा आपको और ज्यादा बच्चों जैसा होने की प्रेरणा देगी। आपको यदि लगता है की और भी ऐसे गुण हैं जिन्हें हम बच्चों से सीख सकते हैं, तो कृपया हमारे कमेंट सेक्शन में जरुर शेयर करें।

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