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The world is far from perfect and so is our contribution towards our own self! In today’s time and age to take out an hour or so from one’s busy schedule for a fitness workout is like licking your own elbow – IMPOSSIBLE! Or is it? Here are a few simple ways to incorporate fitness during these trying times. Take a good, hard look!

1.Walk! –Walking is the best form of commute (well, in case of fitness, it comes right after running!). Avoid using your own vehicle or public transport and walk instead. Walking for at least 30 minutes every day can help prevent new weight gain. It is a great form of exercise and it requires a bare minimum. In case you live far away from your workplace, try dropping off at least a kilometer away from your home and walk the rest of the way. While going to work, park your vehicle farther away to extend your walking time. It’s as simple and as basic as that.

2.Stop Snoozing – When you snooze you lose! Exercising early morning is a great way to ensure that the rest of the day is as energetic. Become an A.M. exerciser and half your problems are sorted. For those who like to complete their work through the later parts of the night you have got to make a choice –who said work cannot be completed early morning?! You just have to try harder. There are umpteen ways to habituate into becoming a morning person – just start TODAY!

3.Take The Stairs – Avoid the elevator at all costs if fitness is what you’re aiming for. Start slowly but surely. If your office is on the tenth floor, at first try climbing three flights of stairs and then take the elevator and then five flights of stairs and so on and so forth until you have the stamina and the will to make it to the top. It not only releases endorphins but is also extremely beneficial in keeping your waistline in check.

4.Sitting Is The New Smoking – Sitting for hours in front of the computer or the desk is as harmful as smoking. Make sure you get up every 20 minutes and take a brisk walk and then continue your work. If you can’t get up, you can do a 15-minute process of ‘Dynamic Yoga’ by Sneh Desai which is easy to follow even at your office and is one of the most effective tools for fitness. Sitting for long hours even for work is equivalent to being a couch potato in front of the television. Avoid it under all circumstances!

5.Workout at Work – There are YouTube channels and videos dedicated to just this. You can get your daily dose of workout even at work! Grab your smartphone and look for it. Go through the kind of exercises that can fit your schedule and work environment without making you seem fuzzy, clumsy or dizzy! To each his own.

6.Include More People – A lonely workout regime is a drag. Inform and include more people to help you keep your focus intact. It not only makes these little things fun but also worth your time and energy and contributes to the well-being of those around you. If you can exercise control at your workplace through your disposition, buy yourself a treadmill or a pedal exerciser and use it yourself while motivating your own employees to use it for themselves.

7.Watch What You Eat – Only a healthy lunch is not enough; so stop munching on carbs for your snacks! Choose wisely instead. Pick healthy juicy fruits over potato chips, whole-wheat biscuits over anything that screams of maida, drink green-tea over coffee/soda. Sneh Desai spends one whole day on health in his unique ‘Ultimate Life Camp’ where participants get detailed understanding about what and how to eat. There is no end to choosing a better alternative to an unhealthy one – suit yourself!

8.Track Your Activity – Google Fit, FitBit, MI Band etc. are just to name a few. Technology’s inclusion in our fitness tracking is a blessing! Utilize it well. From tracing your heartbeat, to watching the steps that you take, to the minutes you spend jogging – it can all be tracked now. Not only this, now the calories you intake can be measured as easily as consuming them! So keep a watch, make goals and stick to them every day! Commit and push yourself and slowly you’ll start enjoying yourself.

9.Something Is Better Than Nothing – Despair is as much around the corner as hope. Always look for hope instead! Don’t be demotivated in case you can’t squeeze in any/some of the above on a daily basis. Fitness or workout is not a punishment; it is a way of life! It should not be forced or weigh heavy. Be dynamic about your fitness approach and be realistic and do as much as your body can take. Don’t stress about not being able to follow it – cheat sometimes as long as you’re happy!

TAKEAWAY –The path to fit over flab is one of choice. Just make the right one and opportunities will shine everywhere NO MATTER WHAT! Excuses only add to regrets and the least you can do to yourself is be honest and remain excuse-free to YOU. Always remember that little acts of commitment to your body add up to the big picture and you should be able to sail smoothly. Instead of looking for inspiration – be one!

व्यस्त जीवन में तंदुरस्त कैसे रहें?

दुनिया उत्तमता से काफी दूर है और हमारा योगदान हमारी अपनी तरफ भी वैसा ही है! आजके समय में और आजके युग में अपनी व्यस्त दिनचर्या में तंदुरस्ती के लिए कसरत करनेका एक घंटा निकालना खुद की कुहनी खुद चाटना जैसा है – अशक्य! क्या यह वाकई अशक्य है? कुछ सरल रास्ते हैं जिन्हें इस तनावपूर्ण समय में समाविष्ट करने से तंदुरस्ती प्राप्त होती हे| ध्यान से व बारीक़ नजर से देखो|

१ चलना! – चलना व्यायाम का सर्वश्रेष्ठ प्रकार है[ तंदुरस्ती के लिए सोचो तो इसका दौड़ने के व्यायाम के बाद दूसरा नंबर आता है| ] खुदका वाहन या सार्वजानिक यातायात का उपयोग न करके चलना पसंद करें| रोज ३० मिनिट चलनेसे नए बढ़ते वजन को रोका जा सकता है| यह कसरत का सबसे आसान तरीका है और इस में साधनों की आवश्यकता भी नहींवत है| अगर आप अपने कार्यस्थल से काफी दूर रहेते हैं तो घर से एकाद किलोमीटर दूर उतर जाएँ और शेष अंतर पैदल चले जाए| काम पर जाते समय अपना वाहन थोडा दूर रखें ताकि चलनेका समय बढ़ा सके| यह इतना सामान्य और आसान है|

२ झपकी लेना बंद करें – जो सोते हैं वो खोते हैं| सुबह जल्दी वर्जिश करना दिनभर के लिए चुस्त महसूस करने की गुरु चाबी है| आप सुबह के व्यायाम की आदत डालें और आपकी आधी परेशानियाँ दूर हो जाएगी| जो लोग देर रात तक जाग कर अपना काम निपटाना पसंद करते हैं उन्हें यह विकल्प पसंद करना ही होगा – कौन कहता है काम सुबह जल्दी नहीं हो सकता? आपको थोडा ज्यादा प्रयत्न करना पड़ेगा| सुबह का आदमी बनने की आदत डालने के लिए अनेक रास्ते हैं – आज ही शुरू करें!

३ सीढियाँ चढ़ें – अगर आप तंदुरस्ती चाहतें है तो लिफ्ट का उपयोग न करें| धीरे धीरे पर मक्कामता से शुरू करें| यदि आपका दफ्तर १० वि मंजिल पर है तो पहली ३ मंजिलें चढ़ीये, बाद में लिफ्ट का उपयोग करें| फिर पांचवी तक और ऐसा करते करते, धीरे धीरे आखरी मंजिल तक चढ़ ने की ताकत आप जुटा पाएंगे| ये केवल एन्दोर्फिंस को मुक्त करने का काम नहीं करता बल्कि आपकी कमर के माप को भी अंकुश में रखता है|

४. बैठा रहना सिगरेट पिने जैसा ही नुकसान देय है – मेज पर या कंप्यूटर के सामने बैठ कर घंटो काम करना धुम्रपान करने जैसा ही नुकसान देय है| आप ध्यान दें और हर २० मिनिट बाद उठें और थोड़ी देर तेज चलें, फिर अपना काम आगे करें| और अगर आप नहीं उठ सकते तो आप डॉ. स्नेह देसाई द्वारा बताई गई ‘डायनेमिक योगा’ की १५-मिनटों की प्रक्रिया करें, जो करने में आसान है और ऑफिस में भी हो सकती है और तंदुरस्ती का एक कार्यक्षम साधन है| काम करते वक्त लम्बे समय तक बैठना या लम्बे समय तक टीवी देखते बैठना दोनों एक समान हैं| किसी भी हालत में इससे बचिए!

५. काम पर कसरत – यु-ट्यूब चैनल पर ऐसे कई सारे वीडियोज हैं जो की इसीको समर्पित हैं| कार्य स्थल पर आपको कितनी देर और कौनसा व्यायाम करना है वो यहीं मिल जायेगा! अपना स्मार्ट फ़ोन उठाईए और इन्हें खोज निलालिये| आपके व्यस्त कार्यक्रम के साथ आपके कार्यस्थल पर हो सके ऐसी कसरतें, जो आपको अस्पष्टता, बेढंगापन, या संभ्रमित ना महसूस कराएँ, उन्हें करें| पसंद अपनी अपनी|

६. ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ो – अकेले कसरत करना बड़ा ही उबाऊ होता है| अपना लक्ष्य कायम रखने के लिए ज्यादा लोगोंको जानकारी दें और अपने साथ जोड़ें| इससे सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि आपके साथ व्यायाम करने वाले सभी की कार्यक्षमता सुधारने के साथ समय व उर्जा का उचित उपयोग भी होता है, तथा सहकर्मचारियों का स्वास्थ्य भी अच्छा हो जाता है| यदि आप अपने स्वभाव के कारण अपने कार्य स्थल पर नियंत्रण ला सकते हैं तो एक ‘ट्रेडमिल’ या एक ‘पेडल एक्सरसाइजर’ खरीद लें और जब आप अपने कर्मचारियों को उसका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें तब उसे खुद भी उपयुक्त करें|

७. क्या खाते हो उसपर नज़र रखो – सिर्फ पौष्टिक भोजन लेना पर्याप्त नहीं है; अतः कार्ब्स वाले पदार्थ चबाना बंद करो! इसके बदले में, सोच समज कर खाना पसंद करो| आलू की चिप्स छोड़ कर ताजे स्वच्छ रस भरे फल पसंद करें, मैदे से लदी चीजें खाने से आटे से बने बिस्कुट खायें, काफी या सोडा न पीकर ग्रीन टी पीयें| स्नेह देसाई अपने विशिष्ट कार्यक्रम “सर्वश्रेष्ठ जीवन शिबिर” में एक पूरा दिन खर्च कर सकते है जहां सहभागियों को क्या खाना, और कैसे खाना, के बारे में सविस्तार जानकारी मिलती है| अपौष्टिक खाने के आलावा एक बेहतर विकल्प चुनने की कभी ना खत्म होने वाली सूची है – जैसा आप चाहें!

८. अपनी कार्यरतता पर निगाह रखें – गुगल फिट, फिट बिट, एम् आई बैंड, आदि कुछ साइट्स के नाम है| तकनिकी सहायता का उपयोग करके तंदुरस्ती के कार्य की निगरानी रख पाना आशीर्वाद रूप है| उसका सही उपयोग करें और अपनी ह्रदय की धडकनों पर निगाह रखते हुए, आप कितने कदम चलते हैं, कितनी देर दौड़ते हैं, आदि – अब इन सारी बातों पा निगरानी रखी जा सकती है| कितनी कैलोरी खर्च करते हैं या खाने में कितनी कैलोरी लेते है उसका भी ध्यान रखा जा सकता है| तो आप ध्यान रखें, ध्येय बनाएं, और हर रोज उस पर लगे रहें| अपने कार्य में वचनबध्द हो जाईए और अपने आपको ध्येय की और धकेलिए| धीरे धीरे आपको आनन्द आएगा|

९. कुछ नहीं से थोडा कुछ बेहतर – मायुसी और आशा दोनों अपने आसपास बराबर रहेती है| हमेशा आशावादी बनीए| यदि आप उपरोक्त कुछ या सारी बातें अपने रोज़िन्दा के कार्यक्रम में नहीं समविष्ट कर सकते, तो निराश मत होइए| चुस्ती पाना या व्यायाम करना कोई सजा नहीं है; ये जिन्दगी जीने का एक तरीका है – इस में जबरदस्ती नहीं चलती| अपनी चुस्ती के प्रति सक्रीय हो जाइए और वास्तविकता के साथ आपका शरीर जितना सह सके उतना व्यायाम कीजिए| अगर आप वो नहीं कर पाते तो उसका तनाव मत महेसुस कीजिए| कभी कभी छल करना भी जाइज है अगर आप खुश है तो!

ले जाओ – मोटापे से चुस्ती की ओर का रास्ता चुनना पड़ता है| सही चीज चुनीए और आप देखेंगे की – चाहे कुछ भी हो – हर तरफ अवसर प्राप्त होंगे! बहानेबाजी से दुःख ही होता है और आप खुद के लिए इतना तो कर ही सकते हो की बहानो से दूर रहीए और प्रमाणिक रहीए! याद रखें की अपने शरीर के बेहतरी के लिए उठाया हर छोटे से छोटा कदम भी बड़े चित्र में योग देगा, और आप आसानी से आगे बढ़ सकेंगे| प्रेरणा के लिए इधर-उधर देखनेके बदले – खुद प्रेरणा बनीए!

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