First things first, let’s stop assuming that our life was focused and free of distractions before the advent of social media. Today it is very convenient for people to use the infamous crutches of Twitter, Facebook, WhatsApp and the likes, to blame for their lack of focus and conviction. Having, the aforesaid established, let’s delve deep into avoiding ALL sorts of distractions in our lives while we are working at a specific goal. This goal should be something significant, something that is worthwhile to change your life drastically! It can be anything – from acing your exams to losing weight.

1. Befriend your enemy: The elephant in the room certainly needs to be addressed and befriended. Somehow, we are wired in a way that the more we run away from something, the more it comes back to haunt us. Thus, instead of detesting distractions, we can use it a LOT more productively. Use your distraction to fuel your passion and purpose. Sure, this method has its limitations and a lot of control needs to be exerted, but it’s a great start. If the idiot box is your weakness -use it ONLY during lunch and dinner breaks instead of watching it ALL the time; if your phone is your enemy – get applications that can help you keep away from it like Off Time. On all other occasions keep all those electronic devices shut that take you away from your goal. Don’t deprive yourself of your weaknesses; just learn to handle the control they have on you.

2. Stop with the background music: A lot of people claim to work better and more productively while listening to music. But when you really need to race against time and buckle up, work in silence and give enough space & room to your thoughts for it to grow. Yes, music can uplift your spirits and eases the torment when you’re going through a stressful period, but keep the tunes for later – probably after finishing a task or project.

3. Plan Everything: By everything, I mean EVERYTHING. The place where you need to sit and complete your work needs to be a set place where you are free of all disruptions. Organizing your duties beforehand can help you refrain from giving in to distractions and thus save you from procrastination. Also, the amount of work that you need to complete should be well laid out before you dive into the actual task. This gives you a lot more control.

4. Keep a check: Learn to be more aware and keep a check on yourself. This way you will be able to pinpoint the cause of your distraction and learn to manage the power it can have on you. Also, keep your goals in check, i.e., keep reminding yourself why it is important for you to accomplish it. This way your priorities are set. If you really want to accomplish something but aren’t able to resist distractions, get one of Sneh’s most result-oriented product ‘The Last Lap’. Distractions can be both internal and external – first keep a track of your emotions and feelings and then construe things happening outside that may disappoint you. Sometimes things like an intrusive co-worker can also be very overbearing, but once you start keeping a check you will know how to handle it!

5. Early Bird: It seems simple at the outset, but sometimes someone’s laziness to not wake up early can cause a huge lag! The rewards of rising early are plenty. If you are wondering how to wake up early effortlessly, and that too without an alarm, join Sneh’s Signature Event ‘Change Your Life’. You’re literally giving yourself enough time and energy to rejuvenate, organize and inspire yourself to push your own boundaries. Early morning you can do a lot of activities that remain neglected in the later hours of the day – like exercising, reading, pursuing a lifelong hobby etc. All of these things seem invisible in helping you attain your goals but add a great deal in shaping your moods and thus, helps you to persevere.
Besides these, learn some amazing habits to make you stay focused on your goals and to eventually get the success you desire with Sneh’s ‘Winning Habits’ DVD.

किसी भी ध्येय की ओर काम करते वक्त हर विकर्षण से दूर रहना

पहली बात पहले, यह मान लेना छोड़ दें कि सामाजिक माध्यमों के आगमन से पहले हमारा जीवन ध्येय केन्द्रित था और कोई विकर्षण नहीं थे| आज उन ‘कुख्यात बैसाखियों’ – ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप्प, इत्यादि को अपने ध्यान विकेंद्रीकरण व आस्था के आभाव के लिए दोषी ठहराना बहुत ही सुविधाजनक हो गया है| यह बात कहकर स्थापित करने के बाद, आओ गहराई में जाकर, अपने जीवन के हर विकर्षण को, किसी विशिष्ट ध्येय की ओर बढ़ते वक्त दूर रखने के उपाय देखें| इस ध्येय का अच्छा महत्त्व होना चाहिए, कुछ लाभप्रद, जिसके लिए अपना सारा जीवन पूरी तरह से बदलना उचित हो! यह कुछ भी हो सकता है – परीक्षा में प्रथम आने से वज़न घटाने तक|

१. अपने दुश्मन को दोस्त बनाओ: कमरे में के हाथी के बारे में सोचना तो पडेगा ही और उसे किसी भी तरह से अपना दोस्त बनना पड़ेगा| किसी कारण से, हम ऐसे बने हैं की जितना हम किसी बात से दूर भागें वह उतना ही हमारे पीछे आती है और हमें सताती है| अतः विकर्षणों से नफ़रत करने के बजाय हम उन्हें काफी उपजाऊ तरीकों से उपयुक्त कर सकते हैं| अपने विकर्षणों को अपने जुनून व लक्ष्य को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त करें| ठीक है, इस तरीके की अपनी खामियाँ हैं और अत्यधिक संयम की जरूरत होती है, लेकिन यह एक शुरुआत है| यदि ‘इडियट बॉक्स’ आपकी कमजोरी है तो – उसे हर समय चलाने के बजाय केवल दोपहर के व रात के खाने के वक्त ही चलाओ| यदि फोन आपका दुश्मन है तो – ऐसे एप्प ढूंढिए जो आपको उससे दूर रहने में मदद करें, जैसे ‘ऑफ़ टाइम’| बाकि हर अवसर पर वह सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद सखीए जो आपको आपके लक्ष्य से दूर ले जाते हैं| खुद को अपनी कमजोरी से वंचित मत रखिये; केवल उनके आप पर के काबू पर नियंत्रण पाना सीखिए|

२. पार्श्व संगीत को बंद कीजिये: कई लोग कहते हैं कि वे बेहतर और अधिक उपजाऊ तरीके से तब काम कर सकते हैं जब वे संगीत सुनते हैं| परन्तु जब सही में वक्त के साथ दौड़ लगी हो और आप को कमर कसने की जरूरत हो तो शांत वातावरण में काम करें और अपने विचारों को काफी सारा अवकाश दें ताकि वे ठीक से विकसित हो सकें| हाँ, संगीत आपके मन को प्रसन्न कर सकता है और जब आप तनावपूर्ण स्तिथि से गुज़र रहे हों तब आपकी परेशानी कुछ हद तक कम करता है, लेकिन उन धुनों को बाद में सुनिए – संभवतः कार्य या योजना पूरे होने के बाद|

३. हर चीज़ आयोजित करो: ‘हर चीज़’ मतलब ‘हर एक चीज़’| काम पूरा करने के लिए आपके बैठने का स्थल पहले से ही नियत होना चाहिए – जहाँ आप हर विघ्न से मुक्त हों| अपने फ़र्ज़ पहले से ही आयोजित करने से आपको विकर्षणों के सामने हार ना मानने में मदद होगी जिससे आप टालमटोल से बच जायेंगे| और फिर, जितना काम पूरा करना है उसे, काम शुरू करने से पहले ही आंक लेना चाहिए| इससे आपके हाथ में अधिक नियंत्रण रहता है|

४. नज़र रखें: अधिक सावधान रहना सीखिये और खुद पर नियंत्रण रखिये| इससे आप अपने विकर्षण के कारण को तुरंत पकड़ सकेंगे और उसका आप पर जो काबू है उसका उपाय कर सकेंगे| साथ ही, अपने लक्ष्य पर भी ध्यान दीजिये, अर्थात, खुद को याद दिलाते रहिये कि उसे हासिल करना आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है| ऐसा करने से आपकी प्रमुखतायें स्थापित हो जायेंगीं| यदि आपको सचमुच कुछ पाना है लेकिन विकर्षणों का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, तो
स्नेह देसाई का सबसे बेहतरीन परिणाम-देय उत्पादन ‘द लास्ट लैप’ ले आयें| विकर्षण दो तरह के होते हैं: आतंरिक व बाह्य; पहले अपनी भावनाओं और ज़ज्बातों पर नज़र रखिये और फिर उन बातों का अर्थ लगाएं जो आपको निराश कर सकती हैं| कभी-कभी एक दखल देने वाला सहकर्मी भी बहुत उध्दत हो सकता है, लेकिन एक बार आप नज़र रखने लगेंगे तो आपको उसका सामना कैसे करना है यह भी पता चल जायेगा|

५. सवेरे का पंछी: शुरुआत में यह सरल लगता है, लेकिन कभीकभार खुद का जल्दी ना उठने का आलस बहुत ज्यादा पिछड़ जाने का कारण हो सकता है| सुबह जल्दी उठने के कई फायदे हैं| यदि आप बिना कष्ट के सुबह जल्दी कैसा उठा जाए, और बह भी ‘अलार्म’ के बगैर, ऐसा सोच रहे हैं तो स्नेह देसाई के चिन्हक कार्यक्रम ‘चेंज यौर लाइफ’ में जुड़ जाएँ| आप सचमुच अपनी सीमायें विस्तृत करने के लिए खुद को फिर से जवान होने, आयोजित होने, तथा प्रेरित होने के लिए पर्याप्त समय व उर्जा दे रहे हैं| सुबह सवेरे आप ऐसी कई सारी प्रवृत्तियाँ कर सकते हैं, जो दिन के बाद के समय में नज़रंदाज़ हो जाती हैं – जैसे, कसरत करना, पढना, जीवन भर का कोई शौक पूरा करना, आदि| यह सारी बातें भले ही आपको अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए अस्पष्ट लगे लेकिन यही बातें आपकी मनोदशा ठीक करने व रखने में बहुत अच्छा काम करती हैं, जिससे आपको लक्ष्य प्राप्ती में लगे रहने के लिए सहायता मिलती है|
इनके अलावा, स्नेह देसाई की ‘विनिंग हैबिट्स’ डीवीडी की मदद से कुछ अद्भुत आदतें सीखो जो आपको अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करवाती तथा रखवाती हैं, जिससे अंततः आप मनचाही सफलता प्राप्त करते हो|

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