Time is an invaluable asset. Thus, it cannot be wasted upon something we are not truly, crazily, unabashedly and passionately in love with! Consider all the characters that you have loved – whether on-screen or in books, magazines etc.; consider all your role-models, consider people you look upto – what is the one thing they have in common? They are all active and motivated to pursue their passion or purpose in life. This is exactly what differentiates us and them. We lack passion. How do you determine if you have that zeal, that passion for something in life? It’s simple! Follow along:-

1. ASK QUESTIONS: Ask yourself some basic fundamental questions for starters. Is there ANYTHING in life that makes you yearn for more? Is there anything that keeps you up at night? Is there something you would not mind doing for the rest of your life? What is the one thing for which you are ready to sacrifice all the luxuries of life? What is the one thing that will truly give you happiness? Now, don’t be disheartened if your answer does not tick the boxes to ALL of the above questions. That is normal. But at least have several options at hand. Delve deep, make a list and go all out. If you can’t do this yourself go for a career counselling session or a career assessment test.


2. NATURAL FLAIR: Generally our passion is defined by something that we are naturally good at; something for which we have a natural flair. It could be anything – some people write well or have great communication skills or are a very people’s person. When we have a natural flair at something it is not very difficult for us to hone that skill further as opposed to learning something you detest from scratch. Remember, this could be several things too, and that identifying this skill is the very first step towards the threshold of finding a passion!

3. LET’S BE PRACTICAL: We all want to do nothing and earn millions right? But if you are still reading this post then we will assume that you are at a somewhat unhappy place in your life and want to find a bigger purpose to make you feel complete. If that’s true then you have to choose one. At the beginning of finding your passion money cannot be your primary consideration – BUT THERE’S GOOD NEWS – it has to be an important thinking point. Do something that may not get you millions straightaway but you shall know for a fact that the skill will get its due in time. However, if you are stuck in a bad job and want to pursue something else, but are also in a financial ruckus then find a mid-way instead of quitting. These days it has become an extremely filmy notion to quit something monotonous – but financial stability is important. Find a way to incorporate your passion and hone it, while sacrificing very little on the job you already have!!

4. MULTITASK: If there are multiple things that interest you then find a way to multi-task, i.e, work that many times harder to contribute your time at several things to see if there is something you would like to pursue lifelong. Make your twenty-four hours into forty-eight and commit (Learn the Secrets of managing time in the most effective manner with a unique ‘The Last Lap kit’ designed by Sneh Desai). Give time to your hobbies, give time to your job, further your education – do as much as you can, go as further away from your comfort zone as possible and it shall increase your probability towards finding a purpose. Not only that, it shall really help you develop a better personality. Take small but sure steps; it can be life-altering!

5. SELF-AWARE: Keep a tab on yourself. If pursuing something wreaks you in with fear then it is a problem. Yes, these things are supposed to make you nervous, but they should NOT scare you or instil fear. Hence, be more aware. If anything is particularly making you lazy or there is something that makes you complain a lot more than usual, then that path is not your calling. You have to be smart in making your choices, you have to be a step ahead and that can only be possible if you be more aware of how you feel and what gives you a certain confidence.

In conclusion, finding a purpose in life is as ascertainable and as agnostic as finding God – this disparity can only be met if you are truly ready to commit!

जीवन में जुनून व लक्ष्य (उद्देश्य) कैसे पायें

समय एक मूल्यवान संपत्ति है| अतः, उसे ऐसी बातों पर नहीं गँवाया जा सकता जिनके लिए हम सही माइनों में, पागलों की तरह, बेशर्म बनकर, और जुनूनी तौर से प्यार ना करते हों! आपने जितने भी पात्रों को प्यार किया हो उनके बारे में सोचो – चाहे वह कोई फ़िल्मी परदे पर या किताबी या किसी पत्रिका आदि में क्यों ना हो; अपने हर अनुकरणीय व्यक्ति के बारे में सोचो, हर उस व्यक्ति के बारे में सोचो जिसे आप बहुत ही मान देते हैं – उन सब में कौनसी बात एक समान है? वे सभी अपने-अपने जुनून या जीवन के लक्ष्य के प्रति कार्यरत और अभिप्रेरित हैं| बस यही एक फर्क हमें और उन्हें अलग करता है| हम में जुनून की कमी है| कैसे पता लगाओगे कि ज़िन्दगी में कुछ पाने के लिए आप में वह उत्साह, वह जुनून है या नहीं? बहुत सरल है| आओ मेरे साथ:-

१. प्रश्न पूछिये: शुरुआत के लिए खुद को कुछ मूलभूत प्रश्न पूछिये| क्या ऐसी कोई भी चीज़ है जो आपको अधिक पाने के लिए तरसाती है? क्या ऐसी कोई बात है जिसे आप ख़ुशी ख़ुशी जीवन भर करने को तैयार हैं? वह कौनसी बात है जिसके लिए आप जीवन का तमाम आराम त्याग सकते हैं? वह कौनसी बात है जो आपको सही माइनों में सुख देगी? देखिये, यदि आपका उत्तर ‘उपरोक्त सारे’ के सामने सही का निशान नहीं है तो निराश मत हो जाइये| यह स्वाभाविक है| लेकिन हाथ में कई विकल्प तो रखिये| गहराई में उतरकर खोजिए, एक सूची बनाइए और बस निकल पड़िए| यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो व्यावसायिक सलाह या व्यवसायिक निर्धारण कसौटी लीजिये|

२. पैदाईशी हुनर: सामान्यतः हम जिस कार्य को स्वाभाविक रूप से ही अच्छी तरह से करते हों, हमारा जुनून उसी से पहचाना जाता है; कोई ऐसी चीज़ जिसके लिए हम में पैदाईशी हुनर है – कई लोग अच्छा लिखते हैं, या कई लोगों में बातचीत करने की अच्छी क्षमता होती है, तो कई लोग बड़े ही लोकप्रिय होते हैं| जब हम में कोई पैदाईशी हुनर होता है, तो कोई ऐसा हुनर जो हमें पसंद ही नहीं उसे पहले से सीखने की तुलना में, अपने पैदाईशी हुनर को अधिक तेज़ करना कोई मुश्किल बात नहीं है| याद रहे, यह अनेक बातें भी हो सकती हैं, और उस हुनर को पहचानना अपने जुनून को ढूँढने की दहलीज़ की ओर का सबसे पहल कदम है!

३. आओ वास्तविक बनें: हम सब चाहते हैं की हम कुछ ना करें और करोड़ों कमाएँ, हैं ना? लेकिन यदि आप इस लेख को अभी भी पढ़ रहे हैं तो हम मान लेते हैं की आप अपने जीवन काल के किसी दु:खी मोड़ पर हैं, और किसी बड़े लक्ष्य की खोज कर रहे है जो आपको पूर्णता का एहसास दिलाएगा| यदि यह सच है, तो आपको एक चुनना होगा| अपने जुनून खोजने की शुरुआत में, पैसा आपकी प्राथमिक चिंता नहीं हो सकता – लेकिन शुभ समाचार यह है कि – यह एक विचार करने योग्य महत्वपूर्ण मुद्दा है| ऐसा कुछ करो जिससे आपको भले ही तुरंत ही करोड़ों ना मिलें लेकिन आपको यह पता चल जायेगा की आपके हुनर को समय चलते उसका पूरा भुगतान ज़रूर मिलेगा| फिर भी, यदि आप किसी खराब नौकरी में फँसे हों और कुछ और करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक जाल में जकड़े हुए हैं, तो नौकरी छोड़ देने के बजाय कोई बीच का रास्ता खोजें| किसी भी नीरस बात को छोड़ देना आज कल एक बिलकुल फ़िल्मी धारणा हो गई है – लेकिन आर्थिक दृढ़ता ज़रूरी है| जो नौकरी आपके पास है, उस पर अल्प मात्रा में त्याग करते हुए, अपने जुनून को सम्मिलित करने व उसे प्रखर करने की रीत ढूंढें!!

४. बहुकार्य करें: यदि आप अनेक बातों में दिलचस्पी रखते हों, तो बहुकार्यन कैसे किया जाये यह ढूँढो, अर्थात उतना गुना ज्यादा काम करो ताकि आप अपने समय अनेक कार्यों में बाँट सकें और देखें कि क्या ऐसा कुछ है जो आप जीवन भर करना चाहते हैं| अपने २४ घंटों को ४८ बनाने की कोशिश कीजिये और प्रतिज्ञा कर लें (समय का सबसे असरदार तरीके से प्रबंध करने के राज़ स्नेह देसाई निर्मित ‘द लास्ट लैप’ नामक अनोखे किट से सीखें) अपने शौक के लिए समय निकालिए, अपनी नौकरी को पर्याप्त समय दीजिये, अपने ज्ञान को बढाइये – जो भी आपसे बन पड़े वह कीजिये, अपने ‘आराम क्षेत्र’ से जितना दूर जा सकते हो उतना जाइये और इसी से आपको अपना लक्ष्य ढूँढने की सम्भावना बढ़ जाएगी| केवल इतना ही नहीं, यह सही में आपको बेहतर व्यक्तित्व बनाने में भी मदद करेगा| छोटे लेकिन पक्के कदम भरें; इससे जीवन बदल सकता है|

५. आत्म-जागरूक: खुद पर नज़र रखें| यदि किसी चीज़ के पीछे जाने से आपमें डर भर जाता है, तो यह बड़ी समस्या है| हाँ, इन चीज़ों से आप उत्तेजित जरूर होने चाहिए, लेकिन आप को इन चीज़ों से डर बिलकुल नहीं लगना चाहिए| अतः, अधिक सचेत रहिये| यदि कुछ ऐसा है जो आपको ख़ास तौर पर आलसी बना रहा है या ऐसा कुछ है जो आपको जरूरत से बहुत ही ज्यादा शिकायत करवा रहा है, तो वह मार्ग आपके लिए नहीं है| आपको अपने विकल्प चुनने में होशियार होना चाहिए, आपको हमेशा एक कदम आगे होना चाहिए और यह तभी संभव है जब आप क्या महसूस करते हैं इसके बारे में आप अधिक जागरूक हों और यह जानें कि कौनसी बात आपको खास तरह का आत्मविश्वास देती है|

अंत में, जीवन में लक्ष्य ढूँढना उतना ही सुनिश्चित और संशयवादी है जितना भगवान को ढूँढना – इस विषमता को तभी मिटाया जा सकता है, यदि आप सही माइनों में प्रतिज्ञाबध्द हो सकते हो तो!

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