Why Travelling More is Important ? Top 7 Reasons

Why should you travel?! Is there anything really worth sightseeing new places or explore remote locations across the world? Aren’t you better off just being at home, going to a regular job and perhaps knowing nothing more than the place you currently live in? These are some of the many questions that arise from people who don’t really travel much. Here is a look at the top seven reasons as to why travelling is important for you:

1. Travelling opens your eye to new things, people and unusual aspects of life that you would not have known, being just in your home place. For example, if you live in Mumbai and journeyed to Beijing, you will experience new culture, food, beautiful locations and make friends with people whom you could not have known otherwise. You will come to know so many things with regards to environment, health, food, religious practices, etc. That can enrich your life and make it more meaningful.

2. Travelling is adventure plus education as there are so many different physical activities that you can indulge at far-locations such as mountain trekking, river rafting, bungee jumping, canoeing, snorkelling or deep sea diving, each of which is not only thrilling and exciting but also teaches something about the surrounding environment, which creates experiences that you will never forget. You can learn a lot in ‘adventure tours’ which are now being offered by many tourist operators and in doing so gain new skills and abilities, which can be of use back at home, help you get into competitions or which lead you into cultivating a new hobby. Being a licensed sky-diver, I always inspire people to take up various activities which breaks your fear. In my ‘Change Your Life’ workshop, ‘Experience Awakening’ or ‘Ultimate Life’ program, I have incorporated different challenging tasks like fire eating, fire waking, glass walking, etc. to get people out of their phobias.

3. A mundane desk job restricts you to just a couple of chores everyday but when travelling, you are out of this environment and into a challenging place where you have to think, analyse and be on your feet. Getting a cup of coffee in your place is a no-brainier, but in a far-off destination, where the language spoken is different, you have to come up with good ideas on not just this task, but many like it. As you face challenges ranging from simple to complex, your abilities to manage problems and multi-task enhances. By bringing such experiences into your life, relationships and work, you manage such arenas better and are a more competent individual.

4. Travelling to different places gets you in touch with yourself and in doing so you start appreciating people and all the things that you have. It teaches you to question what is happening in and around you, reason out any action you take and also makes you understand that everything in life or elements that enhance it are valuable and must be cherished right from people to your pet dog and also the new car you just bought…

5. By travelling your perspective of life changes as you will come across people who manage life very differently from what you have experienced so far. For example, when you travel places in Africa on Safari tours, not only will you see exotic wildlife and natural surroundings, but will also meet people who live in traditional hand-built homes, following ancient rituals and traditions, wearing tribal clothing and also being very close to nature like nowhere else.

6. Travelling to places located across a particular region such as Europe, South America or the Far East will make you learn the local languages, since you need to communicate effectively as you get around places. Learning a foreign language is not just a new experience, but one that enriches your life as such skills opens new doors of opportunities which can bring in a better quality of life.

7. Those who love to read stories will find that travelling is one activity that can turn them into story tellers. Yes, every time you travel to a new location and sightsee it, your explorations churn up personal experiences that are themselves the stuff that make the best-selling books. So write them out in a blog or in your social media pages and pretty soon, you will have a huge fan following like none other. As you write, you also develop skills in this art and your experience enriches the way the subject is presented to the audience. Personal insights, tips and guidelines on any tourist location offers information that simply cannot be found in any tourist brochure or magazine.
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अधिक यात्रा करना महत्वपूर्ण क्यों है? ये है मुख्य 7 कारण

आपको यात्रा क्यों करनी चाहिए ?! क्या सचमुच दर्शनीय स्थलों को देखने जाना या दुनिया भर के दूर-दूर के स्थानों का पता लगाना फायदेमंद है? घर पर रहना, नियमित नौकरी करना और अभी जहां रह रहे हैं उस जगह के अलावा कोई और जगह नहीं जानना – क्या यह ठीक नहीं है? जो लोग वास्तव में बहुत ज्यादा यात्रा नहीं करते वे ऐसे सवाल पूछते हैं। यहाँ ऐसे टॉप सात कारणों पर एक नज़र डालते है जिससे आपको पता चलेगा कि यात्रा करना आपके लिए महत्वपूर्ण क्यों है:

1. यात्रा करने से आप उन नई चीजों को, लोगों को और जीवन की उन असामान्य बातों को देख सकते हैं जो आप घर पर बैठे नहीं जान सकते। उदाहरण के लिए, यदि आप मुंबई में रहते हैं और बीजिंग की यात्रा करते हैं, तो आप नई संस्कृति, भोजन, सुंदर स्थानों का अनुभव करेंगे और उन लोगों से दोस्ती कर पाएंगे जिन्हें आप मुंबई में रहकर नहीं जान सकते थे। आपको पर्यावरण, स्वास्थ्य, खाना, धार्मिक प्रथा आदि के संबंध में बहुत सी बातें पता चलेंगी, जो आपके जीवन को समृद्ध कर सकती हैं और इसे और अधिक सार्थक बना सकती हैं।

2. ट्रैवलिंग, एडवेंचर के साथ-साथ एजुकेशन भी है क्योंकि आप बहुत सारी अलग-अलग शारीरिक गतिविधियाँ भी करते हैं, जैसे माउंटेन ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, कैनोइंग, स्नोर्कलिंग या डीप सी डाइविंग। जिनमें से हर एक एक्टिविटी न केवल रोमांचकारी और उत्तेजक है बल्कि आसपास के वातावरण के बारे में भी बहुत कुछ सिखाती है। यह ऐसे अनुभव देती है जिन्हें आप कभी नहीं भूल पाते हैं। आप कई पर्यटक ऑपरेटरों द्वारा अब पेश किए जा रहे ‘एडवेंचर टूर’ में भी बहुत कुछ सीख सकते हैं। इससे आप नए स्किल सीखते हैं और क्षमताएँ विकसित करते हैं। ये घर पर उपयोगी हो सकती हैं, आपको कम्पटीशन में शामिल होने में मदद कर सकती हैं या आप नया शौक विकसित कर सकते हैं। एक लाइसेंस प्राप्त स्काई-गोताखोर होने के नाते, मैं हमेशा लोगों को उनका डर दूर करने वाली अलग-अलग एक्टिविटी में भाग लेने के लिए प्रेरित करता हूं। मेरे ‘चेंज योर लाइफ़’ वर्कशॉप में, ‘एक्सपीरिएंस अवेकनिंग’ या ’अल्टिमेट लाइफ़’ कार्यक्रम में, मैंने लोगों को उनके डर से बाहर निकालने के लिए अलग-अलग चुनौतीपूर्ण कार्य, जैसे मुहं में आग डालना, आग पर चलना, कांच पर चलना आदि शामिल किया है।

3. बैठे-बठे की जाने वाली बोरिंग नौकरी में आप रोज बस एक-दो काम करते हैं, लेकिन यात्रा करते समय, आप इस माहौल से बाहर निकलते हैं और एक ऐसी चुनौतीपूर्ण जगह पर होते हैं जहाँ आपको सोचना है, विश्लेषण करना है और भाग-दौड़ करना है। अपनी हमेशा की जगह पर एक कप कॉफ़ी लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन किसी ऐसी दूसरी जगह पर जहाँ भाषा अलग है, आपको यह साधारण सा काम करने के लिए भी आईडिया लगाना पड़ेगा। और आपको हर एक काम के लिए ऐसा करना पड़ेगा। जैसे-जैसे आप आसान से कठिन चालेंज का सामना करते हैं, आपकी समस्याओं को सुलझाने की और एक साथ बहुत से काम हँडल करने की क्षमता बढ़ जाती है। इस तरह के अनुभवों को अपने जीवन में, रिश्तों में और काम में लाकर, आप ऐसे कामों को अच्छे तरीके से मैनेज करते पाते हैं और एक अधिक सक्षम व्यक्ति बनते हैं।

4. अलग-अलग जगहों की यात्रा करने से आप स्वयं को जानने लगते है। ऐसा करने से आप लोगों की और उन सभी चीजों की कदर करने लगते हैं जो आपके पास हैं। यह आपके आसपास क्या हो रहा है इस पर आपको प्रश्न उठाना सिखाता है, आप जो भी कदम उठाते हैं उस पर तर्क करता है और आपको यह समझाता है कि जीवन की हर चीज या तत्व जो इसे बढ़ाते हैं, मूल्यवान हैं और आपने लोगों से, आपके पालतू कुत्ते से और यहाँ तक की अपनी खरीदी नयी कार से भी प्यार करना चाहिए।

5. यात्रा करने से आपका जीवन के प्रति दृष्टिकोण भी बदलेगा क्योंकि आप उन लोगों से मिलेंगे जिन्होंने आपसे बहुत अलग प्रकार की जिंदगी जी है। उदाहरण के लिए, जब आप सफारी टूर पर अफ्रीका की यात्रा करते हैं, तो आप न केवल असाधारण वन्यजीव और प्राकृतिक परिवेश को देखेंगे, बल्कि पारंपरिक रिवाजों और परंपराओं का पालन करने वाले, पारंपरिक हाथ से बने घरों में रहने वाले, आदिवासी कपड़े पहनने वाले और कही नहीं इतने प्रकृति के करीब रहने वाले लोगों से भी मिलेंगे।

6. किसी विशेष क्षेत्र जैसे कि यूरोप, दक्षिण अमेरिका या सुदूर पूर्व में स्थित जगहों की यात्रा करने से आप स्थानीय भाषा सीख पाएंगे, क्योंकि आपको उनकी भाषा में बातचीत करना जरुरी होगा। कोई विदेशी भाषा सीखना केवल एक नया अनुभव नहीं है, बल्कि वह आपके जीवन को समृद्ध करता है क्योंकि इससे नए अवसर मिलते हैं जो आपके जीवन को सुन्दर बना सकते हैं।

7. जिन्हें कहानियां पढ़ना पसंद हैं, यात्रा करने से वे कथाकारों में बदल सकते है। हर बार जब आप किसी नए स्थान पर जाते हैं और उसे देखते हैं, तो आपको आने वाले व्यक्तिगत अनुभव ही वे चीजें होती हैं जो सबसे अधिक बिकने वाली किताबों का मसाला बनती हैं। उन्हें एक ब्लॉग या अपने सोशल मीडिया पेजों पर लिखें और बहुत जल्द, आपके पास एक बड़ा फैन फोलोविंग होगा, जो किसी और के पास नहीं है। जैसे-जैसे आप लिखते जाते हैं, आपको इस कला में माहरत हासिल होती जाती हैं। और पढ़ने वालों को विषय कैसे बताया जा रहा है यह आपका अनुभव समृद्ध करता है। किसी भी पर्यटक स्थान के बारे में आपने बतायी हुई व्यक्तिगत जानकारी, टिप्स और मार्गदर्शन किसी भी टूरिस्ट ब्रोशर या पत्रिका में नहीं मिलेगी।

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6 Ideas to Get Rid of Laziness

That feeling of … I don’t want to do anything at all …hits just about everyone. Many succumb to it easily and stay with the habit for years together, till something happens to pull them out of it. However, even the busiest and the most disciplined people have been known to be hit by the ‘laziness bug’ and end up not doing much for days and even weeks together. Here are some interesting ideas on how to work yourself back into becoming active, when you feel laziness swallowing you:

1. Being lazy can come about when you are always in the same place for a long period of time. So get out of the house and go to a park, club, restaurant or some spot where you can see a lot of people, or get into a conversation with someone. Find a magazine, book or something that will invigorate your mind. Check out the key events happening in your city, which can be a musical fest, sports event or a charity show that you can participate in or watch. Involving yourself in such activities will take you away from boring routines, make you move, get in touch with new people and give you an idea that can turn into something bigger. People come to attend my 2 days’ CHANGE YOUR LIFE Workshop, just because by staying in an inspirational atmosphere & meeting new people, they get new energy.

2. Laziness can come from boredom, so the best way to break away from this is by learning a new hobby or skill. It can be something sporty, or some classes in a particular art, craft or language. You can try enrolling into classes that improvise housekeeping or cooking skills or something that takes you out of the city to a new place, where you can discover, write about or photograph places of art, history and culture. Adventurous activities or tours that take you to exotic places are the best ways to get away from boredom, as they get you thinking about something new, interesting which gets back your zest in life.

3. Exercising, Doing Yoga, Tai Chi etc are some of the most effective ways of getting out of laziness. Enroll in a class as this way you have to make yourself ready to go to the location for physical activity. If you feel that doing the same set of physical routines or exercises is boring, get into something new, which gives the same level of movement. When the body gets moving, you become energetic and motivation arises, which helps break out of the dreadful cycle of laziness.

4. Bring routines into your everyday activities so that you are disciplined, which makes you active and energetic. Laziness takes you out of streamlined tasks and takes you into space where you don’t think and act coherently. So step out of it by thinking of fun ways to make yourself disciplined initially after which you can get into more serious things. For example decide to do aerobic or zumba dance for fifteen minutes every morning for a week, followed by a jog around the neighborhood, after which you will read the morning paper and then attend some phone calls. It may be difficult to get started on such a routine at first, but it’s a start to doing nothing at all.

5. Call up a close friend and talk it out. A lazy state of mind can change with just a simple conversation on something like what’s happening around the corner, in someone’s home, at the park even the weather. You might suddenly get an idea that motivates you to think about something that is interesting. This one change can get you out of the cycle of laziness and into the groove of doing a task or activity that motivates you, shows your skills or learn something new. When you talk from the heart to someone in your inner circle, feelings come out and you can find out something that was not present till now. Your mood changes which help to break you out of laziness and brings back the motivation into life.

6. When you have a lot of things to do, facing them can be difficult, so you put them off, triggering laziness. Get out of this by first writing down all tasks that need to be done, prioritize them and start out by doing those tasks that take the least time. After finishing with this lot, move onto those activities that can take longer time, but do them in a stepwise way so that they are not difficult to manage. Write down any problems that you face on paper so that you can think about them later or find a solution by talking with a friend. Finally, if you find yourself thinking about any task that has to be done quickly, get it done right away. As you finish tasks faster, you find yourself more motivated which breaks away the laziness.

अपने आलस्य से छुटकारा पाने के 6 उपाय

यह महसूस करना की, …‘मैं बिल्कुल कुछ भी नहीं करना चाहता/चाहती’…सभी को यह बात कभी न कभी जकड़ लेती है। कई लोग आसानी से इसका शिकार हो जाते हैं और कई सालों तक यह आदत साथ में रहती हैं, जब तक उन्हें इससे बाहर निकलने के लिए प्रेरणा देने वाली कोई घटना न घट जाए। सबसे व्यस्त और सबसे अधिक अनुशासित लोगों को भी कभी-कभी ‘आलस्य का कीड़ा’ काटता है और वे कई दिनों तक या फिर कभी-कभी तो कई हफ़्तों तक ज्यादा कुछ काम नहीं करते हैं। जब आपको लगता है कि आलस्य आपको निगल रहा है तब खुद को कैसे सक्रिय करें, इस पर निचे कुछ दिलचस्प बातें बतायी गयी हैं:

1. आप तब आलसी हो जाते हैं जब आप हमेशा एक ही जगह पर लंबे समय तक रहते हैं। इसलिए घर से बाहर निकलें और किसी पार्क, क्लब, रेस्तरां या किसी ऐसे स्थान पर जाएं जहां आप बहुत सारे लोगों को देख सकें या किसी के साथ गप्पे मार सकें। कोई पत्रिका, किताब पढ़ें या कुछ ऐसी चीज करे जो आपके दिमाग पर जोर दे। अपने शहर में होने वाली प्रमुख घटनाओं की जानकारी लें। किसी संगीत समारोह, खेल कार्यक्रम या चैरिटी शो में आप भाग ले सकते हैं या उसे देख सकते हैं। इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से आप बोअर होने वाली दिनचर्या से दूर जायेंगे, आप उठने-बैठने हिलने-डुलने के लिए मजबूर हो जायेंगे, नए लोगों के साथ संपर्क में आयेंगे और आपको कोई ऐसी कल्पना सूझ सकती है जो किसी बड़ी चीज को जन्म दे सकती है। मेरे दो दिनों के ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ) वर्कशॉप में हिस्सा लेनेवाले प्रतिभागी इसलिए वर्कशॉप में आते हैं क्योंकि उन्हें नए लोगों से मिलने और प्रेरणादायी वातावरण में रहने से नई एनर्जी मिलती हैं।

2. आलस्य बोरियत से आ सकता है, इसलिए इससे दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका होता है कोई नया शौक या कौशल सीखना। आप खेल-कूद में भाग ले सकते हैं या कोई विशेष कला, शिल्प या भाषा सिख सकते हैं। आप हाउसकीपिंग या कुकिंग स्किल्स या किसी चीज़ को इंप्रूव करने के क्लासेस लगा सकते है। ऐसे क्लासेस लगाये जो आपको शहर से बाहर किसी नई जगह पर ले जाने वाले हो, जहाँ आप कला, इतिहास और संस्कृति की जगहों के बारे में जान सकते हैं, लिख सकते हैं या उनके फोटो निकाल सकते हैं। साहसिक गतिविधियाँ करना या घूमने के लिए असाधारण जगहों पर जाना, बोरियत को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। क्योंकि वे आपको कुछ नया, दिलचस्प करने के बारे में सोचने पर मजबूर करते हैं। और आपको जीवन में फिर से उत्साह मिलता है।

3. व्यायाम करना, योग करना, ताई ची आदि आलस्य से बाहर निकलने के कुछ प्रभावी तरीके हैं। आप ऐसी क्लास लगाये जो आपको आपके घर से दूसरी जगह पर जाने के लिए मजबूर करे। यदि आपको लगता है कि एक ही तरह की शारीरिक दिनचर्या या व्यायाम करने से बोअर हो रहे हैं तब कुछ ऐसा नया करें जिससे आपके शरीर में उसी तरह की हलचल हो। जब शरीर में गति होती है, तो आप में एनर्जी आ जाती हैं और प्रेरणा पैदा होती है, जो आलस्य के भयानक चक्र से बाहर निकलने में मदद करती है। मेरे चार दिनों के कैंप ‘Ultimate Life’ (अल्टीमेट लाइफ) में, उसमें हिस्सा लेने वाले लोगों से मैं यह बात शेयर करता हूं कि वे कैसे आसानी से और अच्छे से ज्यादा एक्टिव हो सकते हैं|

4. खुद को एक्टिव, उर्जावान और अनुशासित बनानेवाले काम करें। आलस्य आपको बुद्धिसंगत कार्यों से दूर ले जाता है और आपको ऐसी स्थिति में ले जाता है जहाँ आप न ठीक से सोच पाते हैं और न ही काम कर पाते हैं। खुद को अनुशासित बनाने के लिए शुरुआत में ऐसे कार्य करें जिससे आपको मजा आये, उसके बाद आप और अधिक गंभीर चीजों में हिस्सा ले सकते हैं। उदाहरण के लिए एक सप्ताह के लिए हर सुबह पंद्रह मिनट के लिए एरोबिक या ज़ुम्बा नृत्य करने का निर्णय लें, इसके बाद अपने इलाके में जॉगिंग करें, जिसके बाद आप सुबह का पेपर पढ़ें और फिर कुछ फोन कॉलों करें। शुरुआत में यह सब करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ भी नहीं करने से यह अच्छा है।

5. किसी करीबी दोस्त को बुलाइए और उनसे बात कर मन हल्का कीजिये। किसी कोने में, किसी के घर में, पार्क में क्या चल रहा है इस पर बात करें है। मौसम के बारे में बात करना, जैसे साधारण चर्चा करने से भी मन का आलस्य दूर हो सकता है। अचानक कोई दिलचस्प विचार आपके मन में जन्म ले सकते है। यह परिवर्तन आपको आलस्य के चक्र से बाहर निकाल सकता है। यह आपको प्रेरणा देने वाला कोई काम या गतिविधि करने के लिए, अपना स्किल दिखाने या कुछ नया सिखने की ओर ले जायेगा। जब आप अपने खास दोस्तों से बात करते हैं, तो मन की भावनाएं सामने आती हैं और आपको कुछ नया पता चलता है। आपका मूड बदल जाता है जो आपको आलस से बाहर निकालने में मदद करता है और जीवन में प्रेरणा वापस लाता है।

6. जब आपके पास करने के लिए बहुत से काम होते हैं, तो उन्हें करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए आप उन्हें टालते जाते हैं। यह आलस्य को जन्म देता हैं। इससे बाहर निकलने के लिए पहले उन सभी कामों को लिख ले जो आपने करने हैं, उन कामों को प्राथमिकता के अनुरूप रखें और सबसे पहले उन कार्यों को करना शुरू करें जिन्हें कम से कम समय लगता हो। वे ख़त्म हो जाने के बाद उन कामों पर ध्यान दे जिन्हें ज्यादा समय लगता हो। लेकिन उन्हें एक-के-बाद-एक करें ताकि उन्हें मैनेज करना मुश्किल न हो। काम के दौरान जो भी समस्या आती हो आप उसे कागज़ पर लिखे ताकि आप बाद में उनके बारे में सोच सकें या किसी दोस्त से बात करके कोई हल निकाल सकें। अंत में, यदि आप आपके किसी भी कार्य के बारे में सोच रहे हैं जिसे जल्दी से किया जाना है, तो उसे तुरंत पूरा करें। जैसे-जैसे आप काम जल्दी-जल्दी पूरा करते हैं, आप ज्यादा मोटिवेटेड होते हैं। यह आलस्य को दूर करता है।

How to Overcome any Negative Experience of Your Life

Let’s face the fact. Life is a bundle of positive and negative experiences, but we all make the mistake of thinking more about negative things than the positive ones.The setbacks that happen make us sad, depressed and also affect our relationships. Soon, I am going to have my new batch of ‘Experience Awakening’ program. One of the reasons why my participants love to attend this program is because they finally learn to overcome any negative experience of their life.

So, no matter what happened, here are some important tips that can help you overcome that negative experience, become a better person, get back to who you really are and what you like to do:

1. If a negative experience happens, there is bound to be turn of events. So be patient… wait and see what happens afterwards to make a real assessment of the experience and then come to conclusion on what should be learnt from it. Rash thinking or quick judgement does not come to aid in such matters as you need to wait a bit to see an outcome from it… perhaps someone else’s actions that has brought about a change of the situation etc.

2. Don’t blame anyone and also yourself. Stop trying to pin the cause of the situation on anything or anyone. It is a path that leads to nowhere. Instead accept that such a problem has happened. Accepting also helps to get the reality of the event into the mind and heart and also to overcome it. Once you have accepted it, think of a solution that can help overcome it. In case there is no specific solution to the situation, learn to live with it by keeping the mind and heart focused on other better matters in life.

3. A negative experience always brings out deep anger, which is the sole cause to blame in not getting out of it. This emotion also eliminates other emotions and you stop thinking on how to get yourself out of it. Anger is very stressful, so keep it down by taking long walks, meditation or doing yoga. Once you have learnt to curb anger, your mind becomes calmer and automatically seeks a solution to the problem at hand.

4. Take up something new to learn as it’s a great way of bringing down unhappiness caused by the negative experience. Learning music, crafts, physical exercises or games etc. will help focus your mind elsewhere than the problem. It will help get away from it poor impact on heart and mind and once you have the least impact from it, solutions come to the mind quickly. You also get into a fitter mind to deal with the situation that before.

5. One very effective way of dealing with negative life experiences is to write down all your feelings onto a piece of paper. Write as much as you want, as many times as you feel, but afterwards …tear off the paper. Writing down your feelings helps to better understand yourself and also the current situation. It also brings down levels of stress and tension and is a strong means of overcoming the situation.

6. Go to a place that’s different from where you live currently and in which the experience occurred. You can plan a couple of day’s trip with your friends specifically for this. At this new place, your mind will be dealing with new things and likewise the heart gets influenced. Now is the time to tell yourself about what you have learnt from the situation and also to think about not reliving it over and over again, which once again leads to no solution.

7. Think positively or about those things that make you feel better so that the depressive emotions about the negative situation are pushed to the back of your mind. It’s very important to think about more passive incidents, better situations or take up some activity that make you feel positive and gets you back on track emotionally and mentally. Going over the negative experience repeatedly will only zap off all the energy and strength in your body and mind.

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अपने जीवन के किसी भी नकारात्मक अनुभव को कैसे दूर करें

सच्चाई यह है कि जीवन अच्छे और बुरे अनुभवों की एक गठड़ी है। लेकिन हम सभी सकारात्मक चीजों की तुलना में नकारात्मक चीजों के बारे में ज्यादा सोचने की गलती करते हैं। असफलताएं हमें दुखी, उदास करती हैं और हमारे रिश्तों को भी प्रभावित करती हैं। जल्द ही, मेरे ‘Experience Awakening’ (जाग्रति का अनुभव कीजिये) कार्यक्रम का नया बैच शुरू होने वाला है। मेरे प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम में शामिल होना पसंद है, क्योंकि इसमें वे अपने जीवन के किसी भी नकारात्मक अनुभव को दूर करना सीखते हैं।

सो, जीवन में जो भी हुआ हो, यहां कुछ ऐसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं जो आपको उस नकारात्मक अनुभव को दूर करने में, आपको एक बेहतर व्यक्ति बनने में, आपको आपके वास्तविक रूप में आने में और आपको जो पसंद है वह करने में, आपकी मदद कर सकते हैं:

1. यदि कोई नकारात्मक अनुभव होता है, तो चीजें बदलती है। इसलिए धैर्य रखिये… अनुभव का वास्तविक आकलन करने के लिए प्रतीक्षा कीजिये और देखिये कि बाद में क्या होता है। फिर इससे क्या सीखा जाना चाहिए, यह निष्कर्ष निकालिए। अविवेकी सोच या फटाफट निर्णय ऐसे मामलों में मदद नहीं करते क्योंकि आपको इसके परिणाम देखने के लिए थोड़ा इंतजार करने की आवश्यकता है … शायद किसी और के काम ने परिस्थिति बदल दी हो या ऐसी दूसरी बातें भी हो सकती है जिस कारण स्थिति में बदलाव आया हो।

2. किसी और को दोष न दें और खुद को भी दोषी न माने। किसी चीज़ को या किसी व्यक्ति को इस स्थिति के लिए दोष देना भी बंद कीजिये। इससे कोई फायदा नहीं होता है। इसके विपरीत समस्या हुई है यह स्वीकार कर लीजिये। स्वीकार करने से घटना की वास्तविकता को दिमाग और दिल में उतारने में मदद मिलती है और इससे उबरने में भी मदद होती है। एक बार जब आप इसे स्वीकार कर लेते हैं, तो एक ऐसा उपाय सोचिये जो इसे दूर करने में मदद कर सके। यदि स्थिति का कोई विशेष समाधान नहीं है, तो जीवन में अन्य बेहतर मामलों पर ध्यान और दिल लगाकर इसके साथ रहना सीखिए।

3. एक नकारात्मक अनुभव हमेशा बहुत ज्यादा गुस्सा दिलाता है। अगर इस गुस्से को बाहर नहीं निकाले तो नकारात्मक भावना बढ़ती है। यह भावना अन्य भावनाओं को भी ख़त्म कर देती है और आप यह सोचना बंद कर देते हैं कि खुद को इससे कैसे निकाला जाए। गुस्सा बहुत तनावपूर्ण है, इसलिए लंबी सैर, ध्यान या योग से इसे कम कीजिये। एक बार जब आपने आपके गुस्से को रोकना सीख लिया, तो आपका दिमाग शांत हो जाता है और आप खुद ही सामने खड़ी समस्या का हल ढूंढ लेते है।

4. कोई नई चीज सीखिए, क्योंकि यह नकारात्मक अनुभव के कारण होने वाले दुःख को कम करने का एक शानदार तरीका है। संगीत, शिल्प-कला, शारीरिक व्यायाम या खेल आदि सीखिए। इससे आपके दिमाग को, समस्या से कहीं और ध्यान केंद्रित करने में मदद होगी। यह दिल और दिमाग पर हो रहे बुरे असर को दूर करने में भी मदद करेगा। और जब आप पर इसका कम प्रभाव होगा, तो समाधान भी जल्दी से दिमाग में आयेगा। ऐसी स्थिति फिर आने से उसका सामना करने के लिए आपका दिमाग पहले से ज्यादा फिट रहेगा।

5. नकारात्मक जीवन के अनुभवों से निपटने का एक बहुत प्रभावी तरीका, कागज के एक टुकड़े पर अपनी सभी भावनाओं को लिखना है। जितना चाहें उतना लिखें, जितनी बार महसूस करें, उतनी बार लिखें लेकिन बाद में… कागज को फाड़ दें। अपनी भावनाओं को लिखने से खुद को और वर्तमान स्थिति को भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। यह टेंशन और तनाव के स्तर को भी नीचे लाता है और स्थिति पर काबू पाने का एक मजबूत साधन है।

6. आप उस जगह पर जाएं जो आपके वर्तमान जगह और जहां बुरा अनुभव हुआ, उससे अलग है। आप विशेष रूप से इसके लिए अपने दोस्तों के साथ दो-तिन दिन की यात्रा का प्लान बना सकते हैं। इस नई जगह पर, आपका दिमाग नई चीजों से निपटेगा और इसी तरह दिल भी प्रभावित होगा। अब समय है कि आप खुद को यह बताएं कि, आपने ऐसी स्थिति से क्या सीखा है और इस स्थिति को दूर न करने के बारे में क्या सोचते थे।

7. सकारात्मक सोचें या उन चीजों के बारे में सोचें जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं ताकि नकारात्मक स्थिति से आया डिप्रेशन आपके दिमाग के पीछे चला जाएं। अधिक निष्क्रिय घटनाओं, बेहतर स्थितियों के बारे में सोचना या कोई ऐसी गतिविधि करना बहुत महत्वपूर्ण है जो आपको सकारात्मक महसूस कराए और आपको भावनात्मक और मानसिक रूप से वापस पटरी पर लाए। बार-बार नकारात्मक अनुभव से आपके शरीर और दिमाग की सारी ऊर्जा और ताकत को झकझोर देगी।

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How Morning Meditation can relieve your Stress

1. How morning meditation relieves stress and anxiety?

Many people meditate regularly during the morning hours. It doesn’t take much of their time. Around 20 minutes of meditation is quite enough to center oneself and kick start the day right. But the question is why we should practice morning meditation? Well just like me there are many others who are not morning people. But it is extremely easy to make it as a habit as long as you inculcate it into your daily routine. People who stick to their morning meditation schedule are left with a tangible feeling of clarity. In fact, this rippling influence of meditation extends all throughout to some of the other crucial spheres of their lives.

2. Ways by which morning meditation relieves stress

Here are some of the ways by which morning meditation relieves stress. It helps you to start your day on a positive note and to train out your mind to react positively towards stress with a high level of creativity and also calmness.

3. No need of coffee

Since meditation actually activates the parasympathetic nervous system of the body, therefore it triggers out a deep state of relaxation. Even when a person wakes up early morning sleep tired, just 20 minutes of the meditation will release energy enhancing endorphins which bring a spring in life. So it helps to reenergize your entire body without solely relying on caffeine.

4. Eat cleaner

Numerous studies have actually found that when people are being stressed or sleep deprived, then they may reach out for bad foods. After developing a momentum from morning meditation, you will discover a strong craving for healthy and clean food that the body will easily be able to digest and turn into a fuel which helps you to operate constantly at a high energy level.

5. Fewer headaches

Although morning meditation doesn’t act as a substitute for medical treatment but it is utilized for the reduction in pain which is being associated with the headaches. Thus, meditation during the morning hours can actually be complemented with the traditional health and wellness boosting approaches. I suffered from frequent headaches during the morning hours and it didn’t vanish till the time I changed eating habits and started meditating.

6. Filters out negative thoughts

The sympathetic nervous system of the body is responsible for triggering out the production of the stress hormone known as cortisol. This hormone is well known for dragging out the energy level of a person. The more the production of cortisol in the body, the more the person will be depressed and anxious. This all fills a person will a lot of negative thoughts. For overcoming the negativity and over thinking, just practice morning meditation daily for a few minutes. It transforms your mind to the quiet and also peaceful one and makes you feel happy and relaxed.

7. Improves sleep

Around half of people suffer from sleep disorders. One of the research studies found that a group of people who performed mindfulness-based morning meditation fell asleep sooner and also stayed asleep for a longer duration of time in comparison to those who didn’t practice it. The meditation practice enables a person to relax and also controls all sorts of runways thoughts that actually interfere with the sleep. Since the body feels relaxed due to the release of stress, it enters the person into a completely peaceful of the state which shortens the time which a person takes to fall asleep and also improves sleep quality.

8. Clears mind

Our brains are the factories of thoughts and we cannot shut it down. By trying out meditation, we can focus on the attention of clearing the mind and stopping all sorts of thoughts in it. When you first settle into a meditation session, just check out how you are simply feeling? Are you busy, tired or anxious? See whatever you are actually bringing to the meditation session is all fine. When you find thoughts and feelings actually arising during the meditation session, then you will view it as friendly and positive and not harsh.


Morning meditation benefits the body and mind and brings many noticeable positive effects in your life. It clears out the mind from negative thoughts and dissolves out the stress and anxiety too.

कैसे सुबह-सुबह ध्यान करना आपको तनाव से छुटकारा दिलाता है

1. सुबह में ध्यान करना तनाव और चिंता से कैसे छुटकारा दिलाता है

कई लोग सुबह के समय नियमित रूप से ध्यान करते हैं। इसमें ज्यादा समय नहीं लगता है। लगभग 20 मिनट का ध्यान अपने आप को केन्द्रित करने और दिन की सही शुरुआत करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन सवाल यह है कि हमें सुबह की साधना क्यों करनी चाहिए। ठीक है, मेरी तरह ही कई अन्य लोग भी हैं जो सुबह जल्दी नहीं उठते। लेकिन जब आप रोज सुबह उठना शुरू करेंगे तब यह आसानी से एक आदत बन जाएगी। जो लोग अपने सुबह के ध्यान कार्यक्रम से पक्के जुड़े रहते हैं, उनमे स्पष्टता की एक ठोस भावना रहती है। वास्तव में, ध्यान का यह प्रचंड प्रभाव उनके जीवन के सभी या फिर कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैला हुआ रहता है। मेरे ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ़) कार्यशाला के प्रतिभागियों का अनुभव भी बिल्कुल वैसा ही है।

2. सुबह के समय ध्यान करने से तनाव ऐसे दूर होता है

ये कुछ तरीके हैं जिनके द्वारा सुबह का ध्यान तनाव से राहत देता है – आपका दिन अच्छे से शुरू करने में मदद करता है। यह अपने दिमाग को उच्च स्तर की रचनात्मकता के साथ सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करता है। साथ ही यह आपके दिमाग को शांत रहने में मदद भी करता है।

3. कॉफी की जरूरत नहीं होती

चूंकि ध्यान वास्तव में शरीर के पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को सक्रिय करता है, इसलिए यह रिलैक्स होने की गहरी अवस्था को शुरुआत करता है। यहां तक कि जब कोई व्यक्ति सुबह थका हुआ उठता है, फिर भी बस 20 मिनट का ध्यान करने से एंडोर्फिन को बढ़ाने वाली ऊर्जा जारी होती है जो जीवन में उत्साह लाता है। यह कैफीन पर निर्भर रहे बिना पूरी तरह से आपके पूरे शरीर को पुन: उत्साहित करने में मदद करता है।

4. शुद्ध खाने के लिए उत्तेजित करता है

कई अध्ययनों में पाया गया है कि जब लोग तनावग्रस्त होते हैं या कम नींद लेते हैं, तो वे खराब खाद्य पदार्थ खा सकते हैं। सुबह के ध्यान से एक गति विकसित करने के बाद, स्वस्थ और स्वच्छ भोजन के लिए आपकी इच्छा मजबूत होगी जिसे शरीर आसानी से पचायेगा और ईंधन में बदलेगा। यह ऊर्जा का उच्च स्तर देगा जो आपको लगातार काम करने में मदद करेगा।

5. कम सिरदर्द होना

हालांकि सुबह का ध्यान मेडिकल उपचार के विकल्प के रूप में नहीं है, लेकिन इसका उपयोग उस दर्द में कमी लाने के लिए किया जाता है जो सिरदर्द से जुड़ा हुआ होता है। इस प्रकार, सुबह का ध्यान पारंपरिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने वाले दृष्टिकोण के साथ पूरक हो सकता है। मुझे भी सुबह लगातार सिरदर्द होता था। यह तब गायब हुआ जब मैंने खाने की आदतों को बदल दिया और ध्यान करना शुरू कर दिया।

6. नकारात्मक विचारों को बाहर निकालता है

कोर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन के उत्पादन को ट्रिगर करने के लिए शरीर की सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र जिम्मेदार है। यह हार्मोन व्यक्ति के ऊर्जा स्तर को कम करता है। शरीर में कोर्टिसोल का उत्पादन जितना अधिक होगा, व्यक्ति उतना ही उदास और चिंतित होगा। यह सब व्यक्ति को बहुत सारे नकारात्मक विचारों से भर देता है। नकारात्मकता और बहुत अधिक सोचना, इसपर काबू पाने के लिए, बस कुछ मिनटों के लिए प्रतिदिन सुबह ध्यान करें। यह आपके दिमाग को शांत और स्थिर करता है। साथ ही साथ
आपको खुश और तनावमुक्त महसूस कराता है।

7. नींद में सुधार करता है

लगभग आधे लोग नींद की बीमारी से पीड़ित हैं। शोध अध्ययनों में पाया गया कि सचेत रूप से सुबह ध्यान करने वाले लोग, उन लोगों की तुलना में जल्दी सो जाते हैं और अधिक समय तक सोते हैं, जिन्होंने इसकी प्रैक्टिस नहीं की। ध्यान, व्यक्ति को रिलैक्स करने में मदद करता है। यह दिमाग में दौड़ने वाले सभी प्रकार विचारों को भी नियंत्रित करता है जो नींद आने नहीं देते हैं। तनाव मुक्त होने के कारण शरीर रिलैक्स महसूस करता है। यह व्यक्ति को पूरी तरह से शांत अवस्था में प्रवेश कराता है। यह नींद आने का समय कम कर देता है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार लाता है।

8. मन को साफ करता है

हमारा दिमाग विचारों का कारखाना है और हम इसे बंद नहीं कर सकते। ध्यान के द्वारा हम दिमाग को साफ करने और उसमें सभी तरह के विचारों को रोकने पर फोकस कर सकते हैं। जब आप पहली बार ध्यान करने बैठते हैं, तो बस यह देखें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं? क्या आप व्यस्त, थके हुए या चिंतित हैं? आप जो भी ध्यान में देख रहे हैं वह सब ठीक है। जब आप ध्यान के दौरान विचार और भावनाओं को उत्पन्न होते देखते हैं, तो आप उन्हें अनुकूल और सकारात्मक रूप में देखेंगे, कठोरता से नहीं।


सुबह ध्यान करना शरीर और दिमाग को लाभ पहुंचाता है और आपके जीवन में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव लाता है। यह बुरे विचारों से मन को साफ करता है और तनाव और चिंता को भी दूर भगाता है। यदि आप चाहें, तो सुबह ‘Dynamic Yoga’ (डायनेमिक योग) की 15 मिनट की प्रैक्टिस से भी शुरुआत कर सकते हैं। यह करना आसान है और कहीं भी किया जा सकता है।
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5 Easy Home Exercise Tips

Are you spending too much time in the office or working overnight shifts or you are falling tight on money this month? Whatever is the reason, but many of the times arise when we are unable to make it to the gym itself. But as long as you are not using this excuse to skip your exercise, you are actually golden. Now there is no reason which can actually stop you for building muscles, strengthening and sizing yourself at home. You can train yourself with minimal equipment or even just the body weight sessions are more than enough to put your body to the desired shape. These simple forms of exercises help you out staying on track no matter where you are. Using these versatile moves, you can develop a comprehensive at home work out which fits your abilities and meet your fitness goals.

In this article, you will actually be taken through a series of convenient choices for exercising at your own home.

1. Push-ups –

This may appear to you as an old school gym idea but it the classic push-ups which give you a lot. In fact, it works on almost each and every muscle of the body and assists you in strengthening the chests, arms and also core at the same time. So, now here is a goal for you.10 to 15 minutes of push-ups each and every day by the end of this season. And don’t fear you can easily get into it.

2. Chair sit –

Stand with the feet wider than hips. With a tight core, you have to sit on a chair. Try to control the body on the way down itself. Once you touch the chair, just stand up without the movement of feet. Work out up to 30-40 of the chair sits every day. This gentle exercise improves mobility, prevent falls and can be easily performed at home.

3. Classic plank –

You can do it while starting your exercise. It acts as warm up and stabilizes the body muscles. It is also one of the most effective forms of exercise for developing abs along with the development of core strength. Just place forearms on the ground, your elbows down the shoulders and the body forms a straight line from head to feet. Squeeze glutes for engaging core and hold this position. Work out for up to 60-second classic plank a day. Since many of the people have hanging bellies and they want to get rid of it, they can just start their exercise regimen at home with plank which tones the abs.

4. Body weight squats –

Well, you can perform this exercise virtually anywhere without any sort of equipment and limited of the space. Stand with your shoulder width apart with the feet turn out in a slight way. Get on to the knees and stay there all throughout. Now just squat down, sit back and also spread out the knees apart. After descending below the parallel, just drive back up. This functional movement works on almost all leg muscles.

5. Skipping –

This is a simple home-based exercise In fact, it is quite easy to do and fun to do. There are many different types of skipping which can actually be tried like a cross over, back & forward or single leg skipping. This form of exercise leads to the burning of calories and also boosts the rate of heart as well. It leads to an improvement in the cardiovascular system and burns quite an intensive amount of calories within a short duration.


Whether you are too busy to go out to the gym, saving money or you just crave for a convenient workout, exercising at your place can be an easy option for you. You can start with our 15 min Dynamic Breathing technique which you can perform at any time & even at your office as well. Is it a challenge for you to figure out the ways to do it? What if you don’t have much of the space or equipment? You can incorporate a few of the tweaks mentioned in the article in daily routine which helps you to stay on the course itself. So let’s these tips overcome the challenges and inspire you to get a whole lot healthier this season.

घर पर व्यायाम करने के 5 आसान टिप्स:

क्या आप इस महीने ऑफिस में बहुत ज्यादा समय बिता रहे हैं या रात की शिफ्ट में काम कर रहे हैं या पैसे की तंगी से जूझ रहे हैं? कई बार हम ऐसे अनेक कारणों से जिम नहीं जा पाते हैं। अब घर पर ही मसल्स बनाने से, ताकत बढ़ाने या वजन बढ़ाने/घटाने से आपको कोई नहीं रोक सकता! आप खुद को बहुत कम उपकरणों के साथ ट्रेन कर सकते हैं। केवल बॉडी वेट सेशन से भी आप आपके शरीर को जैसे चाहे उस आकार में ला सकते हैं। चाहे आप जहाँ भी हों, व्यायाम के ये सरल रूप आपको पटरी पर रहने में मदद करेंगे। ये स्टेप्स करके, आप आपकी ताकत और आपके फिटनेस टार्गेट के अनुसार, ऐसा वर्क आउट विकसित कर सकते हैं जो घर पर किया जा सकता हैं।

मेरे ‘Ultimate Life’ (अल्टीमेट लाइफ़) रेसिडेंशियल कोर्स में, मैं पूरा एक दिन स्वास्थ्य पर बात करता हूँ जहाँ अपने शरीर को फिट रखने के बारे में कुछ अद्भुत सीक्रेट सिखाये जाते हैं। इस लेख में, आपको अपने घर पर व्यायाम करने हेतु कुछ बातें बतायी जाएगी। याद रखें, यह जिम जाने का विकल्प नहीं है, लेकिन ये टिप्स तब उपयोगी होते हैं जब आपके पास ज्यादा समय नहीं हैं, आप व्यायाम नहीं कर रहे हैं या किसी कारण से जिम नहीं जा सकते हैं।

1. पुश-अप

यह आपको एक पुराने ज़माने का व्यायाम लग सकता है लेकिन यह पारम्परिक पुश-अप ही है जो आपको तंदुरुस्त बनाता है। यह शरीर की लगभग हर एक मसल पर काम करता है और एक साथ आपको चेस्ट, आर्म्स और कोर को मजबूत बनाने में सहायता करता है। चलिए, आपके लिए एक गोल रखते है: यह सीजन खत्म होने तक प्रत्येक दिन 5 मिनट पुश-अप करना।

2. चेयर सिट

कूल्हों की दूरी से ज्यादा दूर तक पैर फैलाकर खड़े हो जाइये। टाइट कोर के साथ, कुर्सी पर बैठ जाइये। शरीर को निचे की तरफ ले जाते समय ही उसे नियंत्रित करने का प्रयास करें। एक बार जब आप कुर्सी को छूते हैं, तो बस पैरों को हिलाए बिना खड़े हो जाइये। हर दिन 30-40 चेयर सीट्स करें। यह आसान व्यायाम गतिशीलता में सुधार लाता है, हमें गिरने से रोकता है और आसानी से घर पर किया जा सकता है।

3. क्लासिक प्लांक

आप अपना व्यायाम शुरू करते समय इसे कर सकते हैं। यह वार्म अप के रूप में काम करता है और शरीर के मसल्स को स्थिर करता है। यह कोर ताकत के साथ-साथ एब्स विकसित करने का एक अच्छा तरीका है। ज़मीन पर हाथों को कोहनी तक रखें, आपकी कोहनियाँ कंधों से नीचे हो और शरीर सिर से पांव तक एक सीधी रेखा बनाता हो। कोर को बनाने के लिए कूल्हों पर दबाव डालें और इसी स्थिति में रहें। दिन में 60 सेकंड तक क्लासिक प्लैंक करें। चूँकि बहुत से लोगों के पेट बाहर निकले होते हैं और वे इससे छुटकारा पाना चाहते हैं, इसलिए वे घर पर ही प्लांक के साथ अपना व्यायाम शुरू कर सकते हैं। यह एब्स को टोन करती है।

4. बॉडी वेट स्क्वैट्स

आप यह व्यायाम बिना किसी उपकरण और जगह की कमी के बिना कहीं भी कर सकते हैं। अपने कंधों को चौड़ा कीजिये और खड़े हो जाइए। साथ ही पैरों को हल्का सा बाहर की ओर मोड़ दें। घुटनों तक बैठें और पूरा समय ऐसे ही रहें। अब निचे जाइये और घुटनों को भी अलग कीजिये। पैरेलल निचे आने के बाद, अब वापस खड़े हो जाइये। यह व्यायाम पैरों के लगभग सभी मसल्स पर काम करता है।

5. रस्सी कूदना

यह बहुत ही आसान व्यायाम है जिसे आप घर पर कर सकते हैं। रस्सी कूदना काफी आसान और मजेदार है। कई अलग-अलग प्रकार के स्किपिंग हैं जिन्हें किया जा सकता है जैसे क्रॉस ओवर, आगे-पीछे कूदना या एक पैर पर रस्सी कूदना। यह व्यायाम कैलोरी जलाती है और दिल के वेग को भी बढ़ाती है। यह कार्डियोवास्कुलर सिस्टम में सुधार लाती है और कम समय में काफी मात्रा में कैलोरी को जला देती है।

एक बोनस टिप: 15-मिनट के ‘डायनामिक योग’ से शुरू करें। यह प्राणायाम, स्ट्रेच और ध्यान का मेल-मिलाप है जो आप कहीं भी कर सकते है, आपके ऑफिस में भी!
चाहे आप बिजी होने के कारण जिम नहीं जा सकते हैं, पैसे की बचत कर रहे हैं या आप कोई ऐसा व्यायाम करना चाहते हैं जो आपके लिए सुविधाजनक हो, तब अपनी जगह पर ही व्यायाम करना आपके लिए एक आसान विकल्प हो सकता है। लेख में बताए गए कुछ ट्विक्स को आप अपने हर दिन की दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। यह आपको मैदान में बने रहने में मदद करेगा। तो चलिए, आशा करते हैं कि ये सुझाव आपको इस सीजन में चुनौतियों से उबरने और पूरी तरह से स्वस्थ होने की प्रेरणा दें।
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How to Make Your Family Happy

Gone are the days when spending time with one another was the way we enjoyed life. Now with cell phones, after school classes and jobs that go around-the-clock, people have to think about better ways to keep their family happy. In my newly launched ‘MAD Family’ program, I talk about how you can build a family that is MAD: Mature, Affectionate and Divine. Here are some tips on how to do this:

1. Make It A Point To Enjoy Food Together –

When it comes to having fun with family members, the first thing that comes to mind is enjoying delicious food in the company of one another, relaxing and talking about stuff that happened during the week. In today’s fast-paced world, eating is something that’s done in a hurry. However, during the weekends or in holidays and even every day at dinner time, make it a point to include some interesting dishes that get’s everyone in a good mood and talk about heartfelt matters, events that can help everyone to unwind.

2. Indulge in creative activities –

It’s easy to sit with a plate of potato chips in front of the television with your kids, wife, brother or sister, but real togetherness comes from indulging in activities like drawing, painting, reading aloud a book, sharing creative ideas or inspirational stories. Make it a point to sit down at least half an hour every day or a couple of hours during weekends doing some fun crafts, arts, reading books, healthy discussions and other interesting things like this which enhances feelings of togetherness and happiness.

3. Do Cleaning Work Together –

Don’t make cleaning a chore that’s to be dreaded. Involve every family member subtly in some small activity in and around the house, but make it fun. For example, ask the kids to put all the toy clutter on the floor into a box for which they will get some chocolates. You can ask an older family member to fold clothes that are hanging in the garden while spending time enjoying its beauty. Always be involved with the family when cleaning or doing any chore as togetherness will make it more fun and also enhance feelings of togetherness, cleanliness and responsibility.

4. Stay Away From Gadgets And Television –

Relationships are built around how much time you spend doing something constructive than just sit in front of the television watching movies or playing games on the laptop or tablet. It may be an effort to set aside phone calls or keep away from that attractive video, but do it and you can see more communication between you and everyone at home. When you keep away from the cell phone or movie, there is more time to sit in the garden, balcony and talk about something that’s important to share, read a book together or play with the kids without a distraction.

5. Talk About The Family History –

One of the most important things to share is information about family members… about grandparents, cousins, as this makes kids feel grounded, belonged and they feel happier. Tell kids about how your grandmother’s clever ideas, craft skills helped or talk about an incident when she provided good emotional support as such things gives kids important points on life from which they can learn, which is not present in any book, television serial or games.

6. Have Clear Financial Goals And Don’t Talk About Money Always –

People who are always worried about their sources of income aren’t very happy at home. If the problem is the pay scale at work, look into better career prospects and steer towards a job that’s more satisfying and better paying. Once you have desired income flow, plan how the money is going to be spent and look into how much can be saved. Smartly plan outings by checking out holiday options, freebies for vacation resorts, adventure trips at discounted rates so that you save money and spend quality time with your family.

7. Discuss Important Things Frankly, Even Those Matters That Are A Bit Delicate –

Brainstorm on how to get the message across on those matters that are sensitive to your spouse, kids or other family members. It’s how tactfully such matters are discussed that relationships get stronger and problems get out of the way. A small solution can address a big problem and lead to its conclusion too, but how well you discuss it, how subtly it is brought forth, the solution given determines how much happier you become. In my ‘Change Your Life’ workshop, many families share the deepest of their feelings after experiencing a practical technique on a relationship and resolve their years of animosity.

8. Keep Voices Down Even If You Have An Argument And Do Not Fight In Front Of The Kids –

When you talk in a low voice, the point is put forth, but your emotions are more controlled and it sets an example for the other person. Furthermore, when you fight in front of kids, a bad example is set to avoid this. They need not know about adult issues which they cannot understand at a young age.

9. Listen to Music –

Music is one element that brings people together no matter what their age or interests. Get together popular tracks and listen to them together and sing out loud with each other. It’s fun, a great way to remove stress and also unwind from anything that’s been emotionally difficult.

अपने परिवार को कैसे खुश करें

वे दिन गए जब हम एक दूसरे के साथ समय बिताकर जीवन का आनंद लिया करते थे। अब सेल फोन आने से तथा स्कूल के बाद होनेवाली क्लासेस और चौबीसों घंटे रहनेवाली नौकरियों की शिफ्ट (कार्य पाली) के कारण, लोगों को अपने परिवार को खुश रखने के बेहतर तरीकों के बारे में सोचना होगा। मेरे नए शुरू किए गए ‘MAD’ फॅमिली ’कार्यक्रम में, मैं बात करता हूं कि आप कैसे एक परिवार को ‘MAD’ Mature, Affectionate and Divine (परिपक्व, स्नेहमय और दिव्य) परिवार बना सकते है। उसके कुछ सुझाव यहाँ दिए गए हैं:

1. मिलकर भोजन का आनंद ले –

जब परिवार के सदस्यों के साथ मौज-मस्ती करने की बात निकलती है, तब जो पहली बात मन में आती है वह है एक दूसरे के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेना, तनाव मुक्त होना और पूरे सप्ताह में बीती घटनाओं के बारे में बातें करना। आज की भागम-दौड़ वाली जिंदगी में, खाना जल्दबाज़ी में खा लिया जाता है। इसलिए सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) के दौरान या छुट्टियों में या फिर हर रोज रात के खाने में, कुछ दिलचस्प व्यंजनों को शामिल करें। जिस कारण हर किसी का मूड अच्छा बन जाए ताकि वे अपनी दिल की वे बातें करें, उन घटनाओं के बारे में बताए जो उन्हें तनाव मुक्त करने में मदद कर सकती हैं।

2. रचनात्मक गतिविधियां करना –

अपने बच्चों, पत्नी, भाई या बहन के साथ टीवी के सामने आलू चिप्स की प्लेट लेकर बैठना आसान है, लेकिन असली निकटता चित्रकला, पेंटिंग, कोई किताब जोर से पढ़ना, रचनात्मक विचार या प्रेरणादायक कहानियों को साझा करना जैसी गतिविधियों से आती है। हर रोज कम से कम आधा घंटा या सप्ताहांत में कुछ घंटों के लिए कुछ अच्छी कारीगरी, कला-कुशलता, किताबें पढ़ना, स्वस्थ चर्चा और इस तरह की अन्य रोचक चीजें करने हेतु बैठने की योजना बनाये। ऐसा करना उत्साह, खुशी और एकजुटता की भावनाओं को बढ़ाती है।

3. मिलकर साफ़-सफाई करें –

सफाई को बोरियत भरा और डरावना काम न बनाए। परिवार के हर सदस्य को घर के अंदर-बाहर के किसी न किसी छोटे काम में शामिल करें, लेकिन इसे मनोरंजक बनाएं। उदाहरण के लिए, बच्चों से कहें कि यदि वे फर्श पर बिखरे सभी खिलौनों को एक बक्से में बंद कर देते हैं तो उन्हें कुछ चॉकलेट मिलेंगी। आप परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य को बगीचे में सूखने के लिए डाले गए कपड़ों को तह करने के लिए कह सकते हैं। बगीचे की सुंदरता का आनंद लेते हुए उन्हें यह काम करने में मजा आएगा। सफाई करते समय या कोई दूसरा काम करते समय हमेशा परिवार के साथ शामिल रहें क्योंकि घनिष्ठता से काम ज्यादा मजेदार बनेगा और साथ ही साथ साथ निकटता, स्वच्छता और जिम्मेदारी की भावनाओं को बढ़ाएगा।

4. गैजेट्स और टेलीविज़न से दूर रहें –

जब आप टीवी के सामने बैठकर फिल्में देखने या लैपटॉप या टैबलेट पर गेम खेलने के बजाय कुछ रचनात्मक काम को समय देते हैं, तब रिश्तें मजबूत होते हैं। फोन कॉल नहीं लेना या खुद को किसी आकर्षक वीडियो से दूर रखना- इसके लिए प्रयास लग सकता है। लेकिन ऐसा करने से आप देखेंगे कि आपके और घर के अन्य सभी सदस्यों के बीच बातचीत और व्यवहार बढ़ गया हैं। जब आप सेल फोन या फिल्मों से दूर रहेंगे, तो आपके पास बगीचे या बालकनी में बैठने और शेयर करने लायक कोई महत्वपूर्ण बात बताने, किताब पढ़ने या इधर-उधर ध्यान भटके बिना बच्चों के साथ खेलने के लिए ज्यादा समय रहेगा।

5. परिवार के इतिहास के बारे में बात करें –

साझा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी देना है, जैसे दादा-दादी, चचेरे ममेरे भाई-बहनों के बारे में बातें करना। क्योंकि इससे बच्चे स्थिरता, संबंधित होने का एहसास और खुशी महसूस करते हैं। बच्चों को बताएं कि कैसे उनकी नानी/दादी के बुद्धिमान विचार या होशियारी के कारण कोई काम बन गया था या किसी उस घटना के बारे में बात करें जब उन्होंने आपको भावनात्मक आधार दिया था। क्योंकि ऐसी चीजें बच्चों को जीवन की महत्वपूर्ण सीख देती हैं, जो किसी भी पुस्तक, टीवी सीरियल या गेम से नहीं मिलती।

6. पैसों के बारे में स्पष्ट लक्ष्य रखे और हमेशा पैसों के बारे में बात न करें –

जो लोग हमेशा अपनी आय के बारे में चिंतित रहते हैं, वे घर पर बहुत खुश नहीं होते हैं। यदि समस्या काम के वेतनमान की है, तो बेहतर कैरियर की संभावनाओं पर गौर करें और वह नौकरी ढूंढे जो अधिक संतोषजनक हो और बेहतर आमदनी देती हो। जब आपको इच्छित इनकम मिलने लगे तो योजना बनाएं कि धन को कैसे खर्च करना है और कितना पैसा बचाया जा सकता है। छुट्टीयां कैसी बितायी जाए, रिसॉर्ट में छुट्टियों के लिए मुफ्त की छूट कैसे प्राप्त की जाए, रियायती दरों पर की जानेवाली साहसिक यात्राएं इत्यादी के बारे में जानकारी निकाले और बुद्धिमानी से बाहर समय बिताने का प्लान करें ताकि आप पैसे बचा सकें और अपने परिवार के साथ अच्छा समय भी बिता सकें।

7. महत्वपूर्ण बातों पर स्पष्ट रूप से चर्चा करें, भले वह नाजुक मामलें ही क्यों न हो –

आपके पति या पत्नी, बच्चे या परिवार के अन्य सदस्य जिन मामलों के प्रति संवेदनशील हो ऐसे मामलों को उन तक कैसे पहुंचाए, इस पर गंभीरता से सोचे। इस तरह के मामलों पर कितनी चतुराई से चर्चा की जाती है, इस पर रिश्ते मजबूत होना और समस्याएं खत्म होना निर्भर करता है। एक छोटा सा समाधान एक बड़ी समस्या को हल कर सकता है और निष्कर्ष भी निकाल सकता है, लेकिन आप इस पर कितनी अच्छी तरह चर्चा करते हैं, कितनी आसानी से इसे सामने लाया जाता है, दिया गया समाधान कैसा है – यह तय करता है कि आप कितने खुश हुए हैं। मेरे ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ़) कार्यक्रम में, कई परिवार रिश्तों पर एक व्यावहारिक समाधान का अनुभव करने के बाद अपनी अंदर की भावनाओं को साझा करते हैं और अपने वर्षों पुरानी दुश्मनी को हल करते हैं।

8. आवाज नीचे रखें, भले ही आपके पास अच्छा तर्क हो और बच्चों के सामने लड़ाई न करें –

जब आप कम आवाज में बात करते हैं, तब बात सामने तो रखी जाती है, लेकिन आपकी भावनाएं नियंत्रण में रहती है है। यह दूसरे व्यक्ति के लिए एक अच्छा उदाहरण बनता है। इसके अलावा, जब आप बच्चों के सामने लड़ते हैं, तो एक बुरी मिसाल कायम की जाती है, इसलिए इससे हमेशा बचें। बच्चों को बड़ों की बातें जानने की आवश्यकता नहीं है जिन्हें वे अपनी कम उम्र में समझ नहीं सकते।

9. संगीत सुनें –

संगीत ऐसी चीज है जो लोगों को एक साथ लाती है चाहे उनकी उम्र या रुचि कुछ भी हो। आप लोकप्रिय गाने चुनें, उन्हें एक साथ सुनें और एक दूसरे के साथ ज़ोर से गाएं। यह आनंद देता है, तनाव को दूर करने का एक शानदार तरीका है और भावनात्मक रूप से मुश्किल रहनेवाली किसी भी चीज़ के तनाव को कम करती है।