fbpx Skip to content

A good leader does not just guide people towards the achievement of specific desirous results but also perseveres to pursue the success-streak by motivating others working under him on a continual basis. By focusing on what motivates different people, one can strive to achieve a harmonious working environment resulting in an enlightening experience for everyone involved. Contrary to common belief motivation goes well beyond just monetary benefits. You may also suggest Videos of Motivational speakers to motivate others, here is a list of Top Best Motivational Speakers of India.

It can be boiled down to as simple as fulfilling someone’s base needs. For example, one may not be able to put in their 100% effort if their energies are pre-occupied by thoughts of hunger. In such a case, as a good leader, you must make sure that this base need is fulfilled before they tackle the task at hand. However inefficiency is often noticeable despite having met these base needs. That’s when you need to push the envelope enough to inspire the half-heartedHow, you ask? Read on.

Try one or more of the following ways to really push that envelope:

  1. Lead By Example:Do not treat people the way you would not like being treated yourself. Employ benevolent gestures once in a while. Give your subordinates the kindness and respect they deserve irrespective of their mistakes. Which means that you need to hand out credit when it is due, giving yourself the leverage to qualify for constructive criticisms as well. This shall encourage a better work-outcome and also result in being a great confidence-booster for your employees. It will strengthen their sense of belonging and they will feel valued.
  1. Delegate Individual Responsibility:


    Delegating individualistic responsibility makes one feel more secure about their quality of work. In such circumstances, people tend to feel more motivational and personally responsible to bring forth the best output. In retrograde, such delegations often also lead to better team work because each one of them know with certainty of what they are being held accountable for and how much their effort matters in the fulfilment of the bigger picture.

  1. Communicate: Put those interpersonal skills to test. Get to know your employees. Know what drives them and the kind of people they are; wherein lies their strengths and weaknesses. This does not mean you need to become best friends with them, but make sure you are reachable by opening up those communication lines. Be a good listener. Assume the role of someone who can be approached in case of a personal crisis apart from just the professional one. This will show them that you really care and in return they shall feel more motivated.
  1. Be Open To Ideas: It is all about involving your employees in matters of grave importance to make them feel like your final say is actually immensely based upon the suggestions they put in. People enjoy feeling like they are making a difference. More than an open ear, keep an open mind to get new and creative ideas and let everyone feel like they are a part of your endeavour; and an important one at that.
  1. Be A Taskmaster Once In A While: 


    Do not be complacent with everything that your team achieves; be a taskmaster and challenge your team and yourself with goals that cannot be easily fetched. Set your eye on something that pushes your team to become the best they can be by overcoming obstacles. However, there is a difference between being visionary and being impractical. Do not go overboard and set unattainable goals; it could leave your employees demotivated and give you results that are exactly opposite of what

  1. energizer

    Be Informative: Your Company belongs to your employees almost as much as it does to you because at the end of the day they represent the company to the outside world as much as you. Do not keep your employees in the dark. Make sure they are well- informed. Undeniably there will be things that you will not be in a position to share, but such things only make up for a minority out of the total number of issues actually going on.

  2. The 3 Ps: Be Passionate, Patient and learn to Prioritise. No one likes to follow someone who is reluctant to lead the path for others in the first place. Lack of passion is only indicative of someone who is directionless and demotivated himself. Secondly be patient with your team and give them the time, space and confidence to figure out their own working pattern without you having to interfere. Lastly, prioritise your team. They are giving all they have got towards your objectives. Your team is everything, so provide them with all they need to succeed. That way they know you have got their backs and they feel inspired enough to put in their best efforts.

Remember that success is all about good leadership no matter where you are headed and leadership is only effective if the people who follow you are motivated to continually work hard towards the future that you can for see.

दूसरों को कैसे प्रोत्साहित करें

एक अच्छा नेता लोगों को न केवल अपने मनचाहे व विशेष लक्ष्यों को हासिल करने की ओर मार्गदर्शन देता है परन्तु दूसरों को लगातार प्रोत्साहित करके कामयाबी की लकीर का पीछा करने में डटा रहता है| दूसरों को क्या प्रोत्साहित करता है इस पर ध्यान देकर, व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में एक सुसंगत वातावरण बनाने में सफल होगा जिससे हर किसी को एक ज्ञानवर्धक अनुभव प्राप्त होगा| सर्वसामान्य धारणा के विपरीत प्रोत्साहन आर्थिक फायदों के हद से कई गुना आगे जाता है| यह किसीकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने जितना मामूली भी हो सकता है| उदाहरणतः, यदि कोई भूख से पीड़ित हो तो संभव है कि वह अपना १००% प्रयास ना भी कर पाए| ऐसी परिस्थिति में एक अच्छा नेता होने के नाते आपको यह निश्चित करना पड़ेगा कि उस व्यक्ति की यह साधारण सी कमी उसके काम शुरू करने से पहले ही पूरी हो जाये| अपितु यह सारी ज़रूरतें पूरी करने के बावाजूद, कई बार, अदक्षता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है| यही समय है जब आपको चाहिए कि आप गाडी को धक्का लगाएं और उस अधूरे मन से काम करने वाले को प्रेरणा दें| आप पूछेंगे, “कैसे?” आगे पढ़िए|

उस धीमे चलती गाडी को धक्का देने के लिए निम्नोक्त उपायों में से किसी एक या ज्यादा का प्रयोग करके देखें:

आदर्श बनकर नेतृत्व करो: आपको खुद को पसंद ना हो ऐसे तरह से लोगों के साथ कभी बर्ताव न करें| कभी एकाद बार परोपकारी भाव दिखाएँ| आपके अधीन मनुष्यों को उनकी गलतियों के बावजूद वही सम्मान व रिआयत दें जिनके वह सही माईनों में हकदार हैं| इसका यह मतलब हुआ कि, जब भी श्रेय देना उचित हो तब वह देना पड़ेगा, जिससे आप खुद को सकारात्मक टीकाओं के लिए योग्यता प्राप्त करने का लाभ भी दे सकते हैं| इससे एक बेहतर कार्य-परिणाम मिलने की सम्भावना बढ़ेगी जो आपके यहाँ नौकरी करने वालों के लिए एक बेहतरीन आत्मविश्वास बढाने वाली बात साबित होगी| इससे उनकी संबध्द होने (सदस्य होने) की भावना सुदृढ़ बनेगी और वे खुद को मूल्यवान मानने लगेंगे|

२. जिम्मेदारियों को व्यक्तिगत रूप से बाँटो:


जिम्मेदारियों को व्यक्तिगत रूप से बांटने से हर एक को अपने काम की गुणवत्ता पर अधिक भरोसा महसूस होता है| ऐसी परिस्थिति में, बेहतरीन उपज को सामने लाने के लिए, लोग खुद को अधिक प्रोत्साहित व व्यक्तिगत तौर से ज़िम्मेदार मानते हैं| उल्टा, ऐसे बटवारे बेहतर सामूहिक-कार्य की ओर ही ले जाते हैं क्योंकि हर एक को पूरी व अच्छी तरह से मालूम है कि उसे क्या करना है और वह ठीक किस बात के लिए ज़िम्मेदार होगा तथा कार्य के अच्छे से सम्पन्न होने मैं उसका क्या योगदान होने वाला है|

३. सम्बन्ध बनाओ: उन अंतर्वैयक्तिक कुशलताओं की कसौटी कीजिये| अपने कर्मचारियों के साथ पहचान बनाइए| उन्हें क्या प्रेरणा देता है, उनकी ताकतें व कमजोरियाँ क्या हैं, तथा वे किस प्रकार के लोग हैं; यह सब जानिए| इसका यह मतलब नहीं है की आपको उनका सबसे करीबी मित्र बनना पड़ेगा, लेकिन उन संबंधों के मार्गों को पूरी तरह खोल कर इतना ज़रूर करना पड़ेगा की उनको लगे की वे आप तक किसी भी वक्त आसानी से पहुँच सकते हैं| अच्छे श्रोता बनिये| ऐसी व्यक्ति बनो कि जिसके पास आसानी से हर कोई न केवल अपने काम से जुडी समस्या लेकर बल्कि अपनी व्यक्तिगत परेशानी लेकर भी आ सकता है| ऐसा करने से उन्हें पता चलेगा की आप सचमुच उनके हितचिन्तक हैं जिसके परिणाम स्वरूप वे और भी प्रेरित होंगें|

४. सूचनाओं को स्वीकारो: यह अपने कर्मचारियों को महत्वपूर्ण मामलों में शामिल करने के बारे में है जिससे की उन्हें ऐसा महसूस होगा कि आपका अन्तिम निर्णय उनके सुझावों पर काफी हद तक निर्भर है| उनके कारण कुछ फर्क पड़ता है यह एहसास लोगों को बेहद पसंद होता है| अतः नए और रचनात्मक विचार पाने के लिए कान खुले रखने से ज्यादा यह ज़रूरी है कि आप अपना मन खुला रखें और सबको यह एहसास दिलाएँ कि हर एक व्यक्ति आपके प्रयास का ना सिर्फ एक हिस्सा है; परन्तु एक ज़रूरी हिस्सा है|

५. कभी-कभार सख्ती से काम लो:


आपकी टीम जो भी हासिल करती है उसको लेकर संतुष्ट मत बनो; बल्कि सख्ती से काम लेकर खुद को और अपनी टीम को ऐसे लक्ष्य पाने की चुनौती दो जोकि आसानी से नहीं प्राप्त होते| ऐसे लक्ष्य पर नजर जमाइए जो आपकी टीम को अपनी बाधाओं से लड़कर व उन्हें हराकर अपना बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा| ध्यान रहे की काल्पनिक होने में व अव्यवहारिक होने में बड़ा अंतर है| सीमा के परे जाकर अप्राप्य लक्ष्य ना तय करें; यह आपके कर्मचारियों को निराश करके आप जो चाहते हो उसके बिलकुल विपरीत परिणाम दे सकता है|


६. शिक्षाप्रद बनो: आपकी कंपनी जितनी आपकी है उतनी ही आपके कर्मचारियों की भी है क्योंकि अंत में वे लोग भी बाहर की दुनिया के लिए आपकी कम्पनी के उतने ही प्रतीक हैं जितने की आप हैं| अपने कर्मचारियों को अँधेरे में ना रखें| निश्चित करो कि उनकी जानकरी सही व अच्छी है| निसंदेह ऐसी बातें ज़रूर होंगी जो आप सबके साथ बाँट नहीं सकते, परन्तु चल रहे कामों की अपेक्षा यह बातें बड़ी ही गिनी-चुनी होती हैं|

७. जोश, धीरज व प्राथमिकता: जोशीला/भावुक व धैर्यवान बनो और प्राथमिकता देना सीखो| यह जान लो कि कोई भी आदमी ऐसे व्यक्ति का अनुसरण नहीं करना चाहता जो पहले तो खुद ही दूसरों को राह दिखने के विमुख हो| जोश का आभाव इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह व्यक्ति खुद ही दिशाहीन व निराश है| दूसरी बात, अपनी टीम के साथ धीरज से काम लें और उन्हें, आपके हस्तक्षेप बिना, अपना कार्य करने का तरीका समझने का समय, जगह, व आत्मविश्वास दीजिये| अंततः अपनी टीम को प्राथमिकता दीजिये| वे अपना सब कुछ आपके लक्ष्य पर न्योछावर कर रहे हैं| आपकी टीम ही सबकुछ है, अतः उन्हें कामयाब बनने के लिए जो भी चाहिए वह दीजिये| इससे उनको विशवास हो जाता है की उन्हें आपका सहयोग हमेशा मिलेगा और वे अपना बेहतरीन प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित होंगे|

याद रहे की, आप जिस भी दिशा में जाना चाहो मगर कामयाबी अच्छे नेतृत्व के बारे में है, और यह नेतृत्व तभी अच्छे परिणाम देगा जब आपके पीछे चलने वाले लोग, आप जिस भविष्य का पूर्वानुमान कर रहे हैं, उसकी ओर बढ़ने के लिए लगातार कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित होते हैं|

Shopping cart