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Why constant complaining is lethal for you?

Life can sometimes be extremely stressful. We constantly face a lot of challenges in our day to day lives that add to the stress. This sometimes makes us enter into the complaining mode. We start complaining constantly to our family members, friends, colleagues and even to the strangers whom we meet in the elevators. We will see millions of people actually complaining about everything or just nothing for all. The Gilbertson cited that people who accept bad things in their lives have a much better prospect of happiness than one who doesn’t.

Of course, constant complaining influences mental health in a negative manner. It is contagious too and drives others to negative emotions as well. Even by getting surrounded by the bad-mouthed pals, we tend to solidify our negative thoughts. Due to an inherent tendency of humans towards empathy, they are subconsciously trying out the similar emotions which their friends might have experienced. But what many of the people don’t realize is that the way we complain has huge implications on our mental health and lives. The participants of my ‘Change Your Life’ workshop create a breakthrough when they simply avoid this one negative habit of constant complaining.

Let’s find out how venting is actually making the things quite worse for you.

Here are a few of the negative implications of constant complaining.

1) Adds to stress

When you are complaining about anything, you are trying to relive whatever is actually upsetting you. Thus it makes sense that the constant habit might stress you right out there. A licensed professional counsellor claims that this is related to the hyperaroused state which many of the people might enter during their venting session. Well, it is all right to be keyed up in this state once in a while but indulging in such behaviour regularly may take a toll of your health.

2) Enhances negativity

The constant complaining actually trains the body to enter into the vicious of the stress cycle and also negativity which is of course not good for the health. When the negative thoughts hit the brain hard, it actually reinforces the automatic response which triggers more of the negative thoughts. In this way, we are actually putting ourselves into the cycle of abuse.

3) Might ruin relationships

When we go through the tough times in our lives, it is our loved ones that offer constant support. But it is extremely crucial for you to stop complaining before you realize that you have actually abused the generosity as well as the care of your family and friends. It might be possible that due to constant complaining some of the friends might feel burnt out and pushed away.

4) Complaining is bad for health

Well, it is not a sort of exaggeration to claim that chronic complaining affects a person’s health. When we complain, our bodies release a stress hormone called cortisol. This hormone enters the body into the fight or flight mode which increases the blood pressure, sugar level and makes our body susceptible to an increase cholesterol level, diabetes and also heart problems. Well, our brain becomes quite vulnerable to the strokes too.

5) Slow burn

What many of us don’t realize is that the constant complaining doesn’t manifest our issues straight away. Just like a clock itself the same issue just tick and move on. There is also a slight neurological transformation each and every time. Just imagine tearing out a page from your dictionary. The dictionary may contain hundreds and thousands of pages but when you actually rip of one it becomes lesser and lesser. This is what you are essentially doing with the brain as well when you are constantly complaining and entering your brain into the negativity. Tearing single page at a time doesn’t seem to manifest a serious issue at all but when the same act is repeated years after years, it transforms the brain and its elements showcasing damage.


Just like excessive smoking or drinking even the complaining is bad for us. Save yourself and your loved ones from further misery by looking for cleaner solutions to the problems and adopting a self-regulation strategy. Try to resolve the issues that are troubling you. The better you actually turn towards avoiding the negativity, rage or anxiety, the healthier you will become in the overall haul.

Like, comment and share this blog with others. And if you’d like to get more of such tips, watch my FREE ‘Dynamic Yoga’ program on YouTube.

क्या आप लगातार शिकायत करते रहते हैं?

जीवन कभी-कभी बहुत तनावपूर्ण हो सकता है। हम अपने हर रोज के जीवन में बहुत सी चुनौतियों का सामना करते हैं जो तनाव को बढ़ाते हैं। यह कभी-कभी हमें शिकायत करने की स्थिति में ले जाता है। हम अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों, सहकर्मियों और यहां तक कि उन अजनबियों से भी शिकायत करना शुरू कर देते हैं जिनसे हम अभी-अभी लिफ्ट में मिले हैं। हम लाखों लोगों को हर चीज के बारे में शिकायत करते पाएंगे या यूँही किसी भी चीज को लेकर शिकायत करते देखेंगे। गिल्बर्टसन ने कहा हैं कि जो लोग अपने जीवन में बुरी चीजों को स्वीकार नहीं करते हैं, उनकी तुलना में बुरी चीजे स्वीकार करने वालों के पास खुश होने के ज्यादा मौके होते है।

लगातार शिकायत करना हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है। यह नकारात्मक भावना फैलती है और दूसरों में भी नकारात्मकता भर देती है। यहां तक कि गाली-गलौच करनेवाले दोस्तों से घिरे रहने से भी हम अपने नकारात्मक विचारों को मजबूत करते हैं। मनुष्यों में, स्वाभाव से ही सहानुभूति की प्रवृत्ति होती है। इस कारण, वे अवचेतन रूप से समान भावनाओं को आज़माते हैं जो उनके दोस्तों ने अनुभव किया होगा। लेकिन बहुत से लोगों में यह समजदारी नहीं है कि हमारे शिकायत करते रहने से हमारे मानसिक स्वास्थ्य और जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। मेरी ‘Change Your Life’ (चेंज योर लाइफ़) कार्यशाला के प्रतिभागी, लगातार शिकायत करने की इस एक नकारात्मक आदत से जब बचते हैं तब खुद में वे बहुत बड़ा बदलाव लाते हैं।

चलिए, जानते है कि उत्तेजनाओं को बाहर निकालने से आपके लिए चीजें कैसी और बुरी बनती है।

लगातार शिकायत करते रहने की आदत के कुछ बुरे प्रभाव यहां दिए गए हैं।

1) तनाव बढ़ाता है

जब आप किसी भी चीज़ के बारे में शिकायत करते हैं, तो आपको जो भी चीजें परेशान कर रही हैं, आप उसे फिर से अनुभव करते हैं। इस प्रकार लगातार परेशान रहने की यह आदत आपको तनाव में डाल सकती है। एक लाइसेंस प्राप्त पेशेवर काउंसलर/ सलाहकार का दावा है कि यह स्थिति उस अवस्था जैसी है जो कई लोग अपने गुस्सा निकालने के दौरान अनुभव करते हैं। कभी-कभार किसी एक समय के लिए यह स्थिति महसूस करना सही है, लेकिन नियमित रूप से इस तरह के व्यवहार में डूबे रहने से आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

2) नकारात्मकता को बढ़ाता है

हमेशा शिकायत करना शरीर को, तनाव और नकारात्मकता के दुष्चक्र में डालता है, जो निश्चित रूप से स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। जब नकारात्मक विचार दिमाग पर जोर से वार करते हैं, तो यह अपने आप नकारात्मक विचारों की एक कड़ी शुरू कर देता है। इस तरह, हम खुद को हानि पहुँचाने के चक्कर में डालते हैं।

3) संबंधों को बर्बाद कर सकता है

जब हम अपने जीवन में कठिनाईयों से गुजरते हैं, तो हमारे प्रियजन हमें हमेशा मदत करते हैं। आपने अपने परिवार और दोस्तों के प्यार, उदारता और देखभाल का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए। इसलिए आपने शिकायत करना बंद करना बहुत जरुरी है। लगातार शिकायत के कारण कुछ दोस्त थककर आपसे दूर चले जा सकते है।

4) शिकायत करना सेहत के लिए बुरा है

खैर, यह एकदम पक्का है कि हमेशा शिकायत करते रहने से व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ता है। जब हम शिकायत करते हैं, तो हमारा शरीर कोर्टिसोल नामक एक तनाव हार्मोन को शरीर में छोड़ता हैं। यह हार्मोन हमारे शरीर को ऐसी अवस्था में ले जाता है जो ब्लड प्रेशर और शुगर के स्तर को बढ़ाता है। यह कोलेस्ट्रॉल का स्तर, डायबिटीज और हृदय की समस्याओं को बढ़ाने के लिए हमारे शरीर को तैयार करता है। हमें दिमाग का स्ट्रोक भी हो सकता है।

5) धीरे-धीरे कमजोर होना

हममें से कई लोगों को यह समझ में नहीं आता कि लगातार शिकायत करने से हमारे मुद्दे सीधे सामने नहीं आते हैं। किसी घड़ी की तरह ही एक मुद्दा बस टिक-टिक करता है और आगे बढ़ता है। लेकिन हर बार एक मामूली न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) परिवर्तन भी होता है। आप अपने शब्दकोश (डिशनरी) से एक पन्ना फाड़ने की कल्पना कीजिये। एक शब्दकोश में सैकड़ों और हजारों पेज हो सकते हैं लेकिन जब आप एक-एक पन्ने को फाड़ते जाते हैं तो आपकी डिशनरी कम-कम होती जाती है। जब आप लगातार शिकायत करते हैं और अपने दिमाग को नकारत्मकता में ले जाते हैं तब आप बस यहीं करते हैं। एक समय में एक पन्ना फाड़ना बिल्कुल भी नुकसान नहीं करता है, लेकिन जब आप एक ही काम को वर्षों तक करते रहते हो, तब उसका असर दिखता है। उसी तरह हमेशा शिकायत करते रहना, दिमाग और उसके तत्वों को नुकसान पहुंचाता है।

निष्कर्ष (पाठ)

जैसे बहुत अधिक धूम्रपान करना या शराब पीना हमारे लिए बुरा है, उसी प्रकार अधिक मात्रा में शिकायत करना भी हमारे लिए हानिकारक है। समस्याओं के अच्छे समाधान की तलाश करें। खुद को नियंत्रण में रखने की नीति अपनाकर अपने आप को और अपने प्रियजनों को अधिक दुख से बचाएं। उन मुद्दों को हल करने की कोशिश करें जो आपको परेशान कर रहे हैं। जितना आप नकारात्मकता, क्रोध या चिंता से बचने की कोशिश करते हैं उतना अच्छा है, क्योंकि ऐसा करने से आप संपूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएंगे।

इस ब्लॉग को अन्य लोगों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करें। अगर आप इस तरह के और टिप्स पाना चाहते हैं, तो YouTube पर मेरा ‘Dynamic Yoga’ (डायनामिक योगा ) कार्यक्रम मुफ़्त में देखें।

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