Productivity is all about time management; which in turn is highly essential in maintaining a healthy work environment and increasing your efficiency thereby allowing new-found effectiveness to give a boost to your self-esteem. It is a lot more about self-discipline, i.e., making a responsible choice and sticking through a make-believe system. Anything complicated can be tackled if it is broken down into easy manageable tasks or steps.
Take a look for yourself:-
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Step 1: A SYSTEM : Find what works for you dynamically
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Step 2: TAKE OUT TIME: Time Management
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Step 3: REVIEW: Distinguish between goals and objectives
TAKEAWAY: It is not a temporary method, these steps need constant upkeep. The more honest to it you are, the more your productivity. Everyone works differently and has a different environment. Hence, ponder over the above methods and choose wisely according to your needs and preferences. Build a system and adhere to it and change it as per the changing demands of your work.
कार्य पूरे करे
उत्पादकता समय के अनुशासन पर निर्भर है; जोकि काम करनेका स्वस्थ माहोल बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है| इससे आपकी कार्यक्षमता बढती है और नई प्राप्त असरकारकता के साथ आपके आत्म सम्मान को बढ़ावा मिलता है| यह ज्यादातर खुद को अनुशासन में रखने के बारे में है, उदाहरणतः – एक ज़िम्मेदार चयन करना और एक बनावटी योजना में बने रहना| कोई भी जटिल समस्याको आसानी से सुलझाया जा सकता है अगर उसे छोटे हिस्सों में बाँटकर सहज प्रबंधनीय कार्यों या स्तरों में परिवर्तित किया जाय|
आप खुद ही देख लीजिये :-
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कदम १ : एक व्यवस्था : आपके लिए जोशीले ढंग से क्या काम करता है उसे खोजो
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कदम २: समय निकालें : समय का प्रबंध
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कदम ३: समीक्षा: ध्येय और उद्देश्य का फर्क पहचाने
साथ ले जाएँ: यह कोई अस्थाई व्यवस्था नहीं है, इन कदमें को लगातार मरम्मत की जरुरत रहेती है| आप जितने ज्यादा इमानदार रहेंगे आपकी उत्पादन क्षमता उतनी बढ़ेगी| हर व्यक्ति अलग वातावरण में अलग तरह से काम करता है| अतः, उपरोक्त व्यवस्थाओं पर मनन कीजिए और आपकी जरूरतों व पसंद के अनुसार चुनिए| एक कार्य प्रणाली बनाईए और उससे चिपके रहीए और जरुरत के हिसाब से उस में बदलाव करते रहीए|
Great my krishn