fbpx Skip to content

Taking individuals and building a team out of their highly varied opinions, point of views and perspectives is extremely essential in any workplace. Team building is the sign of an excellent leader. To take completely different group of individuals and make a cohesive team is not as easy as it sounds. They need to be united by something that all of them equally care about irrespective of their different traits. And a leader should know what unites them to ensure that the team is motivated and is ready to work together in spite of sometimes irreconcilable differences. Hence, let’s look at the three fundamental ways to excellent team building:-

1. Diversity

– The most staple method of team building is to unite and bring together a diverse group of individuals. Instead of looking at their differences as a hindrance, you can use different perspectives to unite a bunch of people and motivate them in order to get out-of-the-box ideas. Diversity enables groups to work at their full potential. If all of the people in a group come from different economical and cultural backgrounds you can get a deep insight into various points of views, thus analyzing problems with wider examination. Diversity also brings about a very healthy way of introducing constructive conversation. Also, a diverse team will give you a great range of aspirations and goals to work towards. Diverse teams also show a certain sense of balance within the organisation. Because sometimes it can be a problem if your team-workers actually look, think and act alike – that way you are bringing nothing new to the table. However, make sure there is a right balance, because without a good mix a divisive team will not be able to make good decisions because of the friction that is caused between them due to difference of opinion.

2. Competence

– The easiest way to build a team is to gather competent people. If you are more concerned about the quality of work based on the knowledge of every individual and their particular qualification, then choose competence as your method of building a team to work together. Competent people don’t necessarily see eye-to-eye but all of them are united by their spirit and love for what they do. This means that all of them can work effectively and quite efficiently, especially during testing times and are able to meet deadlines. If you gather a group of competent individuals, chances are that you shall not have to be very explanatory or elaborate in your meetings because your team will inherently understand tasks, as well as you. However, one challenge that you shall face with competent individuals is their constant need to better each other which could harm team-spirit. If you think you can handle their specific ambitions then competence is one of the most tried and tested route of team building.

3. Uniform

– If you are looking for true unity in your team, bring together people who share goals and have great interpersonal relationships. People who are unafraid to talk amongst themselves through a crisis and can generally share almost (if not completely) the same kind of vision for their work. Such individuals have the same kind of working style, so a chance of friction amongst them is rare. So whenever you create an action plan, a uniform team can engage at it quite willingly. The best part is that even if you were to delegate the said action plan to them separately, these individuals would take each others’ help to complete the task eventually, even if they were not a team. Such qualities can help bring about clarity of thought, action and efforts within your organization. Even if there is a slack of any kind, a uniform team can bring each other up to help each other reach their highest potential. One of the reasons this team could face difficulties is if they are no longer deriving something new out of working together or are not able to have fun while working.

Thus, team building is as simple as you want to make it. Find a mix that you want. However, the bottom line is that even if you do not get the best mix a lot of the team-outcome clearly depends on the kind of leadership that you provide. Hence, make sure to take initiative and give your team new and exciting work, and unite them irrespective of their contrasting tastes and working styles by motivating them towards a common goal!

उत्कृष्ट दल निर्माण करने के तीन तरीके
अलग अलग लोगों को साथ लेकर उनके विभिन्न मतों के साथ, अलग द्रष्टिकोणों और परिपेक्ष्यों के साथ दल का निर्माण करना किसी भी काम की जगह पर अत्यधिक ज़रूरी होता है| उत्कृष्ट दल का निर्माण करना अच्छे नेता की निशानी है| अलग अलग समुदाय के लोगों को लेकर एक संसक्त दल बनाना, लगता है उतना आसान नहीं है| उनकी अलग अलग विशेषताओं के बावजूद वे जिस विषय की परवाह करते हैं, उन्हें उस एक बात पर संगठित करना ज़रूरी है| और नेता को यह बात मालूम होनी चाहिए की किस बात को ले कर वे सब एक जुट होंगें ताकि, परस्पर विरोधी विचारों के बावजूद, दल अभिप्रेरित हो और साथ काम करने को तैयार हो| अतः, आओ हम उत्कृष्ट दल बनाने के तीन मूलभूत सिध्दांतों (तरीकों) को देखें:-

१. विविधता

– अलग अलग व्यक्तियों को इकठ्ठा कर के एक जुट करना ही दल बनाने की सबसे प्रधान रीत है| उनके बीच के मतभेदों को अड़चन न मानते हुए, अलग योजनाओं का उपयोग करते हुए अलग अलग लोगों के समूह को उत्तेजित करके आप उनसे विभिन्न तथा नवीनतम ख्याल पा सकते हैं| अपने पूरे सामर्थ्य के साथ काम करने के लिए विविधता उन्हें समर्थ बनाती है| दल के सारे सदस्य अलग अलग आर्थिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों से आते हों तो आपको अलग अलग मुद्दों की गहरी परख मिलेगी – इस तरह से एक ही मसले का विषद परिक्षण होगा| विविधता से सकारात्मक गोष्टी की शुरुआत करने की एक स्वस्थ रीत प्राप्त होती है| साथ ही विविधता वाले दल के कारण आपको आकांक्षाओं व लक्ष्यों की अधिक विस्तृत श्रुंखला पर काम करने का मौका मिलेगा| विविधता वाले दल संस्था में संतुलन का आभास भी कराते हैं| क्योंकि यदि आपके दल के सारे सदस्य यदि एक जैसे दिखते, सोचते और कार्य करते हों तो समस्या खड़ी हो सकती है – क्योंकि इसके कारण आप कुछ भी नया नहीं दे पा रहे हो| फिर भी, यह निश्चित करें की संतुलन बना रहे, क्योंकि, यदि उनमें अच्छा तालमेल ना हो तो, पारस्परिक मतभेदों से उत्पन्न होने वाले घर्षण के कारण विविधता वाले दल के सदस्य कभी भी सही निर्णय नहीं ले सकेंगे|

२. योग्यता

– योग्यता वाले लोगों को इकट्ठा करना ही दल बनाने का सबसे सरल तरीका है| अगर आप काम की उत्कृष्टता के लिए चिंतित है जो हर एक के ज्ञान और काबिलियत पर आधारीत है, तो फिर आप योग्यता को ही मापदंड रखते हुए लोगों का चुनाव दल निर्माण के लिए करें| योग्यता वाले लोग हरबार सहमत नहीं होते परन्तु अपनी भावनाओं तथा काम के प्रति प्यार के कारण एकजुट होते हैं| इसका मतलब है कि यह सारे लोग असरकारक तरह और निपुणता से काम करा सकते हैं खास कर कसौटी के समय में और निर्धारित वक्त में काम पूरा भी कर सकते हैं| अगर आप योग्य लोगों का दल बनाते हैं तो उनको मुलाकात के दौरान विस्तार से हर बात समझानी नहीं पड़ेगी क्योंकि आपका दल सहज रूप से ही काम को और आपको भी समझ जाएगा| फिर भी, एक चुनौती जिसका सामना आपको योग्य लोगों के दल में करना पडेगा वह है, उनकी एक दुसरे से अच्छा करने की चाहत जिसके कारण कभी कभी दलभावना को हानि पहुँच सकती है| अगर आप को लगता है की आप उनकी विशिष्ट चाहत को संभाल पाएँगे तो योग्यता के आधार पर दल का निर्माण करना सबसे सुयोग्य व सुनिश्चित रीत है|

३. समानता

– अगर आप अपने दल में पक्की एकता चाहते हैं तो ऐसे लोगों को साथ लाइए जिनके लक्ष्य एक सामान हों, और जिनके एक दूसरे के साथ अच्छे सम्बन्ध हों (अंतर्वैयातिक सम्बन्ध अच्छे हों)| जो लोग संकट की स्थिति में भी एक दूसरे से बातचीत करने में नहीं डरते वे अधिकतर बार अपने काम के प्रति (पूरी तरह से नहीं, फिर भी) करीबन एक समान परिकल्पना रखते हैं| इन लोगों की काम करने की पध्धति एक जैसी होती है तो उन में घर्षण की शक्यता एकदम कम होती है| अतः आप जब भी कोई काम की परियोजना बनाते हैं तब यह सारे एक समान योग्यता वाले उस में उत्साह से जुट जाते हैं| अबसे अच्छी बात तो यह है कि, अगर आप यही परियोजना हर एक को अलग से सोंपते है फिर भी यह लोग, एक दल नहीं होते हुए भी, एक दुसरे की मदद ले कर काम पूरा करते हैं| ऐसे गुणों से आपकी संस्था में विचारों, कार्यों, तथा परिश्रम की शुध्दता दिखाई देगी| अगर किसी तरह की मंदी आती भी है तो भी इस दल के सदस्य एक दूसरे की मदद से अपने सर्वोत्तम सामर्थ्य को पाएँगे| ऐसे दल को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकने का एक कारण है यदि ऐसा दल काम के दौरान कुछ नया नहीं कर पा रहा हो, या काम करते वक्त मजा नहीं आ रहा हो|

इस तरह दल का निर्माण करना आप चाहो उतना सरल कर सकते हो| आपको जैसा चाहिए वैसा मिश्रण लें| आपको मिश्रण चाहे अच्छा न भी मिला हो, दल का कार्य-परिणाम आप कैसा नेतृत्व करते हैं उस पर निरभर है| तो ध्यान रहे कि आप अगुआई लें और अपने दल को नया और उत्साह से भरा काम दें, और उनकी विरोधी रूचियों, या काम करने के तरीके अलग होने के बावजूद उन्हें उत्साहित करते हुए अपने समान लक्ष्य की ओर ले जाएँ!

Shopping cart