Sometimes we let our external world influence us so much that we end up getting controlled by it rather than being in the driver’s seat ourselves. Mood-swings are tolerable if they spurt once in a blue moon, but when it becomes a regular phenomenon, we need to find ways to be more focused towards what we want instead of being ruled by our circumstances. Sometimes extremely little things can boost our moods and tune our mind-frequencies to feel better and more motivated. Read on to see how:-

1. Music

– Proven to be a great mood-lifter, music can really influence your mindset and improve your mood. So listen to your favorite music. Whenever you feel low, listen to an upbeat tune which will help you feel energized. It is the easiest go-to method for instant gratification. That’s why music plays one of the most significant roles in my Signature 2-days event ‘Change Your Life’.

2. Laugh Out Loud

– Again, an instant mood-changer. Learn to take a jibe at your own self once in a while without being too self-deprecating. This way you tend to become more accepting of your present realities and feel light-hearted enough to know that you can turn it all around for the better.

3. Eat Better

– When your mood takes a toll make sure you don’t stress-eat. Eating healthy is a tried and tested method to make you feel better about yourself and helps in boosting your mood. Fruits like kiwi, bananas, plums etc. are high in serotonin and hence can naturally give you the required push to feel better and more importantly give you an impetus to make healthier choices even when you don’t feel like it.

4. Smile

– Even if you don’t want to, even if it does not come naturally to you, SMILE. Look at yourself in the mirror and smile in all your glory. Smiling can organically make you feel great. It tends to naturally make you happy. It will automatically affirm your mind as to how your circumstances are attuned to your happiness and hence influence your mood.

5. List

– When your mood is in the gray-area, make sure you go up to a mirror, look at yourself and list down the things you love about yourself. This is a great start to changing your mood. Start with listing physical features you love about yourself. Keep this exercise on a roll all day long by silently listing in your head your emotional features that you yourself find quite admirable. Slowly, make this exercise external and mentally list down the things that you love about your surrounding area and the people you are with. If you can, try to actually tell someone else what you love and admire about them. And see how the tension dissipates!

6. Talk

– Seek a heart-to-heart session with your best friend or someone you can trust with every minute detail from your life. Talking about your problems with someone else makes you feel less burdened. But the condition is that while your friend can listen to you till the end of time, if you really want to change your mood, you need to be able to listen to your confidant’s advice as well. It gives you a certain sense of objectivity and pulls you back to being practical instead of being impulsive.

7. Happy Place

¬– Everyone should have a metaphorical happy place which they can access ever so frequently in order to feel better about themselves and their lives. It could be something as silly as just walking out of your office and taking a walk outside for five minutes, to watching something on Netflix and immediately feeling better. Find your happy place and adhere to it in order to manage your mood.

8. Activity

– One of the simplest tools to boost your mood is to be active. And by activity I don’t just mean regular workouts. Whenever you face an obstacle which has the power to bring you down, instead of giving such negativity more potency, just get up and, for a significant period of time, engage in some physically taxing activity. Like go out for a swim, dance it out, play a sport you love or if nothing go out for a jog or a walk, but be physically active and you shall see your anxieties melt away. If you can’t engage yourself in something time-taking then just do small things like organizing your office-desk and papers or completing any pending work. Or if you are at home, then cleaning your house or cooking or baking or anything which will help you get off of your couch and get moving. If you like reading, you can check out some of my books here:Life Skills Products which can not only help you get rid of your negative zone but also instil some healthy habits.

9. Express Your Feelings

– When things seem out of hand learn to express your feelings by writing it down in a journal (without holding back) or confronting the source of your discomfort but with graciousness and respect in place of aggression and anger. If you make your confrontation aggressive it will only add fuel to the fodder and make things worse instead of giving you a closure.

10. Little Things

– Mood can be so easily influenced that sometimes doing little things goes a long way. So do those little things which can make you feel better about yourself. If you are a stress-er then learn to relax and meditate for a few minutes or carry along yourself your favorite essential oil and smell it whenever you feel like the anxiety is unbearable. Help someone else in their work or assist the elderly or just be ready to give your support to someone else who is in dire need of it. Do these helpful deeds without having for someone else to ask you for your assistance. Be proactive!

आपकी मनोदशा को प्रोत्साहित करने के १० सरल साधन

कई बार अपनी बाहरी दुनिया का हम पर इतना प्रभाव पड़ने देते हैं की आखिर में हम उसके द्वारा नियंत्रित होते हैं और अपना खुद का नियंत्रण नहीं रख पाते| यदि मनोदशा में बदलाव साल में एकाद बार हो तो वह सहनीय है, लेकिन जब वह एक नियत घटना बन जाये तब हमें चाहिए कि हम अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहने के अधिक तरीके ढूंढें बजाय इसके कि हम हालात के मारे बने| कई बार बहुत छोटी चीजें हमारी मनोदशा को प्रोत्साहित करती हैं और हमारी दिमागी आवृत्ति को बेहतर व अधिक प्रेरित महसूस कराती हैं| कैसे, यह जानने के लिए आगे पढ़िए –

१. संगीत

– मनोदशा को सुधरने वाला एक सिध्द उपाय, संगीत, आपके पूर्वग्रह को सही माइनों में प्रभावित कर सकता है और आपकी मनोदशा में हकारात्मक बदलाव ला सकता है| अतः अपना प्रिय संगीत सुनें| जब भी आप व्यथित हो तब जोशपूर्ण धुन सुनें जिससे आप उत्साहित महसूस करेंगे| त्वरित संतुष्टि पाने का यह सबसे सरल तरीका है| इसी लिए मेरे चिन्हक कार्यक्रम ‘चेंज योर लाइफ’ में संगीत की सबसे अर्थपूर्ण भूमिका होती है|

२. जोर से हँसिए

– एक बार फिर, एक क्षण में ही मनोदशा में बदलाव लाने वाली बात| बहुत ज्यादा आत्म-विरोधी हुए बिना, कभीकभार खुद पर मजाक करना सीखिए| इस तरह आप आपकी वर्तमान वास्तविकता को अधिक स्वीकार करोगे और आप सारी बाज़ी को बेहतरी की ओर पलट सकते हो यह विश्वास करने जितना हल्का महसूस करोगे|

३. बेहतर खाएँ

– जब आपकी मनोदशा बिगड़ी हुई हो तब ध्यान दीजिए की आप दबाव में आकर कुछ भी न खाएँ| अच्छा और पौष्टिक खाने की आदत एक विश्वसनीय और जांची हुई आदत है, जो आपको अपने बारे में अच्छा महेसुस कराएगी और आपकी मनोदशा को प्रोत्साहित करेगी| कीवी, केले, आलूबुखारे, आदि फलों में सेरोटोनिन की मात्र अधिक होती है अतः यह सारे नैसर्गिक रूप से आपको अच्छा महसूस करने के लिए जरुरी बल देंगे, और ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि, जब आप ऐसा करना नहीं चाहते तब भी आपको अधिक गुणकारी चयन करने की प्रेरणा मिलेगी|

४. मुस्कुराइए

– आप नहीं चाहते फिर भी, स्वाभाविक रूप से हंसी नहीं आती हो फिर भी मुस्कुराइए| शीशे में अपने आप को देखिए और पूरे जोश के साथ हँसिए| मुस्कुराने से आप कायिक रूप से अच्छा महेसुस करेंगे| वह स्वाभाविक रूप से आपको ख़ुश करता है| वह अपने आप दृढ़तापूर्वक आपके दिमाग को परिस्तिथि से अनुकूल करके उसे आपकी ख़ुशी के साथ एकरूप करता है जो आपकी मनोदशा को प्रभावित करता है |

५. सूचि बनायें

– जब आपकी मनोदशा ख़राब हो तब आप शीशे के सामने जा कर खड़े रहें, अपने आप को देखें और अपने बारे में जो कुछ भी अच्छा लगे उसकी सूचि बनाइए| यह आपकी मनोदशा बदलने की अच्छी शुरुआत है| आप अपने शारीरिक लक्षण, जो आपको ज्यादा पसंद हों, की सूचि से शुरू करें| पुरे दिन यह अभ्यास चालू रखें और शांति से अपने दिमाग में चल रहे भावनात्मक लक्षण जो आपको प्रशंसनीय लगते हैं, उनकी मानसिक सूची बनाएँ| धीरे-धीरे, यह अभ्यास बाहरी रूप से करें और मानसिक रूप से खुद के बारे में तथा आपके इर्दगिर्द की चीजें या लोगों के बारे में जो भी अच्छा लगे उसकी सूची करें| यदि हो सके तो, कोशिश कीजिये की आप किसीकी तारीफ करें और उन्हें बताएँ
की आपको उनमें क्या अच्छा लगता है| और देखें तनाव कैसे झट से गायब होता है!

६. बातें करें

– अपने सब से अच्छे दोस्त के साथ बैठकर ह्रदय पूर्वक बातें करें या जिस पर आप को विश्वास हो उसके साथ विस्तार अपने जीवन के प्रत्येक क्षण की बात करें| अपनी मुश्किलों के बारे मे दूसरों से बात करने से आपका भार कम होता है| पर शर्त यह है की जब आपका दोस्त आपकी बातें अंत तक सुनता है, और अगर आप चाहते हों की आपकी मनोदशा बदले, तो आपको चाहिए की अपने विश्वासु व्यक्ति की सलाह आप भी मानें| यह आपको निष्पक्षता की भावना देगा और आपको आवेगशील बनाने के बदले वास्तविक बनने की ओर वापस ले जाएगा|

७. प्रसन्न जगह

– हर एक के पास एक लाक्षणिक प्रसन्न-जगह (ख़ुशी देने वाली जगह) होनी चाहिए जहाँ वह बार बार पहुँच सके ताकि वह अपने आप के तथा अपनी जिंदगी के बारे में अच्छा महसूस कर सके| वह कुछ अत्यधिक सादा भी हो सकता है जैसे ऑफिस के बाहर निकलकर ५ मिनिट के लिए टहलना, या नेट-फ्लिक्स पर कुछ देखना और तुरंत अच्छा महसूस करना| अपनी प्रसन्न-जगह खोजिए और उससे लगे रहें ताकि आप अपनी मनोदशा को अच्छे से संभाल सकें|

८. प्रवृत्ति

– मनोदशा को सुधरने का एक सरल साधन है कार्यशील रहना| और प्रवृत्ति से मेरा मतलब रोज के काम नहीं है| जब भी आपको कोई रूकावट आए जो आपके मनोदशा को भंग कर सके, बजाय इसके की ऐसी नकारात्मकता को ज्यादा शक्ति दें, उठिए और कुछ समय के लिए खुद को शारीरिक कार्य में लगाइए, जैसे तैरने जाना, नृत्य करना, कोई पसंदीदा खेल खेलना, या कुछ नहीं तो दोड़ने या चलने जाना, ऐसी कोई भी शारीरिक क्रिया कीजिए और आप सारी चिंताओं को पिघलते देखेंगे| अगर आप खुद को ऐसी कोई समय बिताने वाली क्रिया में नहीं लगा पाते होतो आपके दफतर की मेज साफ़ कीजिए, उस पर के कागज़ ठीक व साफ़ कीजिए, कोई अधुरा काम हो तो उसे पूरा कीजिए| या अगर आप घर में है तो घरकी सफाई कीजिए, खाना बनाइए, या कुछ भी ऐसा कीजिए जो आपको बैठा न रहने दे बल्कि उठ खड़ा करे| अगर आपको पढना पसंद है तो मेरी कुछ किताबों में से कुछ पढ़ सकते हैं जिसकी सूचि यहाँ है लाइफ स्किल प्रोडक्ट्स जो आपको न सिर्फ नकारात्मक विचारों से बहार लाएँगीं बल्कि आपमें कुछ अच्छी व स्वस्थ आदतें भी डालेंगीं|

९. अपनी भावनाओं को व्यक्त कीजिए

– जब आपको लगे की चीजें आपके आपे से बाहर निकल रही है तो अपनी भावनाओं को एक डायरी में लिख कर व्यक्त करना सीखिए [बिना किसी संकोच के] या जिस वजह से (या जिस व्यक्ति के कारण) आपको परेशानी होती है उस का मुकाबल कीजिए, लेकिन शालीनता से और अदब के साथ; अतिक्रमण या गुस्से से नहीं| यदि आप मुकाबला अतिक्रमण के साथ करते हैं तो घास पर इंधन डालने जैसा होगा और बात ख़त्म होने के बजाय और भी बिगड़ेगी|

१०. छोटी बातें

– मनोदशा इतनी आसानी से प्रभावित हो सकती है की कभी-कभी छोटे-छोटे काम करने से भी बड़ा काम बन जाता है| अतः वे सारी छोटी चीज़ें करें जो आपको खुद के बारे में अच्छा महसूस कराएँ| यदि आप तनाव लेने वाले व्यक्ति हो तो कुछ पलों के लिए विश्राम करना और ध्यान करना सीखें या अपने साथ अपना पसंदीदा ‘गंध तेल’ रखें और जब भी आपको असह्य चिंता महसूस हो तो उस तेल को सूंघें| किसी और को उसके काम में मदद कीजिये या किसी वृध्द को सहायता दीजिये या ऐसे किसी व्यक्ति को मदद करने के लिए तैयार रहिये जिसे उसकी अत्यधिक ज़रुरत हो| कोई सहायता माँगे इससे पहले ही यह सारे सहायक कार्य करें| कार्यशील बनें!

What stops you from earning your dream figure?

The topic today is extremely universal. Why sometimes do we want or aspire for certain things, but never actually take a very concentrated or motivated action towards it? Money very easily falls under this category. All of us universally want wealth and a higher standard of living, but very few enjoy such a status. This means that something is stopping us from earning that dream figure. What is it? Why are some of us held back from such a lifestyle?
Figure it out:-

1. Lack of perspective

– Most of us are motivated by money. But money here is not about just meeting your day-to-day expenses. Earning a dream figure is about not only meeting your expenses sufficiently, but also about being able to afford certain luxuries of life. So even if you have your dream job but if it is only allowing you to meet your expenses sufficiently and not allowing you to save up or use it for something more than your basic necessities, it means you do not have the financial freedom that you’re looking for. Sometimes we lack perspective of this fact and stop making efforts to increase our wealth by taking other motivated actions in order to increase our possibilities of earning a bigger amount. Money does not need to come from only ONE corner of your life. You can create opportunities well beyond your present ones in order to garner more money. Start thinking on those lines. What can you do which goes well beyond your 9-to-5 job? Create more avenues from which money may flow into your life. For example, if you have a particular passion for something or a talent, then think of ways to channelize the same such that this talent gives you profitable results as well. Let no hobby, passion or talent go to waste.

2. Struggle

– Whenever you are at the beginning of taking your finances from OKAY to GREAT, you cannot evade certain struggles. This is where most people falter. They want money, but they don’t want to struggle. And most of this struggle lies in extremely small things. Like ditching your current Wifi or internet plans (which is costing you a fortune) and to adopt a cheaper and sufficient plan instead. Or changing your mobile operator. Or to forbid cable TV for some time. Basically, in order to earn and more importantly MAINTAIN your earnings there are certain sacrifices that you may be willing to make. These struggles really depend on your priorities – What are the expenses that you should continue to make and what are other habits or wasteful expenditures that you should stop making? Look at this aspect as being smart instead of like a period of struggle.

3. Fear

– In my Signature 2-days Event ‘Change Your Life’, I talk about the psychology behind fear where people experience a breakthrough through a practical technique called ‘Phobia Buster’. The fear to take risks is the most common fear which almost everyone is plagued with. People stop making dynamic decisions because fear stops them from going out of their comfort zone. The world is an oyster, but if you are unwilling to look and take certain risks, then you get no right to complain either! Thus, whenever an opportunity comes calling or when you want to create more financial opportunities for yourself, ask yourself – “What is the risk here?” And be reasonable. Because earning a dream figure is about investing in yourself and taking BIG risks. If fear lets you down, then you have only let down yourself!

4. Negativity

– It all boils down to your attitude about money. If you view money negatively then nothing is going to change. It is that fundamental. If you look at money as something which is unattainable then it will definitely be so for you! Everything is doable, all you need to do is believe this simple fact. Change your attitude of complaining and criticizing because from your point of view it will only increase your negativity with respect to wealth but for a prospective employer/business partner, it will seem like you are a cynic who is not motivated enough in life! And just like that an opportunity might go to waste!

5. Giving up

– Earning a dream figure is a challenge. Yes, wealth is great but I am not going to sugarcoat the fact and tell you that it is going to be an easy ride. It will be difficult. But guess what? IT WILL HAPPEN. However, if you only try once or twice or maybe five times and fail, and then if you give up it is definitely not going to happen. Earning a dream figure is similar to when someone is dropped into a lake in order to teach him how to swim. You however are already in that lake and all you need to do is keep moving your hands and legs, because if you stop you shall drown.

If you really wish to make a fortune and attain financial freedom with a simple and proven process, you may check out my ‘Money & Success’, India’s First Ever Online Workshop.

अपने सपनों की राशी कमाने से आपको क्या रोक रहा है?

आजका विषय अत्यधिक व्यापक है| कभी कभी कुछ चीजों को चाहते हुए भी या उनकी आरजू करने के बावजूद, क्यों हम उन्हें पाने के लिए कभी पूरी तरह से एकाग्र या अभीप्रेरित होकर अभियान नहीं करते? पैसा इस श्रेणी में अति सरलता से आता है| हम सब को व्यापक तरह से धनवान बनना होता है और उच्च जीवन शैली चाहिए होती है, पर बहुत कम लोगों को यह रुतबा मिलता है| इस का मतलब कुछ तो है जो हमें उस सपनों के अंक तक पहुँचने से रोक रहा है| वह क्या है? क्यों हम में से कुछ लोग वैसी जीवन शैली से वंचित रह जाते हैं? आओ इसे समझें:

१. द्रष्टिकोण का अभाव

– हम में से ज्यादातर लोग पैसों से अभिप्रेरित होते हैं| पर यहाँ पैसों का मतलब आपके रोज के खर्च चलाने से नहीं है| सपनों का अंक कमाने का मतलब सिर्फ रोज के खर्च को अच्छे से कर पाना नहीं है, परन्तु ज़िन्दगी के कुछ वैभवी खर्चों को कर पाना भी है| अगर आपके पास अपनी कल्पनातीत नौकरी है पर यदि वह केवल आपके खर्चों को ही पूरा कर सकती है, और आपको ज्यादा बचत करने या मूलभूत ज़रूरतों के अलावा किसी भी प्रकार का खर्च नहीं करने देती, तो इसका मतलब आपको जो आर्थिक आझादी चाहिए वह आपके पास नहीं है| कई बार हमारे दृष्टिकोण के अभाव के कारण हमें यह हकीकत समझ में नहीं आती और हम दुसरे कारणों से अभिप्रेरित होकर ज्यादा कमाने तथा अपनी समृध्धि बढ़ाने की सम्भावनाओं के लिए प्रयत्न करना बंद कर देते हैं| जिंदगी में पैसा केवल एक ही कोने से नहीं आना चाहिए| आपकी वर्तमान के कमाने के रास्ते के आलावा आप कमाई के नए रस्ते ढूंढ सकते हैं जिससे ज्यादा पैसे एकत्र कर सके| उस मार्ग पर सोचना शुरू कर दें| आप क्या कर सकते हैं जो ९ से ५ की नौकरी से परे और बहुत आगे है? नए रास्ते खोजें जहाँ से पैसे आपकी ज़िनदगी में आ सके| उदाहरणतः यदि आपको किसी काम का अनुराग है या आप में कोई विशेष क्षमता है, तो फिर उसे दिशा दे कर आप ऐसा रास्ता खोज सकते हैं की यह क्षमता आपको मुनाफेवाला परिणाम दे सके| कोई भी शौक, अनुराग या क्षमता बेकार न जाने दें|

२. संघर्ष

– शुरु में जब आप अपनी आमदनी को ठीकठाक से बहुत बढ़िया बनाने में लगे होते हैं तब आप कई अनिवार्य संघर्षों को टाल नहीं सकते| ज्यादातर लोग यहीं पर मात खा जाते हैं| उन्हें पैसे चाहिए पर उन्हें संघर्ष नहीं करना होता है| और यह संघर्ष ज्यादातर छोटी छोटी बातों/चीजों का होता है| जैसे आपके चालू वाईफाई योजना या इंटरनेट योजना [जो आपको बहुत महँगी पड़ रही है] को छोड़ कर सस्ती और आवश्यकता अनुसार की योजना लेना| या अपना मोबाइल ओपरेटर बदलना| या थोड़े दिन केबल टी.वी. को निषेध करना| मूलतः, ज्यादा कमाने के लिए और उस कमाई को बनाए रखने के लिए आपको ऐसे त्याग करनेकी तैयारी रखनी ही पड़ेगी| यह संघर्ष आपकी अग्रिमता पर निर्भर है – कौनसे जरुरी खर्चे हैं जिन्हें आपको चालू रखना होगा और कौनसी ऐसी आदतें या बेकार के खर्च हैं जिन्हें आपको रोकना होगा? इस पहलू को चतुर होने के नजरिये को देखें नाकि संघर्ष के समय जैसा|

३. डर

– मेरे दो दिन के चिन्हक कार्यक्रम ‘चेंज योर लाइफ’ में मैं डर के मनोविज्ञान की बात करता हूँ, जहाँ लोग एक प्रात्यक्षिक तरीके से, जिसे ‘फोबिया बस्टर’ (भय विनाशक) कहते हैं, अपने डर के भेदन का अनुभव लेते हैं| हम सब में सामान्य भय है ‘खतरा उठानेका डर’ और इससे हम सब त्रस्त हैं| लोग गतिबोधक निर्णय लेने से अटकते हैं क्योंकि उनका डर उन्हें सुखकर क्षेत्र से बहार जाने से रोकता है| दुनिया एक शुक्ति [जिस में मोती बनता है] है, लेकिन यदि आप न देखना चाहते हो और नाहि ज़रासा भी खतरा उठाना चाहते हो, तो फिर आपका शिकायत करने का भी कोई हक़ नहीं बनता! अतः जब भी मौका आपको बुलाता हुआ आये या आपको जब भी ज्यादा आमदनी कमाने की इच्छा हो तो अपने आप से पुछो –‘यहाँ क्या व कितना खतरा है?’ और तर्कसंगत बनकर उचित निर्णय लें| क्योंकि सपनों का अंक कमाना अपने आप में पूंजी लगाना और बड़ा खतरा मोल लेना है| अगर डर आप को मात दे रहा है तो आप खुद ही अपने आपको मात दे रहे हैं!

४. नकारात्मकता

– अंत में यह आपके पैसे की ओर के रवैये के बारे में है| यदि आप पैसे को नकारात्मक दृष्टी से देखें तो कुछ भी नहीं बदलेगा| यह इतना बुनियादी है| यदि आप धन को किसी अप्राप्य चीज़ की दृष्टी से देखते हो तो आपके लिए वह निस्संदेह अप्राप्य ही बन जायेगा! हर कार्य करने योग्य होता है, बस आपको चाहिए की आप इस सरल सत्य को दिल से मानें| अपनी तकरार करने व आलोचना करने के रवैये को बदलिए क्योंकी धन को लेके आपके दृष्टिकोण से यह केवल आपकी नकारात्मकता को बढ़ावा देगा, लेकिन एक भावी नियोक्ता / व्यावसायिक साथी को लगेगा कि आप एक चिड-चिडे व्यक्ति हैं जो जीवन में चाहिए उतना प्रोत्साहित नहीं है| और ऐसे ही एक सुवर्ण अवसर बेकार जा सकता है!

५. हार मानना

– सपनों का अंक कमाना एक चुनौती है| जी हाँ, समृध्धि बड़ी बात है पर वास्तविक तथ्य को मीठा बनाके नहीं कहूँगा की सफ़र एक सरल सवारी है| वह मुश्किल ही होगा| तो क्या लगता है? यह ज़रूर होगा| परन्तु यदि आप एक, दो, या पांच बार प्रयत्न करने पर भी निष्फल हो गए, और फिर आपने छोड़ दिया तो निश्चित रूप से वह कभी भी होने वाला नहीं है| सपनोका अंक कमाना किसीको तैरना सिखाने के लिए तालाब में फैंकने जैसा ही है| परन्तु आप तो पहले से ही तालाब में हैं अतः आपको चाहिए कि अपने हाथ पैर चलाते रहें क्योंकि यदि आप यह बंद कर देंगे तो आप डूब जाएँगे|
अगर आप सही में अपना नसीब बनाना चाहते हैं और एक सरल एवं मान्य तरीके से आर्थिक आझादी पाना चाहते हैं, तो मेरे ‘मनी एंड सक्सेस’ को अवश्य जांचें जो भारत का सर्व प्रथम ऑनलाइन वर्कशॉप है|


Goals, dreams, ambitions, aspirations – by whatever name called are measured by the passion, hard work and focus you decide to dedicate to them for them to materialize. When we look at really successful people, most of us only see the bling, glamour and the lavish lifestyle. However, what is important to imbibe from these people is the love and hard work they put in and CONTINUE to put in till date. Let’s assess how focused you are:-

1. Dreamer or Achiever?:

All the important things in life begin with one very simple yet effective measure – planning! For your goals to become reality you need to create a plan. This is the core difference between dreamers and achievers. Dreamers have a vague notion of what they want in life and end up being highly delusional or are lost simply because they don’t plan ahead to give a certain potency to their dreams! On the other hand achievers create a plan and get a clear picture of what they want and how to go about it. Which one are you? (If you’d want to move towards being an Achiever and learn how to plan your goals with the right method, come to my Signature event ‘Change Your Life’ and be a part of Achievers’ Team.)

2. The Noise:

It is about commitment. If you are a 100% committed to your goal, you will cut the noise. The word ‘noise’ here has many connotations. It is the immediate environment around you, it is the disturbing social media alerts, it is everything that takes up your time with the intention to waste it, it is the negative people who are constantly pulling you down, it is the number of people/relatives who are asking you to take a shortcut or do something else – IT IS everything and everyone who pulls you away from where you want to go.

3. Routine:

It is about the discipline at the end of the day. Working hard intensely one day is still nowhere close to getting up every day despite your circumstances and giving your 200%. Focused people tend to be more organized and disciplined. They follow a routine to back up their aspirations and are seldom deterred from it. Needless to say, this routine is also made to be dynamic, i.e., they are flexible about their routine in the ever-changing and fickle environment that we live in.

4. No Plan B:

Having a so-called “Plan B” is a very misleading and uninspiring change that you might later use as an excuse for dropping out of your Plan A. It is also reflective of how misguided or unsure you are of your own goals. It is the opposite of being focused! Not unless you have an absolute NEED to drop your actual goals and work (from scratch, that too) towards anything, entirely diametrically opposite, should you adopt this lame excuse of a Plan B. It is only to side-line your actual vision.

5. Vent Out Correctly:

Focused people know how to respond to failure – venting out the anger correctly. No excuses, no regrets, no blame-game, nothing. Just utilizing the pent-up energy in improving their work. Positivity helps you a great deal here too. If you are an inherently or even a mechanized positive person you would rather turn the negativity into a positive force helping your work instead of wasting yours and others’ time and energy in explanations.

6. Self-Analysis:

Do you look for constructive criticism or for blind praises that feed your ego needlessly? A certain level of self-analysis and a critical eye is pertinent to growth, both yours and your work’s. Achievers, as mentioned above, look for criticism more than they look for praise because not until you are in touch with reality can you work better. They don’t surround themselves with yes-men and in no circumstances do they cage themselves in the shackles of denial and an echo-chamber.

Hopefully the above will stand true for you and if not, you know what to change now! It is never too late to educate yourself to your shortcomings and emerge better than before. And when it comes to your goals in life? It is of all the more significance. (Want to learn more about your Goals and how to set or achieve it with the right formula and strategies? Order a copy of my unique ‘Goal Setting DVD’ today.)

लक्ष्य, सपने, इच्छाएँ, आकांक्षाएँ – चाहे जो भी नाम हो, उनका सही मापदंड उन्हें पूरा होने के लिए आप उनकी ओर कितने जूनून, कड़ी मेहनत, और केन्द्रित रहकर बढ़ते हैं इस बात पर निर्भर होता है| जब हम सही में सफल लोगों के देखते हैं, तो हम में से अधिकतर लोगों को केवल उनकी वह चमक-दमक, वह मोहक अंदाज़, और ठाठदार जीवन शैली ही नज़र आती है| लेकिन, इन लोगों से महत्व की बात जो सीखने व आत्मसात करने जैसी है वह है उनकी कड़ी मेहनत और काम के प्रति प्यार जो वे लगातार करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे| आओ देखें उनका ध्यान कितना केन्द्रित होता है:-

१. स्वप्नद्रष्टा या सफल व्यक्ति?:

जीवन की हर महत्वपूर्ण बात केवल एक ही सरल परन्तु असरदार परिमाण से शुरू होते हैं – आयोजन! अपने लक्ष्यों को हकीकत में परिवर्तित करने के लिए आपको कोई योजना बनाने की आवश्यकता है| स्वप्नद्रष्टा और सफल व्यक्ति में यही तो मूलभूत फर्क है| स्वप्नद्रष्टाओं के पास जीवन में क्या पाना है इसका एक धुंधला चित्र होता है, और अंत में अत्यधिक भ्रमित बन के रह जाते हैं या पूरी तरह से खो जाते हैं, केवल इसी लिए क्योंकि उन्होंने अपने सपनों को निश्चित सामर्थ्य देने के लिए पहले से कोई आयोजन नहीं किया होता! दूसरी तरफ, सफल व्यक्ति आयोजन करते हैं और उन्हें क्या हासिल करना है उसका स्पष्ट चित्र बनाकर उसे कैसे पाना है यह भी जानते हैं| आप कौन हैं? (यदि आप सफल बनने की ओर बढ़ना चाहते हैं और अपने लक्ष्य के लिए सही तरह से आयोजन करना सीखना चाहते हैं, तो मेरे चिन्हक कार्यक्रम ‘चेंज यौर लाइफ’ में आइये और सफल व्यक्तियों की टीम का हीस्सा बन जाइए|)

२. वह आवाज़:

यह वचनबध्दता के बारे में है| यदि आप अपने लक्ष्य से १००% वचनबध्द हैं, तो आप सारे आवाज़ बंद कर देंगे| यहाँ ‘आवाज़’ शब्द के अनेक संकेतार्थ हैं| यह आपके इर्द-गिर्द का वातावरण है, परेशान करने वाले सामजिक माध्यमों की सूचनाएँ हैं, यह वह सब कुछ है जो आपका समय ले लेता है और उसे बरबाद करता है, यह वह सारे नकारात्मक व्यक्ति हैं जो आपको नीचे खींच रहे हैं, यह वह सारे लोग / सम्बन्धी हैं जो आपको किसी दूसरी ओर का संक्षिप्त मार्ग दिखा रहे हैं या कुछ और करने की सलाह दे रहे हैं – यह वह सारी बातें या लोग हैं जो आपको अपने लक्ष्य से दूर ले जा रहे हैं|

३. नित्य-कर्म:

अंत में यह केवल अनुशासन के बारे में है| एक दिन डट कर अत्यधिक काम करना, अपनी परिस्थिति जो भी हो फिर भी रोज़ जल्दी उठकर अपने काम को अपना २००% देने के सामने कुछ नहीं है| जिनका ध्यान लक्ष्य पर है वे लोग अधिक व्यवस्थित और अनुशासित होते हैं| वे एक सुनिश्चित दिनचर्या का आचरण करते हैं और उससे कदाचित ही हटते हैं| यह कहने की ज़रुरत नहीं है कि यह दिनचर्या स्फूर्त भी होती है, अर्थात, हम जिस नित्य-बदलते और अस्थिर वातावरण में रहते हैं उसी के हर स्थिति के अनुरूप, यह लोग अपने दिनचर्या को ढालते जाते हैं|

४. कोई दूसरी योजना नहीं:

तथा-कथित ‘दूसरी योजना’ (प्लान बी) तैयार रखना बड़ा ही भ्रामक और निरुत्साह करने वाला होता है और बाद में आप इसे अपनी मुख्य योजना (प्लान ए) छोड़ने का बहाना बना सकते हो| यह उस बात का भी संकेत देता है की आप कितने पथभ्रष्ट और अपने लक्ष्य के प्रति कितने अनिश्चित हो| यह ध्यान केन्द्रित रखने के बिलकुल विपरीत है! जब तक बिलकुल ही ज़रूरी नहीं होता कि आप अपने लक्ष्य छोड़ कर फिरसे किसी पूर्णतया विरीत ध्येय के लिए कार्य करें (और वह भी एकदम पहले से), केवल तभी आपने इस ‘दूसरी योजना’ (प्लान बी) का बहाना अपनाना चाहिए| यह केवल आपकी असली परिकल्पना को उपव्यवसाय बनाने के लिए है|

५. सही तरह से गुस्सा बाहर निकालिए:

जिन लोगों का ध्यान अपने लक्ष्य पर केन्द्रित होता है वे नाकामयाबी का सामना करना भी जानते हैं – और अपना गुस्सा सही तरह से बाहर निकालते हैं| कोई बहाना नहीं, कोई अफ़सोस नहीं, कोई दोषारोपण नहीं, कुछ भी नहीं| उस एकत्रित हुई उर्जा का उपयोग अपना काम सुधारने में करना है| यहाँ हकारात्मकता भी आपको काफी सहायता कर सकती है| यदि आप स्वभाव से ही या यांत्रिक रूप से एक हकारात्मक व्यक्ति हैं तो आप नकारात्म्कता को एक हकारात्मक शक्ति में बदलना पसंद करेंगे, ऐसी शक्ति जो आपको अपने काम में मदद करती है, नाकि आपका और अन्यों का समय व उर्जा सफाई देने में बरबाद करती है|

६. आत्म-विश्लेषण:

क्या आप तर्कसाध्य समीक्षा पसंद करते हो या अंधी प्रशंसा, जो आपके अहम् का बेमतलब ही पोषण करती है? कुछ हद तक खुदका तथा खुद के काम का आत्म-विश्लेषण और समीक्षात्म्क नजर आगे बढ़ने के लिए योग्य होते हैं| जैसा कि उपर कहा है, सफल व्यक्ति तारीफ़ से ज्यादा समीक्षा को ढूंढते हैं क्योंकि जब तक आप वास्तविकता के सम्पर्क में नहीं होते तब तक आप बेहतर काम नहीं कर सकते| वे अपने आप को चापलूसों से घिरा हुआ नहीं रखते और किसी भी परिस्थिति में अपने आप को इंकार की जंजीरों और गूँज-कक्ष में नहीं जकड लेते|

आशा है की उपरोक्त सभी बातें आप के लिए भी सही हों और यदि नहीं, तो आपको मालूम है की तुरंत क्या बदलना है| अपनी त्रुटियों को जानकार पहले से बेहतर बनकर उभरने के लिए कभी भी बहुत देर नहीं हुई होती| और जब आपके जीवन के लक्ष्यों की बात हो तब? फिर तो यह और भी अधिक महत्वपूर्ण है| (क्या आपको अपने लक्ष्यों के बारे में और उन्हें सही सूत्रों व युक्तियों से हासिल करने के लिए कैसे शुरुआत करें इसके बारे में जानना है? मेरे विशिष्ट ‘Goal Setting DVD’ के लिए आज ही आदेश दे दीजिए|)


With the New Year up and about, resolutions are being made in abundance too. Resolutions are a pathway to give us a new incentive to work harder towards our goals, ambitions and age-old habits. But one very fundamental thing that we tend not to sometimes pay attention to is the one thing which all of us complain about the most – money. So even if we cannot keep up with other promises, let us resolve to make 2018 the year of saving money!

1. Track Your Expenses:

The first step to saving more is to know the areas where most of your income is spent. It is a great way to get started and get a reality check at the same time. And please don’t be shy to take note of every little expense including transportation, groceries, take-out meals, online shopping etc.; most of our funds are generally trapped in these little things and since they seem inexpensive at face-value they are a major disadvantage to our savings.

2. Make A Plan:

If saving does not come naturally to you, planning ahead is extremely crucial. Plans make sure we adhere to our goals and also remind us of how important it is to achieve them. Make a plan – in other terms, plan a budget. Once you have a rough idea about what you spend in a month, try and categorize your expenses and then work a budget you should allow yourself to allocate to each of these areas. Don’t forget to make room for contingencies for expenses that are not incurred on a monthly basis.

3. Cut Back:

Now that you have your expenses sorted into categories and a budget to live by, the next thing is as simple as the previous two. Cut Back. For example, you can cut down on the money you are spending on groceries by chucking items that are unhealthy – that way you can inculcate two good habits at the “expense” of one. The other way to manifest savings is to determine the amount of money, as a percentage of your salary, which you would like to retain every month. It could be 10%, 20% or something as small as just a 5% retention.

4. Choose A Purpose:

Saving does not have to be deliberate. It can be highly motivational when you give your savings a purpose. So find one – the car you want to buy, the new smartphone you want to purchase, a vacation, for future emergencies, a hassle-free retirement, down-payment for a new home. Anything. The bigger the purpose, the bigger the saving – although patience is key!

5. Prioritize:

More often than not we have many desires we want to fulfill as soon as possible, i.e., we have multiple reasons to save up. Don’t worry, it is a great thing – it means that you’re highly motivated to get to the life you love. But you should be practical in achieving these desires. Hence, prioritize. Prioritize your desires into long-term and short-term goals, and make sure your long-term goals do not suffer under any circumstances. However, you should make an exception and certain sacrifices for your small-term goals.

6. Invest:

Pick the right tools to invest your cut-back money. Take the help of experts and really figure out what should be the best way to invest for you. There are so many things out there right from Fixed Deposits (FDs) to Mutual Funds. Figure out the level of risk you want to take and decide accordingly. However, take the right help instead of blindly listening to others. No matter where and what you invest in, make the use of Netbanking services to automate your savings such that even if you are forgetful, just like your expenses, money shall be automatically transferred. This also ensures in reducing your temptation of using or rather misusing your savings.

Some good news for you! If you wish to learn the full-fledged proven method of saving your money the best way and to ultimately be financially free, I have designed ‘Money & Success Online Course’ which you can learn with your family members. This course will surprise you with some amazing and simple principles by which people earn billions.
Resolve to make 2018 a year not financially regretful. Godspeed!

२०१८ को पैसों की बचत का वर्ष बनाए

नए साल की शुरुआत होते ही, संकल्प भी बड़े पयमाने में किये जा रहे हैं| संकल्प हमें अपने लक्ष्य, अपनी आकांक्षाओं और वर्षों पुरानी आदतों की प्राप्ति के लिए जरूरी कठोर परिश्रम के मार्ग पर चलने का प्रलोभन है| लेकिन एक बड़ी ही मूलभूत बात जिसकी ओर कभी कभी ध्यान ना देने की हमारी आदत है, परन्तु उसकी शिकायत ज़रूर करते रहते हैं, वह है – पैसा| तो हम बाकि सरे वादें पूरे करें ना करें, आओ निश्चय करें की २०१८ को पैसे बचाने का वर्ष जरुर बनाएँगे|

१. अपने खर्च का हिसाब रखें:

बचत की ओर का पहेला कदम मतलब आपको मालूम होना चाहिए की आपकी कमाई का ज्यादा हिस्सा कहाँ खर्च होता है| यह बचत की शुरुआत का सबसे बेहतर तरीका भी है और साथ ही वास्तविकता की जाँच भी हो जाती है| और छोटे से छोटे खर्च को लिख के रखने से शर्माओ मत; जैसे परिवहन का खर्च, किराना, बहार के खाने का खर्च, ऑनलाइन खरीद इत्यादी, हमारे ज्यादातर पैसे ऐसी छोटी बातों में ही खर्च होते हैं, और चूँकि इन सब का अंकित मूल्य बड़ा ही सस्ता लगता है, फिर भी हमारी बचत को यही सबसे बड़ा नुक़सान करते हैं|

२. आयोजन करें:

अगर बचत करना आपको स्वाभाविक तरह से नहीं आता, तो पहले से आयोजन करना बहुत महत्वपूर्ण है| आयोजन निश्चित करते हैं कि हम अपने लक्ष्य पर अटल रहें और यह भी याद दिलाते हैं कि उन्हें प्राप्त करना कितना जरुरी है| आयोजन करें – दुसरे शब्दों में कहें तो, आयव्ययपत्र (बजट) बनाए| एक बार आपको एक महीनेमें क्या खर्च होता है उसका अंदाजा हो जाए तो अपने खर्चों को वर्गीकृत करने की कोशिश करें और बजट बनाएँ ताकि आप हर वर्ग को अलग विभागों में बाँट कर आयव्यय पत्र बना सकते हैं| आकस्मिक खर्च की जगह रखना न भूलें जिसका समावेश माहवार व्ययपत्र में नहीं हुआ है|

३. कटौती करें:

अब जब आपके खर्च वर्गीकृत हो गए हैं और व्ययपत्र के मुताबिक रहेना तय हो गया है तो आगे का कदम पहेले दो की तरह ही सरल है| कटौती करें| मिसाल के तौर पर, आप अस्वास्थ्यकर चीज़ों को छोड़ कर किराने पर खर्च होने वाली राशी में अच्छी कटौती कर सकते हैं – इस तरह से आप एक ‘खर्चे’ में दो अच्छी आदते डाल सकते हो| बचत करने का दूसरा स्पष्ट तरीका यह है कि आप तय कर लें कि आपको कितना पैसा या अपनी आय के कितने प्रतिशत बचाना है| आपकी आय के अनुसार यह १०%, २०% या ५% जितना कम भी हो सकता है|

४. अपना लक्ष्य चुने:

‘यह तो करना ही चाहिए’ इस सोच के साथ बचत करनी ज़रूरी नहीं है| जब आप अपनी बचत को एक लक्ष्य देते हैं तो यह आपके लिए एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है| वजह कुछ भी हो सकती है – आप जो गाड़ी खरीदना चाहते हो, नया स्मार्ट फोन लेना चाहते हो, कोई छुट्टी, आपातकालीन खर्चे, सुखद निवृत्ति या नए घर के लिए की तत्काल अदायगी| जितना बड़ा लक्ष्य उतनी बडी बचत – फिर भी धीरज ही गुरुचाबी है|

५. प्राथमिकता दें:

ज्यादातर बार हमारी काफी सारी इच्छाएँ होती है और हम उन्हें जल्दी से जल्दी पूरी करना चाहते हैं, अर्थात्, बचत करने के लिए हमारे पास कई सारे कारण होते हैं| पर आप चिंता ना करें यह अच्छी बात है – इस का मतलब है की आप जैसी जिन्दगी चाहते हैं उसे पाने के लिए बहुत ज्यादा प्रेरित है| लेकिन इन इच्छाओं की पूर्ति के लिए आपको वास्तविक बनना पड़ेगा| अतः प्राथमिकता दें| आपकी इच्छाओं को नजदीकी और दूर के लक्ष्य के अनुरूप प्राथमिकता दें, और ध्यान रखें कि आपके दूर के ध्येय पर किसी कीमत पर कोई असर ना पड़े| फिर भी आपको अपने नजदीकी ध्येयों को पाने के लिए भी आपको कुछ छूट लेनी पड़ेगी और थोड़ी कुरबनी भी देनी पड़ेगी|

६. निवेश करें:

आपके कटौती से जमा किए गए पैसों का सही जगह पर निवेश करें| विशेषज्ञों की मदद ले कर और सोच समझ कर खुद के लिए निवेश का सबसे बेहतरीन तरीका खोजें| निवेश के कई साधन मोजूद है, सावधि जमा योजना से ले कर म्यूच्यूअल फंड तक| आप कितना जोखिम लेना चाहते हो यह सोच कर उस तरह से तय करें| फिर भी, बिना देखे दूसरों की बातों में न आते हुए सही मदद ले कर निवेश करें| आप चाहे जहाँ या चाहे जितना निवेश करें, लेकिन आप नेट बैंकिंग का उपयोग जरुर करें, जिससे आप भूल जाएँ तो भी आपके पैसे अपने आप ही (आपके खर्च के समान) वहाँ तब्दील हो जाएँगे| यह आपको अपनी बचत का उपयोग, या यूँ कहें कि दुरूपयोग, करने के लोभ से भी निश्चित रूप से बचा सकता है|

आपके लिए थोड़ी सी खुशखबर है! अगर आप अपने पैसों को बचाने का सबसे बेहतरीन, पूर्ण-विक्सित तथा प्रमाणित तरीका सिखना चाहते हैं जिसके चलते आप अंततः आर्थिक स्वतंत्र हो जाएँगे, तो मैंने एक ‘मनी एंड सक्सेस का ऑनलाइन कोर्स’ तैयार किया है जिसे आप अपने कुटुंब के अन्य सदस्यों के साथ मिल कर सीख सकते हैं| यह कोर्स आपको कुछ सरल और प्रमुख नियमों से, जिनके उपयोग से लोग करोडो कमाये है, आश्चर्यचकित कर देगा|

निश्चय करें कि २०१८ को आर्थिक पछतावा करने का वर्ष नहीं बनाओगे| भगवान सफल करे!

Road to Success – 10 Effective Tips to Be Successful

You may have wondered how there are so many unsuccessful people and such few successful ones. It’s no miracle; it’s pure strategy. Most of the people think that the successful people are lucky. But let me tell you, it’s not luck it’s the hard work and strategy, which gives them the edge.

I would like to state a few points, which you will need to follow in order to be successful. And if you don’t believe me then pick up any successful person and see his life story, you will see most of the points being followed by them.

1. Be brand new.

Now what do I mean by being brand new? If you come up with an idea, which is already chosen and worked upon by hundreds of people then you are most likely to not achieve success in a short run. You may succeed in a long run but I am sure you will run out of patience. Being innovative is the key. Think of a plan, which is not followed by anyone or just a few number of people. Your uniqueness will attract success and people towards you.

2. Add value.

Adding value to anything and everything is the key. Wherever you go, make yourself felt, add value to everything you do and everyone you meet. When you start adding value to things you automatically start earning more money and it will even help you nurture your personal life and relationships.

This is the most important thing Rich people do. At times unsuccessful people believe Rich to be fraud or greedy. But I believe them to be smart, creative & value adders. To know more of such Secrets of the Rich, Register Now for the Money Matrix Online Training

3. Plan.

Is it possible for you to leave from home and reach your destination without knowing the way? Not possible right? If you know the path to your destination only then you will be able to reach there. So you must have a plan to reach your goals. Without a proper planning you will never be able to achieve success in any field. Always have 2-3 plans in your mind, so that you can use other when one fails.

4. Ditch the comfort zone.

No one gets success staying all time in the bed and doing easy things. By this method you can only fetch things, which are at one hand distance or maybe not even that. Chanakya says, “There is no present and future of a lazy person”. So if you think your laziness is ok then please re-think. You need to do things, which you have never done in order to get things you never got. Going an extra mile, coming out of your comfort zone will lead you to success. No one likes working till late or doing things they never did or something that makes them feel uncomfortable. But have to do it if it is a must. You cannot just take the easy way out to success.

5. Follow your passion.

It’s so easy to do things you love. It’s easy because you don’t have to convince yourself to work. Do what you love and love what you do. By following this mantra you will make your life easy because it wont require more effort. Sit calmly and think about the things you love. Which out of them will help you achieve the success you dream of.

6. Do not procrastinate.

Start now. Have an interesting idea? Start gathering more information about it and start planning your work. Do not procrastinate because if you do so then even your success will be delayed and it’s most likely that you won’t achieve success. Do not wait for the alignment of the stars because there is always going to be something that will stop you from doing what you want to do. So Start now!

7. A teacher.


There is no way you can achieve success without a teacher or maybe an ideal. Having a teacher may not necessarily mean to have someone over your head to guide you. But you can also have an ideal whose success strategy worked great, learn from those strategies modify them if you have to and then follow it. Without a teacher it becomes extremely difficult to obtain success. Because these mentors have already walked through this path and they know the do’s and don’ts. Their experience will help you grow quicker, because you already know what not to do. Remember to choose a mentor that has achieved it all. For example if you want to become rich then choose a mentor who is rich, because a broke person cannot teach you about how to be rich.

8. Seek help.

You are not god that you can do everything. There are many things that are beyond your control. There will be things that you need to complete before a set deadline. You of course cannot do it alone. Don’t feel low when you ask from help. These people will also put in their 100% to take you towards success. Do not over do things. Use your energy in the area of your potential and others can manage rest of the things. Learn to outsource the things that you are not good at so that you can concentrate on the things you are good at.

9. Be strong.

Not everything works out as per your wishes. Many times you will face unwanted situations. They will test you and your patience. You will have hard time dealing with things and people or maybe you may lose some contract or maybe your most trusted man would leave your company and join the rival one. All these things should not dishearten you. You have to be strong enough to face everything and rise above. When the going gets tough, the tough gets going. But this does not mean that you stick to a failed plan thinking of how to make it successful. Learn to be flexible enough to let go of what’s not working.

10. Effective communication.

You can never achieve success if you do not know how to deal with people. Effective communication means your ability to speak well and make the other person understand easily. If you master this art than half of your work is done. This will automatically make you the leader of your group and everyone will be willing to work with you and for you.

I have applied all of these points in my life and have reached this level. I did not know everything at first, but kept learning & applying. Now it’s your turn to apply these and reach a newer height.

कामयाबी का रास्ता

आप यह सोच रहे होंगे की इतने सारे नाकामयाब लोग और इतने कम कामयाब लोग क्यों हैं| यह कोई चमत्कार नहीं है; यह स्पष्ट योजना है| ज्यादातर लोग ऐसा समझते हैं की कामयाब लोग नसीबदार होते हैं| लेकिन मैं आपको बता दूँ कि यह नसीब नहीं परन्तु असली मेहनत और सही योजना का नतीजा है, जो इन लोगों को वह तीक्ष्णता और तीव्रता देती है|
मैं कुछ मुद्दे प्रस्तुत करना चाहता हूँ, जिनका आपको कामयाब होने के लिए अवश्य पालन करना होगा| और यदि आपको मुझ पर यकीन नहीं है तो किसी भी कामयाब व्यक्ति की जीवनी उठाओ और देखो, आप जान जाएँगे की हर एक ने करीबन सारे मुद्दों का पालन किया है|

१. नवीनतम बनो


अब ‘नवीनतम बनो’ से मैं क्या कहना चाहता हूँ? यदि आप कोई विकल्प सोचते हो जिसे पहले ही से सैंकड़ों लोगों ने ना केवल चुना है बल्कि उस पर काम भी किया है तो यह पूरी तरह से संभव है की आपको कम समय में कामयाबी नहीं मिलेगी| लम्बे अर्से के बाद आप शायद सफल हो सकेंगे लेकिन मुझे पूरा यकीन है की आप धीरज खो बैठोगे| अतः मौलिकता ही इसके चाबी है| ऐसी योजना सोचिये जिसका किसीने अनुसरण ना किया हो या फिर बहुत कम लोगों ने किया हो| आपकी विशिष्टता लोगों को तथा कामयाबी को आपकी ओर आकर्षित करेगी|

२. मूल्य बढ़ाओ

किसी भी चीज़ का और हर चीज़ का मूल्य बढ़ाना ही सही चाबी है| आप जहाँ भी जाएँ, वहाँ खुद को महसूस कराएँ, आप जो भी करो या जिस किसीसे भी मिलो उसका मूल्य बढ़ाओ| जब आप चीज़ों का मूल्य बढ़ाने लगते हैं तो आप अपने आप ज्यादा पैसा कमाने लगेंगे जो आपको अपनी निजी जिन्दगी व अपने संबंधो की देखभाल करने में भी सहायक होंगे|
अमीर लोगों के कामों में से यह सबसे महत्वपूर्ण काम है| कभी कभी नाकामयाब लोगों को रईस लोग धूर्त या लालची लगते हैं| लेकिन मैं उन्हें होशियार, रचनात्मक, तथा मूल्य बढ़ाने वाले मानता हूँ| अमीर लोगों के ऐसे दुसरे रहस्य जानने के लिए ‘मनी मैट्रिक्स’ के ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए अभी अपना नाम दर्ज कराएँ: Register Now for the Money Matrix Online Training

३. योजना

क्या यह सम्भव है कि आप घर से बिना रास्ता जाने निकल पड़े हों और अपनी मंजिल तक पहुंच जाएँ? बिल्कुल सम्भव नहीं है ना? आप मंजिल पर तभी पहुंच सकेंगे जब आपको सही रास्ता मालूम हो| अतः अपने लक्ष्य को पाने के लिए आपके पास ठोस योजना होनी ही चाहिए| किसी भी क्षेत्र में, सही योजना बिना, आप अपने लक्ष्यों को कभी भी नहीं पा सकेंगे| हमेशा अपने मन में २-३ योजनायें रखिये, ताकि अगर एक निष्फल हो तो तुरंत दूसरी आजमाई जा सके|

४. अपने आराम-क्षेत्र को त्याग दीजिये

दिन भर बिस्तर में पड़े रहने से या आसान काम करने से किसीको भी कामयाबी नहीं मिलती| इस तरह से तो आप केवल उन्हीं चीज़ों को हासिल कर सकेंगे जो आपसे एक हाथ की दूरी पर हैं और शायद उन्हें भी नहीं| चाणक्य कहते हैं, “आलसी मनुष्य का कोई वर्तमान या भविष्य नहीं होता|” अतः यदि आप सोचते हैं कि आपका आलस ठीक या सही है तो कृपया फिरसे सोचिये| जो आपको कभी नहीं मिला उसे पाने के लिए आपको ऐसी चीज़ें करने की आवश्यकता है जिन्हें आपने पहले कभी नहीं किया| थोड़ा अधिक आगे जाना, थोडा अधिक प्रयास करना व अपने आराम-क्षेत्र से बाहर निकलना ही आप को सफलता की ओर ले जायेगा| किसीको भी देर तक काम करना या ऐसे काम करना जो करने में कष्ट महसूस हो अच्छा नहीं लगता| लेकिन यदि यह ज़रूरी है तो उन्हें आपको करना ही चाहिए| सालता की ओर आप कोई भी सरल रास्ता नहीं अपना सकते|

५. अपने जुनून का पीछा कीजिये

मनपसंद काम करना कितना आसान होता है! यह आसान है क्योंकि इस काम को करने के लिए खुदको मनाना नहीं पड़ता| जो पसंद हो वह करो और जो करो उसे पसंद करो| इस मंत्र का अनुसरण करके आप अपने जीवन को सरल बना लेंगे क्योंकि इसमें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी| शान्ति से बैठो और अपने मनपसंद कामों के बारे में सोचो| उनमें से कौनसा ऐसा है जो आप जिस सफलता के सपने देखते हो वहाँ तक ले जाएगा?

६. टालमटोल कभी मत करो

अभी, तुरंत शुरू करो| कोई दिलचस्प विचार है? उसके बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दो और अपने काम की योजना बनाने लगो| टालमटोल मत करो, क्योंकि ऐसा करने से आपकी कामयाबी भी विलम्बित हो जाएगी और इस बात की पूरी सम्भावना है की आप सफलता हासिल नहीं करेंगे| सारे तारों को एक र्रेखा में आने की राह मत देखो, क्योंकि आपको अपने मनपसंद काम शुरु करने से रोकने के लिए कुछ ना कुछ तो ज़रूर होगा ही| अतः अभी, इसी वक्त शुरू करो|

७. एक गुरु


किसी गुरु या आदर्श बिना आपको सफलता मिलने का कोई रास्ता नहीं है| गुरु के होने का यह मतलब नहीं की कोई आपके सर पर सवार होकर हर वक्त मार्गदर्शन दे| लेकिन आपका कोई आदर्श भी हो सकता है, जिनकी कामयाबी की योजना अच्छा काम कर गई हो, उन्हीं योजनाओं से सीखें, ज़रूरी हो तो उन्हें बदलें या बेहतर बनाएँ और फिर उनका अनुसरण करें| गुरु के बिना सफलता पाना बड़ा ही मुश्किल हो सकता है| क्योंकि यह गुरु पहले से ही इन पंथों पर चल चुके हैं और उन्हें क्या ‘करना है व क्या नहीं करना है’ वह भलीभाँती मालूम होता है| उनका अनुभव आपको जल्दी बढ़ने में मदद करेगा, क्योंकि आपको पहले से की मालूम है की आपको क्या करना नहीं चाहिए| याद रहे की ऐसा गुरु चुनिए जिसने सब कुछ हासिल कर लिया है| उदाहरणत: यदि आपको अमीर बनना है तो किसी रईस को अपना गुरु बनाइये, क्योंकि एक गरीब व्यक्ति आपको अमीर कैसे बनते हैं नहीं सिखा सकता|

८. मदद माँगिये

आप भगवान नहीं हो कि आप हर काम कर सकते हो| ऐसी कई बातें होती हैं जो आपके काबू में नहीं होतीं| आपको कई काम निर्धारित तिथि के पहले पूरे करने ही होते है| यकीनन आप हर काम खुद नहीं कर सकते| तो मदद मांगने में झिझक महसूस मत कीजिये| आपको सफलता की ओर ले जाने के लिए यह लोग भी अपना १००% लगा देंगे| किसी भी बात को अति मत करना| अपनी ताकत को अपने सामर्थ्य के क्षेत्र के लिए बचा कर रखिये और दूसरों को अन्य काम करने दीजिये| जिन कामों को अच्छे से नहीं कर सकते उन्हें बाहरी स्रोतों को सौंप दीजिये ताकि आप उन कामों पर ध्यान दे सकें जो आप अच्छी तरह से कर सकते हैं|

९. मज़बूत बनीए

हर बात हम जैसा सोचते हैं वैसे नहीं होती| आपको अनेक बार अनचाही परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है| यह आपकी व आपके धीरज की कसौटी लेंगे| आपको लोगों या चीज़ों का सामना करने में कठिनाई होगी या हो सकता है की आप कोई ठेका खो देते हो, या आपक सबसे विश्वासपात्र व्यक्ति आपकी कंपनी को छोड़ कर प्रतिस्पर्धी कंपनी में जुड़ जाए| इन सब बातों से आपको निरुत्साह नहीं होना चाहिए| हर मुश्किल का सामना करने की और सबसे ऊपर उठने की शक्ति आप में होनी चाहिए| जब मार्ग सख्त हो जाता है तब सख्त व्यक्ति काम में जुट जाते हैं| परन्तु इसका यह मतलब नहीं कि आप निष्फल योजना को किस तरह सफल बनाएँ यह सोचते हुए उससे जुड़े रहो| स्थिति के अनुरूप ढलना सीखो और जो काम नहीं कर रहा उसे जाने दो|

१०. प्रभावशाली व्यवहार

यदि लोगों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं यह आप नहीं जानते तो आप कभी भी सफल नहीं हो सकते| प्रभावशाली व्यवहार का मतलब है आपकी अच्छा बोलने की और दूसरों को आसानी से समझाने की क्षमता| अगर आप इस कला में माहिर बन जाते हो तो आपका आधा काम हो गया समझो| यह अपनेआप ही आपको अपने समुदाय का नेता बना देगा और हर कोई आपके साथ व आपके लिए काम करने को तैयार होगा|
मैंने इन सारे मुद्दों का अपने जीवन में अमल किया है और इस स्तर पर पहुंचा हूँ| मुझे पहले सब कुछ मालूम नहीं था, लेकिन मैं सीखता गया और अमल में लाता गया| अब इन मुद्दों को अमल में लाने की और नवीनतम ऊँचाइयों को छूने की आपकी बारी है|