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Maintaining body weight is as complex as solving a math problem. When you are too fat you want to lose some, when you are too thin you want to gain some. Although people who are lean, either naturally or through exercising, are a lot more conscious about maintaining it. Thus, sustaining your goal-weight is undoubtedly extremely tricky. However, anything that seems overwhelming at first becomes extremely simple and in fact more instinctive with practice.

1. Start From The Inside:

Translation – eat right. Stop following trends blindly based on what your favorite celebrity is doing. Each body is different and needs a different kind of nutrition. As a general approach, keep a track of what you are eating and analyze if your diet consists of more carbohydrates than protein and fiber. If so, it is highly wrong. Eat a well-balanced meal instead. As a more specific approach and in case you are battling specific ailments, visit a dietician or a nutritionist. However, in any case, do not be as drastic as depriving yourself of food. Not eating in most cases leads to weight-gain, especially if your body is the kind to retain water.

2. Stop Sitting For Long Hours:

Sitting is the new smoking. Sitting for longer than 20 minutes, even for the most active person, leads to weight gain. Find a way to incorporate brisk walking even if you have a desk job. Keep the things you need for work a little away from where you sit such that walking up to it to get it becomes necessary. Take the stairs instead of the elevator. If you have to sit for long hours, practice my 15-minute process of Dynamic Yoga which is a combination of Dynamic Breathing, Stretching and Yog-Nindra.

3. There’s No Escaping:

From exercising. Gym, Yoga, Pilates, Aerobics – there are innumerable methods and at least one has to end up suiting you. In case you are confused, sign up for trial classes to get the rhythm of how things are done and if the same makes you feel comfortable, go for it!

4. Little Efforts:

Take out time to do little household chores every day to keep that blood flowing. It always happens that while mornings are generally active, after-work evenings fall short of physical movement, either out of tiredness or laziness. This ultimately leads to weight gain. Hence, find chores that allow you to move. This way your evenings are not wasteful but productive and proactive.

5. Dinner:

A HUGE mistake people make in their food habits is that they gorge a bit too much for dinner and eat a very light breakfast in contrast. People wanting to not gain weight should do the complete opposite. Since mornings mean you have the whole day left to burn more calories, splurge healthily on your breakfast. And post-dinner, since the only major activity left, is to snooze off, keep your meal ultra-light. I personally share an ideal diet plan or food habits in my 4-days camp ‘Ultimate Life’.

6. Vacation Habits:

Taking a vacation every once in a while is essential and much-needed to rejuvenate, but most people see it as an opportunity to allow themselves to eat whatever they want. It probably is okay for those few days but what causes real damage is that the fact that this habit stays with you even long after the vacation has ended. This leads to putting on stubborn fat, which is too difficult to shed.

7. Discipline:

This is the bottom-line. Discipline. If you want ANYTHING in life, it boils down to how much hunger (completely metaphorical) you ultimately have for it – the underlying passion. When this passion knows no bounds, a sense of discipline kicks in and sustains on auto-drive. The same goes for weight-management. Remind yourself to be disciplined by keeping yourself motivated. Don’t give in to momentary urges, especially during festive seasons. Remember that discipline is not about being hard on yourself; it is about garnering control of your situation.

वज़न बढ़ने से रोकने के ७ तरीके

शरीर के वज़न को नियंत्रण में रखना उतना ही जटिल है जितना की गणित की समस्या सुलझाना| जब आप अधिक मोटे होते हो तो आप वज़न कम करना चाहते हो, और जब आप अधिक पतले होते हो आप वज़न बढ़ाना चाहते हो| हालांकि, जो लोग पतले होते हैं, प्राकृतिक तरह से या कसरत से, वही अपने वजन को नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा सचेत होते हैं| अतः अपने इष्ट-वज़न को बनाये रखना सचमुच काफी पेचीदा होता है| फिर भी, जो भी पहले अपरिहार्य लगता है वही लगातार अभ्यास से ना केवल एकदम सरल बल्कि अधिक स्वाभाविक भी हो जाता है|

१. अंदर से शुरू करें:

अनुवाद – सही खाएँ| आपका पसंदीदा प्रतिष्ठित व्यक्ति क्या कर रहा है उस पर आधारित विचारधारा का अंधों की तरह (बिना सोचे-समझे) अनुसरण करना बंद कीजिये| हर शरीर अलग है और उसे अलग तरह के पोषण की ज़रुरत होती है| एक सामान्य दृष्टिकोण यह है कि, आप जो भी खाते हो उस पर निगाह रखें और यह विश्लेषण कीजिये की आपके आहार में प्रोभूजिन (प्रोटीन) तथा रेशे से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट तो नहीं है| यदि है, तो यह बहुत ही गलत है| इसके बजाय अच्छी तरह
से संतुलित आहार लीजिये| एक अधिक विशेष दृष्टिकोण से, और यदि आप कोई विशिष्ट बिमारी से लड़ रहे हैं तो, किसी आहार विशेषज्ञ या पोषण विज्ञ की मुलाकात लें| फिर भी, किसी भी हालात में, खुद को खाने से वंचित रखने जैसा कठोर काम मत कीजिये| ज्यादातर मामलों में ना खाने से वज़न बढ़ता है, ख़ास करके तब जब आपका शरीर पानी का संग्रह करने वाला हो|

२. घंटों तक बैठना बंद कीजिये:

– बैठे रहना नया धूम्रपान है| २० मिनट से ज्यदा देर तक बैठा रहने से, सबसे कार्यशील व्यक्ति का भी, वज़न बढ़ता ही है| आपका काम मेज़ पर बैठ के करने वाला होने के बावजूद स्फूर्ति से चलना उसमे जोड़ दीजिये| काम करने के लिए जो भी चीज़ें आपको चहिये होती हैं उन्हें थोड़ी दूरी पर रखें ताकि आपको उठ कर और चल कर उन तक जाना ही पड़े| एलिवेटर से ऊपर नीचे जाने के बजाय सीढियों का उपयोग कीजिये| यदि आपको घंटों तक बैठना अनिवार्य है तो मेरे ‘डायनामिक योग’ का अभ्यास १५ मिनटों के लिए कीजिये जो ‘डायनामिक’ श्वासोच्छ्वास, तनन, व योग-निंद्रा का संगठन है|

३. कोई छुटकारा नहीं है:-

कसरत से| व्यायामशाला (जिम), योग, पिलेट्स, हवाई कतेब (एरोबिक्स) – ऐसे अनगिनत तरीके हैं, और कम से कम एक तो आप के लिए ज़रूर योग्य होगा| यदि आप उलझन में हैं, तो यह सब कैसे किया जाता है उसका ताल-मेल जानने के लिए प्रायोगिक वर्गों में नाम दर्ज कीजिये, और जो भी आपको पर्याप्त लगे, बस उसे शुरू कर दीजिये!

४. छोटे प्रयत्न:-

रक्त को तेज़ी से बहाने वाले रोज़मर्रा के गृह कार्य करने के लिए समय निकालिए| हमेशा यही होता है कि, सवेरे का वक्त काफी कार्यशील होता है लेकिन कम पूरा होने पर, थकान या आलस के कारण, शाम के वक्त में शारीरिक हलन-चलन बहुत कम हो जाता है| इससे अन्त में वज़न बढ़ता ही है| अतः ऐसे काम ढूंढिए जो आपको कुछ यत्न कराये| ऐसा करने से आपकी शामें उड़ाऊ होने के बजाय उपजाऊ और सक्रिय होंगीं|

५. रात का भोजन:-

एक बहुत बड़ी गलती जो लोग करते हैं वह है रात के खाने में कुछ ज्यादा ही खा लेना और इसके विपरीत, सवेरे का नाश्ता बहुत ही हल्का रखना| जो लोग चाहते हैं कि वज़न ना बढ़े, उन्होंने इससे बिल्कुल उल्टा करना चाहिए| चूंकि सवेरे का अर्थ यह है कि, अधिक उष्मांक (कैलोरी) खर्च करने के लिए आपके पास पूरा दिन है, अतः सवेरे का नाश्ता ठाट-बाट से मगर स्वास्थ्यजनक तरह से कीजिये| और रात के खाने के बाद केवल एक ही कार्य बचता है – सोना – अतः उसे एकदम हल्का रखिए| मेरे ४-दिवसीय कैम्प ‘अल्टीमेट लाइफ’ में, मैं खुद एक आदर्श आहार योजना या भोजन की आदतें सबको बताता हूँ (सबके साथ बाँटता हूँ)|

६. छुट्टी की आदतें:-

बीच बीच में एकाद बार छुट्टी लेना ज़रूरी है और तरोताज़ा होने के लिए भी यह अति आवश्यक है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे खुद को जो मर्ज़ी हो वह खा सकने का अवसर मानते हैं| शायद उन थोड़े से दिनों के लिए यह ठीक भी हो सकता है, लेकिन जिससे सही में नुकसान होता है वह है इस आदत का छुट्टी पूरी होने के बाद भी आपके साथ रहना| इससे सख्त चर्बी बढ़ जाती है जिसे कम करना (उतारना) अत्यधिक कठिन होता है|

७. अनुशासन:-

यही अंतिम चरण है| अनुशासन| अंत में इसका निष्कर्ष यही है कि, आपको जीवन में जो भी चाहिए उसके लिए आप में कितनी भूख (पूरी तरह से लाक्षणिक) है – वही मूलभूत जुनून| जब इस जुनून की कोई सीमा नहीं होती, तब अनुशासन का एक अनुभव शुरू हो जाता है और स्वयं-संचालन से कायम रहता है| वज़न के नियंत्रण में भी यही बात लागु होती है| खुद को प्रेरित रखकर अपने आप को अनुशासित रहने की याद दिलाते रहिये| क्षणिक उत्तेजनों के सामने घुटने मत टेकिये, ख़ास करके त्यौहार के समय में| याद रखें कि अनुशासन खुद के साथ कठोर होने के बारे में नहीं है; यह अपनी अवस्थाओं पर काबू पाने के बारे में है|

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